सिसवा हादसे में कार्रवाई की मांग तेज, पीड़ित परिवार ने डीएम को सौंपा प्रार्थना पत्र
नगर पालिका अध्यक्ष, ईओ, जेई समेत अन्य जिम्मेदार अधिकारियों पर एफआईआर दर्ज कराने की उठाई मांग
महराजगंज/सिसवा बाजार
सिसवा नगर पालिका क्षेत्र के निर्माणाधीन अमृत सरोवर में तीन मासूम बच्चों की डूबकर हुई दर्दनाक मौत के मामले में अब कार्रवाई की मांग तेज हो गई है। शुक्रवार को पीड़ित परिवार के सदस्य जिलाधिकारी महराजगंज से मिले और उन्हें एक प्रार्थना पत्र सौंपकर घटना के वास्तविक दोषियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की मांग की।
प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया गया है कि निर्माणाधीन अमृत सरोवर में सुरक्षा मानकों की अनदेखी की गई। पोखरे की अधिक गहराई होने के बावजूद न तो बैरिकेडिंग कराई गई और न ही चेतावनी संबंधी बोर्ड लगाए गए, जिसके कारण यह हादसा हुआ।
पीड़ित पक्ष का कहना है कि निर्माण कार्य में अनियमितताओं और लापरवाही की शिकायत पहले भी की गई थी। शिकायत के बाद 20 जुलाई 2026 को जांच समिति का गठन हुआ, लेकिन समय रहते न तो निर्माण कार्य रोका गया और न ही सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की गई। यदि समय पर आवश्यक कार्रवाई होती तो यह दुर्घटना टाली जा सकती थी।
प्रार्थना पत्र में केवल ठेकेदार ही नहीं, बल्कि नगर पालिका अध्यक्ष, अध्यक्ष प्रतिनिधि, अधिशासी अधिकारी (ईओ), संबंधित अवर अभियंता (जेई) तथा निर्माण कार्य की निगरानी और सुरक्षा के लिए जिम्मेदार अन्य अधिकारियों की भूमिका की भी निष्पक्ष जांच कर उनके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) एवं अन्य प्रासंगिक धाराओं में एफआईआर दर्ज करने की मांग की गई है।
पीड़ित परिवार ने प्रशासन से निष्पक्ष विवेचना कर दोषियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की है, ताकि मृतक बच्चों के परिजनों को न्याय मिल सके।