
बांकीपुर के बाद बदली बिहार BJP की रणनीति? सवर्ण वोटरों को साधने की कवायद तेज।
बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र में हालिया राजनीतिक समीकरणों के बाद बिहार में बीजेपी की चुनावी रणनीति में बदलाव के संकेत मिल रहे हैं। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि UGC मुद्दा, पेपर लीक और भोजपुर के भरत तिवारी एनकाउंटर जैसे मामलों के बाद पार्टी अपने कोर सवर्ण वोटर को लेकर नए सिरे से मंथन कर रही है।
सूत्रों के मुताबिक पार्टी को लगता है कि नाराज सवर्ण मतदाताओं का एक हिस्सा जन सुराज की ओर गया है। इसे देखते हुए अब डैमेज कंट्रोल की कोशिश शुरू हुई है।
सरकार के 4 बड़े फैसले / वादे जो चर्चा में हैं:
1. सवर्ण आयोग सक्रिय: आयोग ने जिला नोडल अधिकारी नियुक्त किए हैं, ताकि शिकायतों के लिए लोगों को पटना न आना पड़े, जिला स्तर पर ही सुनवाई हो सके।
2. भरत तिवारी एनकाउंटर पर न्यायिक जांच: भोजपुर के बिलौटी गांव में 17 जून को हुए एनकाउंटर पर उठे सवालों के बाद सीएम सम्राट चौधरी ने रिटायर्ड हाईकोर्ट जज से न्यायिक जांच का आदेश दिया है। साथ ही 4 पुलिसकर्मियों को सस्पेंड भी किया गया था।
3. परिवार से मुलाकात: 24 जुलाई को सीएम सम्राट चौधरी ने पटना में भरत तिवारी के परिजनों (मां आशा देवी, बहन, भाभी) से मुलाकात कर निष्पक्ष जांच और न्याय का भरोसा दिया। इस मुलाकात के बाद SDPO और SDM पर कार्रवाई की खबर भी आई। सरकार की ओर से परिवार को आर्थिक मदद और एक सदस्य को सरकारी नौकरी के आश्वासन की भी चर्चा है, हालांकि परिजन अभी भी पूर्ण न्याय की मांग कर रहे हैं।
4. EWS के लिए योजनाएं: सरकार सवर्ण आयोग की सिफारिशों पर विचार कर रही है, जिसमें EWS छात्रों के लिए प्रतियोगी परीक्षाओं की मुफ्त कोचिंग और आवासीय स्कूलों में EWS/सवर्ण छात्रों के दाखिले को बढ़ाना शामिल है।
यह पूरी कवायद 2025-26 के चुनावी समीकरणों के लिहाज से अहम मानी जा रही है।
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