
बिहार पुलिस की महिला सिपाही की हत्या,पति को 10 साल की सजा:शादी के 4 महीने बाद मर्डर
#मुजफ्फरपुर के बेनीबाद थाना में कार्यरत महिला सिपाही गुंजन कुमारी की मौत के मामले में कोर्ट ने उसके पति राहुल कुमार को 10 साल की सजा सुनाई है। एडीजे-8 की अदालत ने 28 सितंबर को राहुल को दोषी करार दिया था।बुधवार 30 सितंबर को सजा के बिंदु पर सुनवाई के बाद उसे 10 साल के कारावास की सजा सुनाई गई। राहुल कटिहार के नगर थाना क्षेत्र के दुर्गापुर कोठी का रहने वाला है। मृतका गुंजन कुमारी की उम्र करीब 25 वर्ष थी और उसका मायका मधेपुरा के रतवारा थाना क्षेत्र के भवानीपुर बासा में था।
अभियोजन की ओर से मामले में आजीवन कारावास की मांग की गई थी। हालांकि, अदालत ने राहुल को धारा 304 के तहत 10 साल की सजा सुनाई। बचाव पक्ष के अधिवक्ता राधा मोहन सिंह के अनुसार, मामले में कोई प्रत्यक्षदर्शी नहीं था और परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के आधार पर सुनवाई हुई। इस मामले में कुल 7 लोगों की गवाही हुई।गुंजन के भाई नीतीश कुमार ने कहा कि करीब तीन साल बाद मिली सजा से परिवार को संतोष है, लेकिन उनकी उम्मीद इससे ज्यादा कड़ी सजा की थी। उन्होंने कहा कि परिवार इस संबंध में अपने वकील से बात करेगा और जरूरत पड़ी तो ऊपरी अदालत में अपील करेगा।
गुंजन कुमारी वर्ष 2018 से मुजफ्फरपुर जिला बल में कार्यरत थी। वह बेनीबाद थाना में सिपाही के पद पर तैनात थी। परिवार के अनुसार, उसकी शादी कटिहार निवासी राहुल कुमार से हुई थी। राहुल उस समय फ्लेक्स प्रिंटिंग का काम करता था।मृतका के भाई नीतीश कुमार के अनुसार, शादी के कुछ समय बाद ही गुंजन को दहेज के लिए प्रताड़ित किया जाने लगा। परिवार की ओर से आरोप लगाया गया कि राहुल और उसके परिजन लगातार पैसे की मांग करते थे। राहुल ने कार खरीदने के लिए भी दबाव बनाया था।
गुंजन बेनीबाद थाना में तैनात थी। परिवार के अनुसार, राहुल ने उसके सरकारी क्वार्टर के पास ही कमरा ले लिया था और वहीं रहने लगा था। भाई नीतीश का आरोप है कि इस दौरान वह लगातार गुंजन से पैसे की मांग करता था।परिवार के मुताबिक, राहुल के दबाव में गुंजन ने अपने नाम पर करीब 10 लाख रुपए का लोन कराया और सेकंड हैंड कार खरीदी गई। नीतीश के अनुसार, 21 सितंबर 2023 को लोन की प्रक्रिया पूरी हुई और कार खरीदी गई थी। इसके कुछ ही दिन बाद 26 सितंबर को गुंजन की मौत हो गई।