
अंतरजातीय विवाह को बढ़ावा देने के लिए सरकार द्वारा बड़ी पहल की गई है। इस योजना के तहत ऐसे जोड़ों को आर्थिक सहायता के रूप में अधिकतम 5 लाख रुपये तक दिए जा रहे हैं। खासतौर पर उन विवाहों को प्रोत्साहन दिया जा रहा है, जहां एक पक्ष अनुसूचित जाति से और दूसरा अन्य वर्ग से संबंधित हो।
योजना का उद्देश्य समाज में जातिगत भेदभाव को कम करना और सामाजिक समरसता को बढ़ावा देना है। इस आर्थिक सहायता का लाभ लेने के लिए विवाह का विधिवत पंजीकरण होना अनिवार्य है। साथ ही, आवेदन करने वाले जोड़े को संबंधित विभाग में निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन करना होगा।
सरकार की ओर से दी जाने वाली यह राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खाते में ट्रांसफर की जाती है। हालांकि, इसके लिए कुछ शर्तें भी तय की गई हैं, जिनका पालन करना जरूरी है।
यह योजना न केवल अंतरजातीय विवाह को प्रोत्साहित करती है, बल्कि ऐसे जोड़ों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने में भी मददगार साबित हो रही है। सरकार को उम्मीद है कि इससे समाज में सकारात्मक बदलाव आएगा और समानता की भावना मजबूत होगी।
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Jawa, Rewa | Aug 11, 2026