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Jansampark Bhopal

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प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना से साकार हुआ मनोरंजन और रोजगार का अनूठा केंद्र

रिवर साइड एक्वा पार्क बना मत्स्यपालन, पर्यटन और स्वरोजगार का संगम

   प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना ने पारंपरिक मत्स्यपालन को नई दिशा देते हुए इसे मनोरंजन, पर्यटन और स्वरोजगार से जोड़ने की संभावनाओं को साकार किया है। भोपाल जिले के विकासखंड फंदा के ग्राम ईटखेड़ी में श्री जलील मो. खान द्वारा स्थापित ‘रिवर साइड एक्वा पार्क’ इसका एक प्रेरक उदाहरण है। वर्ष 2022-23 में स्थापित यह इकाई आज मत्स्यपालन के साथ-साथ मनोरंजक गतिविधियों और विभिन्न आयोजनों के माध्यम से आय का अतिरिक्त स्रोत बन चुकी है।

   भोपाल शहर से लगभग 17 किलोमीटर दूर हलाली नदी के किनारे स्थित रिवर साइड एक्वा पार्क का निर्माण इस उद्देश्य से किया गया कि आगंतुकों को मत्स्यपालन से जोड़ने के साथ उन्हें मनोरंजन और परिवार के साथ गुणवत्तापूर्ण समय बिताने की सुविधाएं भी उपलब्ध हो सकें।

लगभग 0.40 हेक्टेयर भूमि पर विकसित इस इकाई में सर्वप्रथम 0.50 हेक्टेयर क्षेत्रफल में तालाब का निर्माण किया गया। तालाब में लाइनर लगाकर जल संरक्षण की व्यवस्था की गई है। तालाब के समीप बनाए गए प्लेटफॉर्म से आगंतुक मत्स्यपालन की गतिविधियों को नजदीक से देख सकते हैं और एंगलिंग के माध्यम से फिशिंग का आनंद भी ले सकते हैं।

   तालाब में मछलियों के साथ बत्तख पालन भी किया जा रहा है। आगंतुकों के लिए फ्लोटिंग फिश फूड के छोटे पैकेट उपलब्ध कराए जाते हैं, जिन्हें तालाब में डालने पर मछलियों को आहार ग्रहण करते हुए देखना बच्चों और परिवारों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बनता है।

    रिवर साइड एक्वा पार्क में आगंतुकों के मनोरंजन के लिए मीडियम आकार का स्विमिंग पूल भी निर्मित किया गया है। परिवार के साथ आने वाले लोग यहां तैराकी का आनंद ले सकते हैं।

जल मनोरंजन को और आकर्षक बनाने के लिए तालाब में पैडल बोट की सुविधा उपलब्ध है। विशेष अवसरों पर बोट पर समारोह आयोजित किए जाते हैं, जिससे उपलब्ध संसाधनों के माध्यम से अतिरिक्त आय अर्जित हो रही है।

तालाब में उत्पादित ताजी मछलियों को आगंतुकों के लिए उपलब्ध कराने हेतु परिसर में फूड कोर्ट भी स्थापित किया गया है। यहां मछलियों से तैयार विभिन्न व्यंजन आगंतुकों को परोसे जाते हैं। इस प्रकार मत्स्य उत्पादन को सीधे उपभोक्ताओं और मनोरंजन गतिविधियों से जोड़ने का अभिनव प्रयास किया गया है।

    एक्वा पार्क में एक बड़ा लॉन विकसित किया गया है, जहां कॉर्पोरेट मीटिंग, जन्मदिन समारोह, प्री-वेडिंग फोटो शूट, नाइट कैंपिंग और स्कूल पिकनिक जैसे आयोजन किए जा सकते हैं। इसके अतिरिक्त छोटे समारोहों के लिए बैंक्वेट हॉल तथा खान-पान की व्यवस्था के लिए बड़ा किचन भी निर्मित किया गया है।

  इस तरह रिवर साइड एक्वा पार्क केवल मत्स्यपालन केंद्र न रहकर परिवारों, युवाओं, विद्यार्थियों और विभिन्न आयोजनों के लिए मनोरंजन एवं पर्यटन का बहुउद्देशीय केंद्र बन रहा है। रिवर साइड एक्वा पार्क की स्थापना के लिए हितग्राही द्वारा प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के अंतर्गत आवेदन प्रस्तुत किया गया। जिला स्तरीय समिति के अनुमोदन के बाद इकाई का निर्माण पूर्ण किया गया।

इकाई की लागत ₹50.00 लाख रही, जिस पर नियमानुसार पुरुष हितग्राही को ₹20.00 लाख की अनुदान राशि प्रदान की गई।

हितग्राही श्री जलील मो. खान बताते हैं कि एक्वा पार्क के निर्माण के बाद धीरे-धीरे लोगों का यहां आना शुरू हुआ। बीते एक वर्ष में विभिन्न आयोजनों से प्रारंभिक रूप से औसतन लगभग ₹60 हजार प्रतिमाह आय अर्जित हुई। वहीं तालाब में मत्स्यपालन एवं मत्स्याखेट के माध्यम से लगभग 12 मीट्रिक टन पंगेसियस मछली का उत्पादन किया गया, जिसके बाजार में विक्रय से लगभग ₹8 लाख की आय प्राप्त हुई।

इस प्रकार एक वर्ष में एक्वा पार्क से लगभग ₹15 लाख की आय अर्जित हुई है। साथ ही स्थानीय लोगों को पार्क की विभिन्न व्यवस्थाओं में रोजगार से जोड़कर उनके लिए रोजगार के अवसर भी सृजित किए जा रहे हैं।

हलाली नदी के किनारे स्थित होने के कारण रिवर साइड एक्वा पार्क में भविष्य में उचित अनुमति प्राप्त कर नदी क्षेत्र में विभिन्न जल क्रीड़ा गतिविधियां संचालित करने की योजना बनाई जा रही है। इससे पार्क में अतिरिक्त आय के अवसर सृजित होने के साथ-साथ स्थानीय ग्रामीणों के लिए रोजगार के और नए अवसर उपलब्ध हो सकेंगे।

रिवर साइड एक्वा पार्क यह दर्शाता है कि योजनाबद्ध तरीके से मत्स्यपालन को मनोरंजन, पर्यटन, खाद्य सेवाओं और आयोजन गतिविधियों से जोड़कर एक ही परिसर में आय के अनेक स्रोत विकसित किए जा सकते हैं।

प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के सहयोग से श्री जलील मो. खान द्वारा स्थापित यह एक्वा पार्क न केवल मत्स्यपालन को बढ़ावा दे रहा है, बल्कि ग्रामीण क्षेत्र में स्वरोजगार, स्थानीय रोजगार और आर्थिक गतिविधियों के विस्तार का माध्यम भी बन रहा है। यह पहल मत्स्यपालन को पारंपरिक व्यवसाय से आगे ले जाकर उसे आधुनिक, आकर्षक और बहुआयामी गतिविधि के रूप में विकसित करने की दिशा में एक प्रेरक उदाहरण प्रस्तुत करती है।

CM Madhya Pradesh 
Jansampark Madhya Pradesh 
Department of Fisheries, Madhya Pradesh 
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Video 1
भोपाल में 3 अक्टूबर को केंद्रीय मंत्री श्री Amit Shah एवं मुख्यमंत्री Dr Mohan Yadav  की उपस्थिति में होगा राज्य स्तरीय गौपालक सम्मेलन।

विकास कार्यों का शुभारंभ, दुग्ध उत्पादकों को बोनस वितरण और गौपालक दीदियों का सम्मान सहित विभिन्न कार्यक्रम होंगे।

CM Madhya Pradesh Ministry of Cooperation, Government of India  
Vishvas Kailash Sarang  Jansampark Madhya Pradesh  <nis:link nis:type=tag nis:id=sahkarsesamriddhi nis:value=SahkarSeSamriddhi nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=सेवा_संकल्प_अभियान nis:value=सेवा_संकल्प_अभियान nis:enabled=true nis:link/>
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Video 3
गौपालक सम्मेलन 3 अक्टूबर को, केंद्रीय सहकारिता एवं गृह मंत्री अमित शाह देंगे सौगातें

- 35 हजार से अधिक गौपालक होंगे शामिल
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मध्यप्रदेश में होगा दुग्ध क्रांति का सूत्रपात
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पशुपालक दीदियों का भी होगा सम्मान

भोपाल। मध्यप्रदेश में दुग्ध क्रांति के सूत्रपात के लिए केंद्रीय सहकारिता एवं गृहमंत्री अमित शाह के मुख्य आतिथ्य और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में 3 अक्टूबर को भोपाल में गौपालक सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। पशुपालन एवं डेयरी विभाग द्वारा भेल दशहरा मैदान में आयोजित होने वाले सम्मेलन में 35 हजार से अधिक गोपालक शामिल होंगे।
 
कार्यक्रम में केंद्रीय सहकारिता एवं गृहमंत्री अमित शाह पशुपालन के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाली गौपालक दीदियों को सम्मानित करेंगे। साथ ही वे डॉ. भीमराव अंबेडकर कामधेनु योजना के स्वीकृति पत्र का वितरण भी करेंगे। केंद्रीय सहकारिता मंत्री शाह उज्जैन में 3 लाख लीटर प्रसंस्करण क्षमता वाले अत्याधुनिक डेयरी प्लांट का वर्चुअल तरीके से भूमि-पूजन भी करेंगे। वे भोपाल में तैयार 40 हजार लीटर उत्पादन क्षमता वाले फर्मेंटेड प्रोडक्ट डेयरी प्लांट और मध्यप्रदेश स्टेट को-ऑपरेटिव डेयरी फेडरेशन भोपाल के परिसर में बनाई गई सहकारी क्षेत्र की पहली अत्याधुनिक राज्य स्तरीय डेयरी परीक्षण प्रयोगशाला और मिनी डेयरी संयंत्र शिवपुरी का शुभारंभ भी करेंगे। 

दुग्ध उत्पादकों को बोनस राशि का वितरण

केंद्रीय सहकारिता एवं गृहमंत्री अमित शाह सम्मेलन में भोपाल और इंदौर दुग्ध संघ के दुग्ध उत्पादकों को बोनस राशि का वितरण करेंगे। इसके अलावा प्रदेश सरकार द्वारा पंजीकृत एवं संचालित गौशालाओं में संरक्षित गोवंश के रखरखाव एवं भरण-पोषण के लिए माह जुलाई और अगस्त 2026 की अनुदान राशि का ऑनलाइन डीबीटी के माध्यम से वितरण करेंगे। यह राशि गौशालाओं में दर्ज गोवंश के समुचित व्यवस्थापन, आहार एवं भरण-पोषण के लिए दी जाती है।
Amit Shah 
CM Madhya Pradesh 
Department of Animal Husbandry, Madhya Pradesh 
Jansampark Madhya Pradesh 
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Video 5
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गाँधी जयंती  पर कुशाभाऊ ठाकरे  इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर परिसर स्थित राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की।

CM Madhya Pradesh 
Jansampark Madhya Pradesh 
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राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी की जयंती पर सादर नमन। 🙏

सत्य, अहिंसा और श्रम की गरिमा का उनका संदेश आज भी हमें निरंतर प्रेरणा देता है। उनके आदर्शों को अपने जीवन और कार्यों में अपनाकर हम एक सुरक्षित, समान और सशक्त समाज के निर्माण में योगदान दे सकते हैं।

श्रम की गरिमा • सत्य • अहिंसा • सेवा

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Video 8
Video 9
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स्वच्छता से सेवा की शुरुआत

‘सेवा मेरा योगदान’ अभियान | 2 अक्टूबर

▶️ ‘स्वच्छता ही सेवा’ एवं वृक्षारोपण अभियान के साथ
स्वच्छता कर्मियों का सम्मान और प्लास्टिक मुक्त परिसर का संकल्प।

▶️ स्वच्छता के लिए जनभागीदारी, सेवा के लिए सामूहिक संकल्प।

Dr Mohan Yadav 

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स्वच्छता ही सेवा-2026 के तहत “एक दिन, एक घंटा, एक साथ” स्वच्छता श्रमदान कार्यक्रम आयोजित

      स्वच्छता ही सेवा-2026 एवं “स्वच्छता में सहभागिता—स्वच्छ भारत, विकसित भारत” अभियान के अंतर्गत जिले में 17 सितंबर से 02 अक्टूबर 2026 तक विभिन्न स्वच्छता गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है।

       कलेक्टर श्री प्रियंक मिश्रा एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्रीमती इला तिवारी के निर्देशन में जिले की समस्त ग्राम पंचायतों में “एक दिन, एक घंटा, एक साथ” स्वच्छता श्रमदान कार्यक्रम आयोजित किया गया।

    अभियान के दौरान जिले में 447 किलोग्राम प्लास्टिक, 1112 किलोग्राम मिश्रित कचरे का संग्रहण किया गया तथा 167 घूरों की साफ-सफाई की गई। कार्यक्रम में ग्राम पंचायतों के जनप्रतिनिधियों के साथ अधिकारी-कर्मचारियों ने सक्रिय सहभागिता निभाई।

   इसी क्रम में भारत सरकार के जल शक्ति मंत्रालय के जल संसाधन, नदी विकास एवं गंगा संरक्षण विभाग के अंतर्गत केंद्रीय भूमि जल बोर्ड, उत्तर मध्य क्षेत्र, भोपाल द्वारा ग्राम कान्हा सैयां में 01 अक्टूबर को स्वच्छता ही सेवा-2026 अभियान के तहत स्वच्छता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम के दौरान घोड़ा पछाड़ डेम में दीप प्रज्ज्वलित कर जलाशय एवं आसपास के क्षेत्र की साफ-सफाई की गई।

    अभियान का उद्देश्य स्वच्छता के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाना, स्वच्छ एवं स्वस्थ वातावरण के निर्माण में जनभागीदारी सुनिश्चित करना तथा स्वच्छता को दैनिक जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाने के लिए लोगों को प्रेरित करना रहा। इस दौरान ग्राम परिसर एवं आसपास के क्षेत्रों में कचरा संग्रहण और साफ-सफाई के साथ लोगों को सार्वजनिक स्थानों पर कचरा नहीं फैलाने तथा स्वच्छता बनाए रखने के लिए जागरूक किया गया।
स्वच्छता अभियान में केंद्रीय भूमि जल बोर्ड, उत्तर मध्य क्षेत्र, भोपाल के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने सक्रिय सहभागिता की। 

    इस अवसर पर श्रीमती पैस्त्री पटेल, वैज्ञानिक ‘सी’, सुश्री अंजली कुशवाहा, वैज्ञानिक ‘सी’, सुश्री सौम्या चौधरी, वैज्ञानिक ‘सी’, डॉ. नीरू तिवारी, वैज्ञानिक ‘सी’, सुश्री सुबी मिश्रा, लैब अटेंडेंट, श्री पार्थ सारथी, वैज्ञानिक ‘बी’, श्री रमाकांत मिश्रा, वैज्ञानिक ‘बी’, डॉ. हरभजन मीणा, एसीएच, श्री सुमित लिंडा, एएचजी, श्री दीपक सिंह, एएचजी, श्री संतोष झारिया, जिला समन्वयक एसबीएम (जी), श्री आलोक चौहान, ब्लॉक समन्वयक, श्रीमती कृपा लकड़ा, एडीओ सहित पंचायत सचिव, सरपंच एवं अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।

अभियान के माध्यम से “स्वच्छता ही सेवा” के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने और स्वच्छता के प्रति सामूहिक जिम्मेदारी की भावना को मजबूत करने का प्रयास किया गया।

CM Madhya Pradesh 
Panchayat, Rural Development and Social Welfare Department of Madhya Pradesh 
Jansampark Madhya Pradesh 
Zila Panchayat Bhopal 
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कृषक कल्याण वर्ष 2026

राज्य स्तरीय गोपालक सम्मेलन

3 अक्टूबर 2026 | भेल दशहरा मैदान, भोपाल

केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री Amit Shah एवं मुख्यमंत्री Dr Mohan Yadav करेंगे विभिन्न विकास कार्यों का भूमिपूजन, शुभारंभ एवं गोशालाओं के गोवंश हेतु अनुदान राशि का वितरण 

महत्वपूर्ण कार्यक्रम

गोपालक दीदियों का सम्मान

 भोपाल एवं इंदौर दुग्ध संघ के पशुपालकों को बोनस राशि का वितरण

पंजीकृत गोशालाओं को अनुदान राशि का वितरण

-उज्जैन में ₹255 करोड़ की लागत से डेयरी प्लांट का भूमिपूजन, भोपाल में ₹16.80 करोड़ की लागत से तैयार फर्मेंटेड प्रोडक्ट मिल्क प्लांट, ₹ 12.40 करोड़ की अत्याधुनिक डेयरी लैब एवं मिनी डेयरी संयंत्र शिवपुरी का शुभारंभ

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🏙️ भोपाल विकास योजना-2047

राजधानी के विकास को मिलेगी नई दिशा, नई रफ्तार और भविष्य की जरूरतों के अनुरूप नई पहचान! ✨

बेहतर कनेक्टिविटी, आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर, स्मार्ट एवं सुनियोजित विकास और हरियाली के साथ सतत प्रगति - यही है 2047 के भोपाल का नया विजन! 🌿

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ओडिशा के सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स दल ने किया भोपाल की आधुनिक अधोसंरचना और विकास परियोजनाओं का अवलोकन

‘सेवा से संकल्प’ अभियान के अंतर्गत 28 सदस्यीय दल ने राजा भोज सेतु, सांदीपनि विद्यालय, आयुर्वेद संस्थान और वन विहार का किया भ्रमण

    ‘सेवा से संकल्प’ अभियान के अंतर्गत आयोजित अंतरराज्यीय सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर एक्सचेंज कार्यक्रम में ओडिशा से आए 28 सदस्यीय दल ने राजधानी भोपाल की आधुनिक अधोसंरचना और विकास परियोजनाओं का अवलोकन किया। दल को परिवहन अधोसंरचना, गुणवत्तापूर्ण स्कूली शिक्षा, आयुर्वेद चिकित्सा एवं पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में उपलब्ध सुविधाओं और किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी गई। कार्यक्रम का उद्देश्य मध्यप्रदेश के विकास कार्यों, सांस्कृतिक समृद्धि और प्राकृतिक धरोहर से अन्य राज्यों के प्रतिनिधियों को परिचित कराना है।

   भ्रमण के दौरान दल ने राजा भोज सेतु का अवलोकन कर इसकी केबल-स्टेड तकनीक और संरचना की विशेषताओं को जाना। इसके बाद सदस्यों ने राजा भोज मार्ग से गुजरते हुए भोजताल के प्राकृतिक सौंदर्य का अवलोकन किया। इस दौरान दल को राजधानी की आधुनिक अधोसंरचना के साथ झीलों और प्राकृतिक परिवेश को देखने का अवसर मिला।

  दल ने टी.टी. नगर स्थित कमला नेहरू सांदीपनि विद्यालय का भ्रमण कर आधुनिक प्रयोगशालाओं, स्मार्ट क्लासरूम और अन्य शैक्षणिक सुविधाओं की जानकारी प्राप्त की। अपनी अधोसंरचना एवं विविध सह-शैक्षणिक गतिविधियों के लिए राज्य स्तर पर पुरस्कृत इस विद्यालय की प्राचार्या श्रीमती संगीता सक्सेना ने सदस्यों को मध्यप्रदेश शासन द्वारा स्कूली शिक्षा के क्षेत्र में किए जा रहे सुधारों और सांदीपनि विद्यालयों की विशेषताओं से अवगत कराया।

इसके पश्चात दल ने पं. खुशीलाल शर्मा शासकीय स्वायत्त आयुर्वेद महाविद्यालय एवं चिकित्सालय का भ्रमण किया। प्राचार्य श्री उमेश शुक्ला ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से संस्थान की शैक्षणिक एवं चिकित्सकीय गतिविधियों की जानकारी दी। दल ने पंचकर्म केंद्र का अवलोकन कर पारंपरिक आयुर्वेदिक उपचार, कायाकल्प चिकित्सा और संस्थान में उपलब्ध स्वास्थ्य सेवाओं के बारे में विस्तार से जाना।

   बुधवार सुबह दल ने भोजताल के किनारे स्थित वन विहार राष्ट्रीय उद्यान का भ्रमण किया। सदस्यों ने प्राकृतिक परिवेश में वन्यजीवों का अवलोकन किया और राजधानी की समृद्ध प्राकृतिक धरोहर को देखा।

  ओडिशा से आए सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स ने भोपाल की आधुनिक अधोसंरचना, शैक्षणिक एवं चिकित्सकीय सुविधाओं, स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण के प्रयासों की सराहना की। सदस्यों ने भ्रमण को ज्ञानवर्धक बताते हुए कहा कि इससे उन्हें मध्यप्रदेश के विकास कार्यों और राजधानी की विशिष्टताओं को समझने का अवसर मिला।

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शिकायत से समाधान तक: एक माह में तैयार हुआ पुस्तकालय

जन विश्वास अभियान के तहत मंगालिया हाट में बालिका की मांग बनी बच्चों के लिए नई सुविधा

  जन विश्वास अभियान के तहत ग्राम पंचायत मंगालिया हाट, जनपद पंचायत फंदा में एक बालिका की मांग को महज शिकायत के रूप में दर्ज करने के बजाय समयबद्ध कार्रवाई करते हुए एक माह के भीतर पुस्तकालय का निर्माण कर दिया गया। ग्राम की बालिका कु. खुशबू ने गांव के बच्चों के लिए पुस्तकालय उपलब्ध कराने की मांग रखी थी। संबंधित अधिकारियों और ग्राम पंचायत ने इस मांग को प्राथमिकता से लेते हुए तत्काल कार्यवाही शुरू की और एक माह में पुस्तकालय तैयार कर आवश्यक व्यवस्थाएं पूरी कराईं।

बच्चों को मिला अध्ययन और पठन-पाठन का बेहतर अवसर

पुस्तकालय के निर्माण से ग्राम के बच्चों को अब स्थानीय स्तर पर अध्ययन और पठन-पाठन के लिए एक सुलभ एवं सकारात्मक वातावरण उपलब्ध हो गया है। इस पहल से ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों को किताबों और अध्ययन सामग्री के लिए बेहतर सुविधा मिल सकेगी।

जनभागीदारी से पुस्तकालय को मिला नया आयाम

पुस्तकालय को उपयोगी और समृद्ध बनाने के लिए अरिहंत पब्लिकेशंस द्वारा पुस्तकों का सहयोग/दान भी किया गया। पुस्तकों की उपलब्धता से बच्चों के लिए पठन-पाठन की सामग्री सुनिश्चित हुई और पुस्तकालय को अधिक उपयोगी बनाने में जनभागीदारी का महत्वपूर्ण योगदान रहा।

जिस बच्ची ने मांग रखी, उसी के हाथों हुआ लोकार्पण

इस पहल की खास बात यह रही कि जिस बालिका खुशबू ने गांव में पुस्तकालय की मांग रखी थी, उसी के हाथों नव निर्मित पुस्तकालय का लोकार्पण कराया गया। इससे बच्चों में अपने गांव के विकास कार्यों के प्रति स्वामित्व, सहभागिता और विश्वास की भावना को बढ़ावा देने का संदेश मिला।

शिकायत बनी समाधान की मिसाल

जन विश्वास अभियान के तहत सामने आई इस पहल ने यह दर्शाया कि नागरिकों की मांगों को प्राथमिकता और समयबद्धता के साथ लिया जाए तो शिकायतें ठोस समाधान में बदली जा सकती हैं। एक माह के भीतर पुस्तकालय का निर्माण, पुस्तकों का सहयोग और मांग रखने वाली बालिका के हाथों लोकार्पण—पूरी प्रक्रिया ने जनभागीदारी और प्रशासनिक तत्परता का उदाहरण प्रस्तुत किया।

जन विश्वास अभियान का संदेश स्पष्ट है—शिकायत केवल सुनी नहीं गई, बल्कि एक माह में समाधान बनकर सामने आई और उस समाधान का उद्घाटन उसी बच्ची ने किया, जिसने इसकी मांग रखी थी।

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Jansampark Madhya Pradesh 
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