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शरद श्रीवास्तव

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आज फिर तुमपे प्यार आया है बेहद और बेशुमार आया है <nis:link nis:type=tag nis:id=viralreelsfacebook nis:value=viralreelsfacebook nis:enabled=true nis:link/> Sharad Srivastava <nis:link nis:type=tag nis:id=viralreelsinstagram nis:value=viralreelsinstagram nis:enabled=true nis:link/> Manoj Kumar Srivastav Ranjeet Bahadur Shyam Kumar Srivastava Harihar Kumar Srivastava Vinay Srivastava Raja Kasim Ratnesh Kumar Srivastav Sonam Sonam Nitesh Srivastava Ashutosh Krishna Srivastava
सांप पालो घड़ियाल पालो इनसे डरो तो बिल्ली पाल लो 😁 लेकिन ये बहम न पालो कि कोई कल चुनाव लड़कर जीतकर तुम्हे पालेगा 😁😁 अपना हाथ जगन्नाथ 👏 समय बरबाद न करो मित्रों
दिनांक 17 अगस्त 2026 दिन सोमवार को पड़ने वाले श्रावण मास के पावन पवित्र पर्व गुड़िया एवं नागपंचमी की आपको हार्दिक शुभकामनाएं एवं बधाई 🌹 ॐ नमः शिवाय 🙏
बाराबंकी 268 विधानसभा दरामनगर पी आर चिल्ड्रेन अकादमी स्कूल में 15 अगस्त 2026 को कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे भाजपा बाराबंकी जिला उपाध्यक्ष जंगबहादुर पटेल भाजपा बाराबंकी वही मिशन दा सरदार पटेल संगठन के जिला अध्यक्ष Arun Kumar Verma ने धूमधाम से किया आयोजन
भारत माता की जय वंदे मातरम जय हिन्द जय भारत <nis:link nis:type=tag nis:id=viralreelsfacebook nis:value=viralreelsfacebook nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=viralreelsinstagram nis:value=viralreelsinstagram nis:enabled=true nis:link/> Sharad Srivastava Manoj Kumar Srivastav Harihar Kumar Srivastava Shyam Kumar Srivastava Vinay Srivastava
बाराबंकी शहर धनोखर चौराहे तक स्थित हिन्दी पुस्तकालय व डीएवी स्कूल सहित तमाम प्रतिष्ठानों पर धूमधाम से मनाया गया राष्ट्रीय महापर्व स्वतंत्रता दिवस हुए सांस्कृतिक कार्यक्रम
स्वतंत्रता दिवस पर आपको सपरिवार हार्दिक शुभकामनाएं
स्वतंत्रता दिवस 2026 की आपको हार्दिक शुभकामनाएं
मनुष्य जीवन: मुक्ति का अवसर या कर्मों का बंधन?
भारतीय आध्यात्मिक परंपरा में मनुष्य जीवन को अत्यंत दुर्लभ और ईश्वर की अनमोल देन माना गया है। मान्यता है कि जीवात्मा अनेक योनियों में भटकने के बाद मनुष्य जन्म प्राप्त करती है। यह जन्म केवल सांसारिक सुख-सुविधाओं को पाने के लिए नहीं, बल्कि आत्मचिंतन, सद्कर्म, सत्य, सेवा और अंततः परमात्मा की ओर लौटने का अवसर है।
गौ को भी भारतीय परंपरा में अत्यंत पवित्र और पूजनीय माना गया है। लोकमान्यताओं में गौ के प्रति श्रद्धा को पवित्रता और सेवा से जोड़ा गया है। इसी आध्यात्मिक दृष्टि से कहा जाता है कि जीवात्मा विभिन्न अवस्थाओं से गुजरते हुए अंततः मनुष्य जीवन तक पहुंचती है। जैसे गंगा स्नान को भारतीय परंपरा में आत्मशुद्धि का प्रतीक माना गया है, वैसे ही गौ के प्रति श्रद्धा और सेवा को भी पवित्र भावनाओं से जोड़ा गया है।
लेकिन सबसे बड़ा प्रश्न यह है कि जिस मनुष्य जीवन को मुक्ति का अवसर माना गया है, क्या आज का मनुष्य वास्तव में उस मार्ग पर चल रहा है?
मनुष्य के पास विवेक है, उसे सही और गलत में अंतर समझने की क्षमता मिली है। वह अपने कर्मों पर विचार कर सकता है, अपनी गलतियों को स्वीकार कर सकता है और स्वयं को बदल सकता है। फिर भी आज अनेक लोग दूसरों को नीचा दिखाने, किसी का अधिकार छीनने, छल-कपट करने, झूठ बोलने और स्वार्थ के लिए दूसरों का शोषण करने में अपना जीवन लगा देते हैं।
धन और संपत्ति के पीछे भागते-भागते मनुष्य यह भूल जाता है कि जिस संपत्ति के लिए वह किसी दूसरे का हक मार रहा है, वह संपत्ति उसके साथ नहीं जाएगी; लेकिन उसके कर्मों का प्रभाव उसके जीवन और उसके आसपास के लोगों पर अवश्य पड़ेगा।
सबसे दुखद स्थिति तब होती है जब कोई व्यक्ति अपनी गलत प्रवृत्तियों को अगली पीढ़ी तक पहुंचाने लगता है। संतान को संस्कार, सत्य, परिश्रम और मानवता सिखाने के बजाय यदि उसे छल, अहंकार, स्वार्थ और दूसरों का अधिकार छीनने की शिक्षा दी जाए, तो वह केवल एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि पूरे परिवार और समाज के भविष्य का नुकसान है।
वास्तविक धर्म केवल पूजा-पाठ, मंदिर जाने या धार्मिक शब्द बोलने का नाम नहीं है। धर्म का वास्तविक स्वरूप मन, कर्म और वचन की शुद्धता में दिखाई देता है।
यदि मन में किसी के प्रति निरंतर द्वेष है, कर्मों में बेईमानी है और वाणी में झूठ है, तो केवल बाहरी धार्मिकता मनुष्य को भीतर से पवित्र नहीं कर सकती। ईश्वर को प्रसन्न करने के लिए बड़े-बड़े दिखावे से अधिक आवश्यक है कि मनुष्य अपने व्यवहार को देखे और स्वयं से पूछे—
क्या मैंने किसी का हक तो नहीं छीना?
क्या मेरे कारण किसी निर्दोष को पीड़ा तो नहीं मिली?
क्या मेरी वाणी से किसी का मन तो नहीं टूटा?
क्या मेरे कर्म मेरी पूजा से मेल खाते हैं?
मनुष्य जीवन की सबसे बड़ी साधना यही है कि हम अपने भीतर के अहंकार, लोभ, क्रोध, छल और स्वार्थ को पहचानें और धीरे-धीरे उनसे ऊपर उठने का प्रयास करें।
मुक्ति किसी एक दिन अचानक प्राप्त होने वाली वस्तु नहीं, बल्कि जीवनभर के शुद्ध विचारों, अच्छे कर्मों और सच्चे आचरण की दिशा है। जो मनुष्य दूसरों के अधिकार का सम्मान करता है, कमजोर की सहायता करता है, माता-पिता का सम्मान करता है, संतान को अच्छे संस्कार देता है, सत्य का साथ देता है और अपने कर्मों की जिम्मेदारी स्वीकार करता है—वही वास्तव में उस आध्यात्मिक यात्रा पर आगे बढ़ता है।
इसलिए मनुष्य को अपने जीवन का मूल्य समझना चाहिए। हम यहां केवल धन कमाने, दूसरों से आगे निकलने या अपनी इच्छाओं की पूर्ति करने नहीं आए हैं। यह जीवन स्वयं को बेहतर बनाने, दूसरों के जीवन में प्रकाश भरने और अपने कर्मों को निर्मल करने का अवसर भी है।
अंततः सवाल यह नहीं कि हम कितनी बार मंदिर गए, कितनी पूजा की या कितने धार्मिक शब्द बोले। असली सवाल यह है कि हमारे कारण कितने लोगों के जीवन में सुख आया और हमारे कर्मों से कितने लोगों को पीड़ा मिली।
क्योंकि यदि मनुष्य मन, कर्म और वचन से शुद्ध होने की यात्रा पर ही नहीं चला, तो मुक्ति की मंजिल की बात करना केवल कल्पना बनकर रह जाएगी।
मनुष्य जन्म अवसर है—अधिकार नहीं।
सद्कर्म उसका मार्ग है—दिखावा नहीं।
और आत्मशुद्धि ही वह यात्रा है, जो मनुष्य को परमात्मा के निकट ले जाने का सामर्थ्य रखती है Sharad Srivastava Ranjeet Bahadur Manoj Kumar Srivastav Harihar Kumar Srivastava Shyam Kumar Srivastava Chandan Ramayani <nis:link nis:type=tag nis:id=viralreelsfacebook nis:value=viralreelsfacebook nis:enabled=true nis:link/>
बाराबंकी रामनगर विधानसभा के महादेवा मंडल में निकाली गई भव्य तिरंगा यात्रा 😱 2027 चुनाव में रामनगर विधानसभा से भाजपा वरिष्ठ नेता मनोज श्रीवास्तव का नाम चर्चा में 🌹 लगभग 17 दावेदार है रामनगर विधानसभा से इस बार आगे दावेदारों के बढ़ने की है संभावना ⁉️ MYogiAdityanath Narendra Modi Nitin Nabin
सजन रे झूठ मत बोलो खुदा के पास जाना है ना हाथी है ना घोड़ा है वहां पैदल ही जाना है <nis:link nis:type=tag nis:id=viralreelsfacebook nis:value=viralreelsfacebook nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=viralreelsinstagram nis:value=viralreelsinstagram nis:enabled=true nis:link/> Sharad Srivastava Manoj Kumar Srivastav Ranjeet Bahadur Harihar Kumar Srivastava Shyam Kumar Srivastava Vinay Srivastava Ratnesh Kumar Srivastav Sonam Sonam
My Cute Grand Daughter Shree Srivastava Enjoy Always <nis:link nis:type=tag nis:id=viralreelsinstagram nis:value=viralreelsinstagram nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=viralreelsfacebook nis:value=viralreelsfacebook nis:enabled=true nis:link/> Sharad Srivastava Vijay Srivastava Nitesh Srivastava Yash Srivastava Ranjeet Bahadur Shyam Kumar Srivastava
बाराबंकी शहर में लोकप्रिय जननायक वरिष्ठ भाजपा नेता राजा कासिम के नेतृत्व में निकाली गई भव्य विशाल तिरंगा यात्रा सुनिए राजा कासिम को क्या बता रहे है आप
यहां टेंडर टेंडर का खेल होता है :- रंजीत बहादुर श्रीवास्तव
बड़ा हुआ तो क्या हुआ जैसे पेड़ खजूर तोड़य में आए नहीं फल लागत अति दूर <nis:link nis:type=tag nis:id=viralreelsfacebook nis:value=viralreelsfacebook nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=nonfollowers nis:value=nonfollowers nis:enabled=true nis:link/> Sharad Srivastava Raja Kasim
ववाह क्या बात कही शेख साहब ने मजा आ गया <nis:link nis:type=tag nis:id=viralreelsfacebook nis:value=viralreelsfacebook nis:enabled=true nis:link/> Sharad Srivastava Ranjeet Bahadur Manoj Kumar Srivastav Harihar Kumar Srivastava Shyam Kumar Srivastava Raja Kasim Ratnesh Kumar Srivastav
जितने दुश्मन जान के निकले आधे मेरे घर के ही निकले <nis:link nis:type=tag nis:id=viralreelsfacebook nis:value=viralreelsfacebook nis:enabled=true nis:link/> Sharad Srivastava Raja Kasim Ranjeet Bahadur Harihar Kumar Srivastava Manoj Kumar Srivastav Manzar Hasan Ranjeet Gupta Bjp Barabanki Fazal Hussain Ratnesh Kumar Srivastav Shyam Kumar Srivastava Chandan Ramayani
बाराबंकी ग्राम मंझलेपुर में भाजपा नेता राजा कासिम ने पहुंचकर कपरिया समाज के मेले का उद्घाटन किया <nis:link nis:type=tag nis:id=जयमातादी nis:value=जयमातादी nis:enabled=true nis:link/> Sharad Srivastava Raja Kasim Fazal Hussain Bjp Barabanki <nis:link nis:type=tag nis:id=exclusivenews nis:value=exclusivenews nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=bbk nis:value=BBK nis:enabled=true nis:link/>
जहाँ सत्य और धर्म का वास, वहीं ईश्वर का निवास
सनातन परंपरा में यह माना गया है कि ईश्वर किसी भव्य भवन, ऊँचे महलों या बाहरी आडंबर से अधिक उस हृदय और उस स्थान में निवास करते हैं जहाँ सत्य, धर्म, करुणा, न्याय और सदाचार का सम्मान होता है। पूजा-पाठ, यज्ञ और अनुष्ठान निश्चित रूप से आस्था के महत्वपूर्ण माध्यम हैं, किंतु यदि मन में छल, कपट, लालच और अन्याय भरा हो तो केवल बाहरी कर्मकांड से ईश्वर की वास्तविक कृपा प्राप्त नहीं होती।
जहाँ सत्य का साथ दिया जाता है, जहाँ अपने कर्तव्यों का ईमानदारी से पालन होता है, जहाँ परिवार, समाज और राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारियों का सम्मान किया जाता है, वहीं सकारात्मक ऊर्जा का वातावरण बनता है। ऐसे स्थान पर विश्वास, प्रेम और अपनापन विकसित होता है और वही वातावरण ईश्वर की उपस्थिति का अनुभव कराता है।
इसके विपरीत जहाँ लालच, वासना, शोषण, अत्याचार, छल, भ्रष्टाचार और अहंकार का बोलबाला हो, वहाँ मनुष्य भी असुरक्षित और असहज महसूस करता है। यदि कोई स्थान भय, अन्याय और स्वार्थ का केंद्र बन जाए तो वहाँ शांति और पवित्रता का वातावरण नहीं रह जाता। इसलिए यह कहना उचित है कि ईश्वर का वास्तविक वास केवल भवनों में नहीं, बल्कि पवित्र विचारों और श्रेष्ठ आचरण में होता है।
धर्म का अर्थ केवल किसी विशेष पूजा-पद्धति तक सीमित नहीं है। धर्म का वास्तविक स्वरूप सत्य का पालन करना, न्याय करना, कमजोर की सहायता करना, अपने कर्तव्यों का निष्ठापूर्वक निर्वहन करना और दूसरों के अधिकारों का सम्मान करना है। जब व्यक्ति अपने जीवन में इन मूल्यों को अपनाता है, तभी उसका जीवन वास्तव में धार्मिक बनता है।
आज समाज को आवश्यकता है कि हम केवल धार्मिक प्रतीकों का प्रदर्शन न करें, बल्कि अपने व्यवहार में भी धर्म के मूल सिद्धांतों को उतारें। यदि हमारे शब्दों में सत्य, हमारे कर्मों में ईमानदारी, हमारे हृदय में करुणा और हमारे आचरण में मर्यादा होगी, तो हमारा घर, परिवार और समाज स्वयं एक पवित्र तीर्थ के समान बन जाएगा।
आइए, हम ऐसा जीवन जीने का संकल्प लें जिसमें सत्य हमारी शक्ति हो, धर्म हमारा मार्ग हो, करुणा हमारी पहचान हो और न्याय हमारा स्वभाव हो। क्योंकि जहाँ सत्य और धर्म का प्रकाश होता है, वहीं ईश्वर की कृपा, शांति और मंगल का वास्तविक निवास होता है।
सबसे अनमोल रिश्ता कोई होता है तो वो पति पत्नी का है 🙏
श्रावण मास के प्रथम दिवस पर आपको हार्दिक शुभकामनाएं
ज्ञान जहां से प्राप्त हो उसे ग्रहण करना ही विशेषता होती है
भूखे को भोजन प्यासे को पानी यही है भारत की श्रेष्ठ कहानी
गऊ माता की सुरक्षा को लेकर गौ भक्तों ने निकाली सुरक्षा सम्मान यात्रा और जिला अधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल और मुख्यमंत्री को ज्ञापन प्रेषित किया
<nis:link nis:type=tag nis:id=वरिष्ठ_पत्रकार_अरशद_जमाल_हुए_हादसे_के_शिकार nis:value=वरिष्ठ_पत्रकार_अरशद_जमाल_हुए_हादसे_के_शिकार nis:enabled=true nis:link/> प्रिय मित्र वरिष्ठ पत्रकार भाई Arshad Jamal जो अपनी कार से अर्सेनी मोड़ के पास कही अपनी चार पहिया गाड़ी से उतर रहे थे तेज रफ्तार से आ रही स्कूटी पर सवार महिला ने मारी उन्हें जोरदार टक्कर जिससे उनके पैर में तीन जगह हुआ फ्रैक्चर महिला को भी लगी चोट, अरशद भाई से हुई बाराबंकी ट्रामा सेंटर के वार्ड में भेंट उन्होंने बताया डॉक्टर ने ऑपरेशन कर राड डालने की बात कही है, वो घर में अकेले संरक्षक की भूमिका में है ईश्वर उनको शीघ्र स्वास्थ्य लाभ प्रदान करें।