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Dist. Admin Muzaffarpur

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मुखर्जी सेमिनरी स्कूल का उप विकास आयुक्त श्री निशांत सिहारा द्वारा निरीक्षण

मुजफ्फरपुर जिला अंतर्गत **मुखर्जी सेमिनरी स्कूल** का आज उप विकास आयुक्त, मुजफ्फरपुर **श्री निशांत सिहारा** द्वारा निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान विद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था, विद्यार्थियों के लिए उपलब्ध सुविधाओं, विद्यालय परिसर की स्थिति तथा संचालित विभिन्न गतिविधियों का विस्तृत जायजा लिया गया। उप विकास आयुक्त महोदय द्वारा विद्यालय की व्यवस्थाओं का अवलोकन करते हुए संबंधित पदाधिकारियों एवं विद्यालय प्रबंधन से आवश्यक जानकारी प्राप्त की गई।

निरीक्षण के क्रम में विद्यालय में संचालित **कक्षा-कक्षों, शिक्षण व्यवस्था एवं विद्यार्थियों की शैक्षणिक गतिविधियों** का अवलोकन किया गया। विद्यार्थियों की उपस्थिति, कक्षा संचालन की स्थिति तथा शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया के संबंध में विद्यालय प्रबंधन से जानकारी ली गई। विद्यार्थियों के शैक्षणिक विकास के साथ-साथ उनके सर्वांगीण विकास पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता पर भी बल दिया गया।

उप विकास आयुक्त महोदय द्वारा विद्यालय परिसर में उपलब्ध **आधारभूत सुविधाओं** का भी निरीक्षण किया गया। विद्यालय भवन, कक्षा-कक्ष, पेयजल व्यवस्था, शौचालय, स्वच्छता, विद्युत व्यवस्था तथा अन्य आवश्यक सुविधाओं की स्थिति का जायजा लिया गया। विद्यालय परिसर को स्वच्छ, सुव्यवस्थित एवं विद्यार्थियों के लिए सुरक्षित बनाए रखने के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

निरीक्षण के दौरान विद्यालय में संचालित **पाठ्येतर एवं सह-शैक्षणिक गतिविधियों** की भी जानकारी ली गई। विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास, रचनात्मक क्षमता, खेलकूद, सांस्कृतिक गतिविधियों एवं अन्य शैक्षणिक कार्यक्रमों में सहभागिता को प्रोत्साहित करने पर जोर दिया गया। इस दौरान विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी तथा विद्यालय में उपलब्ध गतिविधियों के संबंध में विद्यालय प्रबंधन से जानकारी प्राप्त की गई।

उप विकास आयुक्त द्वारा विद्यार्थियों से भी संवाद किया गया तथा उनकी पढ़ाई, विद्यालय में उपलब्ध सुविधाओं एवं विभिन्न गतिविधियों के संबंध में जानकारी ली गई। विद्यार्थियों को नियमित रूप से अध्ययन करने, अनुशासन का पालन करने तथा विद्यालय द्वारा आयोजित शैक्षणिक एवं सह-शैक्षणिक गतिविधियों में सक्रिय रूप से भाग लेने के लिए प्रेरित किया गया।

निरीक्षण के दौरान विद्यालय में **स्वच्छता एवं साफ-सफाई व्यवस्था** पर भी विशेष ध्यान दिया गया। विद्यालय परिसर, कक्षा-कक्ष एवं अन्य उपयोगी स्थानों की साफ-सफाई की स्थिति का अवलोकन करते हुए स्वच्छ एवं स्वस्थ शैक्षणिक वातावरण बनाए रखने का निर्देश दिया गया। विद्यार्थियों में स्वच्छता के प्रति जागरूकता विकसित करने तथा विद्यालय परिसर को नियमित रूप से साफ-सुथरा रखने पर भी बल दिया गया।

इसके साथ ही विद्यालय में विद्यार्थियों के लिए उपलब्ध **खेल एवं अन्य गतिविधियों** की स्थिति का भी जायजा लिया गया। विद्यार्थियों के शारीरिक एवं मानसिक विकास में खेलकूद और अन्य रचनात्मक गतिविधियों की महत्वपूर्ण भूमिका को ध्यान में रखते हुए विद्यालय स्तर पर इन गतिविधियों को प्रभावी ढंग से संचालित करने पर जोर दिया गया।

निरीक्षण के क्रम में विद्यालय प्रबंधन द्वारा विद्यालय की वर्तमान गतिविधियों, उपलब्ध संसाधनों तथा आवश्यकताओं के संबंध में उप विकास आयुक्त महोदय को अवगत कराया गया। उप विकास आयुक्त ने विद्यालय की व्यवस्थाओं का समग्र रूप से अवलोकन करते हुए आवश्यक सुधार एवं व्यवस्थाओं को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए संबंधित पदाधिकारियों एवं विद्यालय प्रबंधन को आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए।

उप विकास आयुक्त श्री निशांत सिहारा ने कहा कि विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के साथ-साथ उनके **सर्वांगीण विकास के लिए बेहतर शैक्षणिक वातावरण, अनुशासन, स्वच्छता, खेलकूद एवं रचनात्मक गतिविधियों** का सुचारू संचालन आवश्यक है। विद्यालय में उपलब्ध संसाधनों का समुचित उपयोग करते हुए विद्यार्थियों के हित में सभी आवश्यक व्यवस्थाओं को प्रभावी बनाए रखने पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है।

उन्होंने विद्यालय प्रबंधन को निर्देशित किया कि विद्यार्थियों की शैक्षणिक आवश्यकताओं के साथ-साथ उनकी अन्य प्रतिभाओं एवं क्षमताओं के विकास के लिए भी निरंतर प्रयास किए जाएं। विद्यालय में नियमित रूप से संचालित गतिविधियों की प्रभावी निगरानी सुनिश्चित की जाए तथा विद्यार्थियों की समस्याओं एवं आवश्यकताओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान किया जाए।

निरीक्षण के दौरान विद्यालय की विभिन्न व्यवस्थाओं का जायजा लेते हुए **शैक्षणिक गुणवत्ता में निरंतर सुधार, विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति, स्वच्छ एवं सुरक्षित वातावरण, आधारभूत सुविधाओं के बेहतर रख-रखाव तथा सह-शैक्षणिक गतिविधियों के प्रभावी संचालन** पर विशेष जोर दिया गया।

मुखर्जी सेमिनरी स्कूल में किए गए इस निरीक्षण का उद्देश्य विद्यालय की वर्तमान व्यवस्थाओं एवं गतिविधियों का अवलोकन करते हुए विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने की दिशा में आवश्यक सुधार एवं व्यवस्थाओं को सुनिश्चित करना रहा। निरीक्षण के दौरान विद्यालय प्रबंधन को विद्यार्थियों के हित में सभी आवश्यक कार्यों को प्राथमिकता के साथ संपादित करने तथा विद्यालय की समग्र व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ एवं प्रभावी बनाने के निर्देश दिए गए।

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CMO Bihar 
Bihar Education Department 
Information & Public Relations Department, Government of Bihar
जिलाधिकारी, मुजफ्फरपुर के निदेश पर गंडक एवं बागमती नदी के जल के आस-पास के इलाक़ों में फैल जाने से प्रभावित लोगों की सहायता के लिए जिला प्रशासन, मुजफ्फरपुर द्वारा सरकार द्वारा निर्धारित मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) के अनुरूप सभी कार्य किया जा रहा है। सामुदायिक रसोई केन्द्रों का संचालन, पॉलीथिन शीट्स का वितरण, एनडीआरएफ एवं एसडीआरएफ टीम द्वारा आवश्यकतानुसार प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाने, सूखा राशन का वितरण, स्वास्थ्य जाँच तथा दवाओं की उपलब्धता, नावों का परिचालन, कुट्टी-भूसा पशु चारा का वितरण एवं पशु चिकित्सा की उपलब्धता, स्वच्छ पेयजल, शौचालय की सुविधा, तटबंधों की निगरानी एवं सुदृढ़ीकरण सहित आपदा प्रबंधन के दृष्टिकोण से हर राहत एवं बचाव कार्य किया जा रहा है। अनुमंडल पदाधिकारियों, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारियों, अंचल अधिकारियों, प्रखंड विकास पदाधिकारियों सहित सभी क्षेत्रीय अधिकारियों को लगातार क्षेत्र भ्रमण करने; बच्चों, महिलाओं, किसानों, बुजुर्गों सहित आम जनता से नियमित संवाद स्थापित करने एवं फीडबैक लेने तथा स्थिति के अनुसार तुरंत रिस्पॉन्ड करने का निदेश दिया गया है। ज़िलाधिकारी श्री कुमार गौरव स्वयं वरीय अधिकारियों के साथ क्षेत्र भ्रमण एवं पारू में लगातार कैम्प कर रहे हैं तथा राहत एवं बचाव कार्यों का अनुश्रवण कर रहे हैं। उनके द्वारा स्थानीय लोगों एवं जन प्रतिनिधियों से भी संवाद स्थापित कर उनका सुझाव एवं फीडबैक लिया जा रहा है।

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*जिलाधिकारी ने लोगों से आह्वान करते हुए कहा कि किसी भी प्रकार के अफ़वाह पर ध्यान न दें। अपुष्ट, अप्रामाणिक एवं भ्रामक सूचनाओं को प्रसारित न करें। प्रशासन द्वारा दी जा रही सूचनाओं पर ही ध्यान दें तथा बाढ़ की स्थिति में बचाव हेतु सरकार द्वारा जारी एडवाइजरी का अनुपालन करें।*
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जिलाधिकारी ने कहा कि नदियों में जल-स्तर अभी पीक पर है। गंडक नदी के रेवा घाट स्थित गेज स्थल पर वर्तमान में नया उच्चतम जलस्तर दर्ज किया गया है तथा जलस्तर में वृद्धि की प्रवृत्ति बनी हुई है।ऐसी क्रिटिकल परिस्थिति के बावजूद प्रशासन द्वारा युद्धस्तर पर आवश्यक बाढ़ संघर्षात्मक कार्य कराते हुए स्थल को सुरक्षित किया गया है। स्थिति नियंत्रण में है तथा तटबंध पर सतत निगरानी एवं चौकसी की जा रही है। उन्होंने कहा कि नदियों के जल-स्तर में जल्द ही कमी आएगी।

जिलाधिकारी ने कहा कि नेपाल के तराई क्षेत्र में गंडक नदी के जलग्रहण क्षेत्र में भारी वर्षा के कारण अभी नदियों में जल स्तर अधिकतम है। इसके आलोक में विशेष सतर्कता बरती जा रही है। किसी भी स्थिति से निपटने हेतु जिला प्रशासन पूर्णतः तैयार है। *लोग पैनिक न हों लेकिन सजग एवं सतर्क रहें*। संपूर्ण आपदा प्रबंधन तंत्र आपकी सहायता हेतु तत्पर है। आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा निर्धारित मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) के अनुसार सभी व्यवस्था की गई है। एनडीआरएफ/एसडीआरएफ की टीम सक्रिय है। तटबंधों की लगातार निगरानी की जा रही है। आवश्यकतानुसार मरम्मती एवं सुदृढ़ीकरण कार्य किया जा रहा है। कार्यपालक अभियंता, जल संसाधन विभाग को सजग एवं सक्रिय होकर स्थिति के अनुरूप कार्य करने का निर्देश दिया गया है। क्षेत्रीय अधिकारियों को आम जनता से नियमित संवाद स्थापित करने एवं फीडबैक लेने तथा स्थिति के अनुसार तुरंत रिस्पॉन्ड करने का निदेश दिया गया है।

जिलाधिकारी ने कहा कि बाढ़ प्रभावितों के जान-माल की सुरक्षा एवं ससमय राहत पहुँचाना प्रशासन की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। किसी भी प्रकार की आवश्यकता पड़ने पर लोगों द्वारा जिला आपातकालीन संचालन केन्द्र (0621-2212007), राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र, आपदा प्रबंधन विभाग, बिहार सरकार, पटना के हेल्पलाइन नंबर (0612-2294204/205) या आपातकालीन सहायता नंबर 1070 पर सूचना दी जा सकती है।
जिलाधिकारी, मुजफ्फरपुर के निदेश पर गंडक एवं बागमती नदी के जल के आस-पास के इलाक़ों में फैल जाने से प्रभावित लोगों की सहायता के लिए जिला प्रशासन, मुजफ्फरपुर द्वारा सरकार द्वारा निर्धारित मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) के अनुरूप सभी कार्य किया जा रहा है। सामुदायिक रसोई केन्द्रों का संचालन, पॉलीथिन शीट्स का वितरण, एनडीआरएफ एवं एसडीआरएफ टीम द्वारा आवश्यकतानुसार प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाने, सूखा राशन का वितरण, स्वास्थ्य जाँच तथा दवाओं की उपलब्धता, नावों का परिचालन, कुट्टी-भूसा पशु चारा का वितरण एवं पशु चिकित्सा की उपलब्धता, स्वच्छ पेयजल, शौचालय की सुविधा, तटबंधों की निगरानी एवं सुदृढ़ीकरण सहित आपदा प्रबंधन के दृष्टिकोण से हर राहत एवं बचाव कार्य किया जा रहा है। अनुमंडल पदाधिकारियों, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारियों, अंचल अधिकारियों, प्रखंड विकास पदाधिकारियों सहित सभी क्षेत्रीय अधिकारियों को लगातार क्षेत्र भ्रमण करने; बच्चों, महिलाओं, किसानों, बुजुर्गों सहित आम जनता से नियमित संवाद स्थापित करने एवं फीडबैक लेने तथा स्थिति के अनुसार तुरंत रिस्पॉन्ड करने का निदेश दिया गया है। ज़िलाधिकारी श्री कुमार गौरव स्वयं वरीय अधिकारियों के साथ क्षेत्र भ्रमण एवं पारू में लगातार कैम्प कर रहे हैं तथा राहत एवं बचाव कार्यों का अनुश्रवण कर रहे हैं। उनके द्वारा स्थानीय लोगों एवं जन प्रतिनिधियों से भी संवाद स्थापित कर उनका सुझाव एवं फीडबैक लिया जा रहा है।

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*जिलाधिकारी ने लोगों से आह्वान करते हुए कहा कि किसी भी प्रकार के अफ़वाह पर ध्यान न दें। अपुष्ट, अप्रामाणिक एवं भ्रामक सूचनाओं को प्रसारित न करें। प्रशासन द्वारा दी जा रही सूचनाओं पर ही ध्यान दें तथा बाढ़ की स्थिति में बचाव हेतु सरकार द्वारा जारी एडवाइजरी का अनुपालन करें।*
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जिलाधिकारी ने कहा कि नदियों में जल-स्तर अभी पीक पर है। गंडक नदी के रेवा घाट स्थित गेज स्थल पर वर्तमान में नया उच्चतम जलस्तर दर्ज किया गया है तथा जलस्तर में वृद्धि की प्रवृत्ति बनी हुई है।ऐसी क्रिटिकल परिस्थिति के बावजूद प्रशासन द्वारा युद्धस्तर पर आवश्यक बाढ़ संघर्षात्मक कार्य कराते हुए स्थल को सुरक्षित किया गया है। स्थिति नियंत्रण में है तथा तटबंध पर सतत निगरानी एवं चौकसी की जा रही है। उन्होंने कहा कि नदियों के जल-स्तर में जल्द ही कमी आएगी।

जिलाधिकारी ने कहा कि नेपाल के तराई क्षेत्र में गंडक नदी के जलग्रहण क्षेत्र में भारी वर्षा के कारण अभी नदियों में जल स्तर अधिकतम है। इसके आलोक में विशेष सतर्कता बरती जा रही है। किसी भी स्थिति से निपटने हेतु जिला प्रशासन पूर्णतः तैयार है। *लोग पैनिक न हों लेकिन सजग एवं सतर्क रहें*। संपूर्ण आपदा प्रबंधन तंत्र आपकी सहायता हेतु तत्पर है। आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा निर्धारित मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) के अनुसार सभी व्यवस्था की गई है। एनडीआरएफ/एसडीआरएफ की टीम सक्रिय है। तटबंधों की लगातार निगरानी की जा रही है। आवश्यकतानुसार मरम्मती एवं सुदृढ़ीकरण कार्य किया जा रहा है। कार्यपालक अभियंता, जल संसाधन विभाग को सजग एवं सक्रिय होकर स्थिति के अनुरूप कार्य करने का निर्देश दिया गया है। क्षेत्रीय अधिकारियों को आम जनता से नियमित संवाद स्थापित करने एवं फीडबैक लेने तथा स्थिति के अनुसार तुरंत रिस्पॉन्ड करने का निदेश दिया गया है।

जिलाधिकारी ने कहा कि बाढ़ प्रभावितों के जान-माल की सुरक्षा एवं ससमय राहत पहुँचाना प्रशासन की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। किसी भी प्रकार की आवश्यकता पड़ने पर लोगों द्वारा जिला आपातकालीन संचालन केन्द्र (0621-2212007), राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र, आपदा प्रबंधन विभाग, बिहार सरकार, पटना के हेल्पलाइन नंबर (0612-2294204/205) या आपातकालीन सहायता नंबर 1070 पर सूचना दी जा सकती है।

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CMO Bihar 
Information & Public Relations Department, Government of Bihar 
Disaster Management Department Govt. of Bihar
नेपाल में गंडक नदी के जलग्रहण क्षेत्रों में विगत दिनों में अतिवृष्टि के कारण गंडक नदी में अत्यधिक जलस्राव के मद्देनजर ज़िलाधिकारी, मुज़फ़्फ़रपुर श्री कुमार गौरव क्षेत्रों में पुलिस अधीक्षक, नगर आयुक्त, अपर समाहर्ता आपदा प्रबंधन एवं अन्य अधिकारियों के साथ लगातार कैम्प कर रहे हैं तथा राहत एवं बचाव कार्यों का अनुश्रवण कर रहे हैं। उनके निदेश पर अनुमंडल पदाधिकारी; अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी; कार्यपालक अभियंता, जल संसाधन विभाग, अंचल अधिकारी, प्रखंड विकास पदाधिकारी एवं अन्य अधिकारी भी क्षेत्रों में लगातार सक्रिय हैं तथा एसओपी के अनुसार आवश्यक कार्य कर रहे हैं। जिलाधिकारी ने अपर समाहर्ता आपदा प्रबंधन को एनडीआरएफ/एसडीआरएफ टीम को सक्रिय रखने, आवश्यकतानुसार प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाने, अंचल अधिकारियों के माध्यम से निर्धारित मापदंडों के अनुरूप कम्युनिटी किचन चलाने, पॉलीथिन शीट्स का वितरण सहित राहत एवं बचाव से संबंधित सभी कार्यों को बेहतर एवं त्रुटिहीन तरीके से संचालित कराने का निर्देश दिया है।

ज़िलाधिकारी ने आज सबसे पहले साहेबगंज प्रखंड में तिरहुत बाँध का निरीक्षण किया तथा तटबंध की सुरक्षा का जायजा लिया। उन्होंने हुस्सेपुर में स्थानीय लोगों एवं जन प्रतिनिधियों से भी संवाद स्थापित किया तथा उनका सुझाव एवं फीडबैक लिया। जिलाधिकारी ने अपर समाहर्ता आपदा प्रबंधन को यहाँ के प्रभावित लोगों के बीच शीघ्र पॉलीथिन शीट्स का वितरण एवं कम्युनिटी किचन संचालित कराने का निर्देश दिया। 

ज़िलाधिकारी द्वारा पारू में राहत एवं बचाव कार्यों का निरीक्षण किया गया। उनके निदेश पर जयमल डुमरी में लोगों की सहायता हेतु एनडीआरएफ की टीम को तुरंत भेजा गया। ज़िलाधिकारी ने अधिकारियों को मौक़े पर रहकर राहत एवं बचाव कार्य चलाने का निर्देश दिया।

जिलाधिकारी ने कहा कि नेपाल के तराई क्षेत्र में गंडक नदी के जलग्रहण क्षेत्र में भारी वर्षा के कारण अभी नदियों में जल स्तर अधिकतम है। इसके आलोक में विशेष सतर्कता बरती जा रही है। किसी भी स्थिति से निपटने हेतु जिला प्रशासन पूर्णतः तैयार है। *लोग पैनिक न हों लेकिन सजग एवं सतर्क रहें*। संपूर्ण आपदा प्रबंधन तंत्र आपकी सहायता हेतु तत्पर है। आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा निर्धारित मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) के अनुसार सभी व्यवस्था की गई है। एनडीआरएफ/एसडीआरएफ की टीम अलर्ट है। तटबंधों की लगातार निगरानी की जा रही है। आवश्यकतानुसार मरम्मती एवं सुदृढ़ीकरण कार्य किया जा रहा है। कार्यपालक अभियंता, जल संसाधन विभाग को सजग एवं सक्रिय होकर स्थिति के अनुरूप कार्य करने का निर्देश दिया गया है। क्षेत्रीय अधिकारियों को आम जनता से नियमित संवाद स्थापित करने एवं फीडबैक लेने तथा स्थिति के अनुसार तुरंत रिस्पॉन्ड करने का निदेश दिया गया है। 

ज़िलाधिकारी द्वारा सीमावर्ती जिलों के ज़िलाधिकारियों से भी लगातार सम्पर्क एवं समन्वय स्थापित किया जा रहा है ताकि आवश्यकतानुसार लोगों को नज़दीकतम सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाया जाए।

जिलाधिकारी ने कहा कि नदियों में जल-स्तर अभी पीक पर है। इसमें जल्द ही कमी आएगी।अधिकारियों को निदेश दिया गया है कि नदियों के जल-स्तर, मौसम विभाग द्वारा दी जा रही सूचनाओं तथा वर्षापात के आंकड़ों पर लगातार नजर रखें। एसओपी के अनुसार क्षेत्रीय पदाधिकारी यथा अंचलाधिकारी, थाना प्रभारी, अनुमंडल पदाधिकारी एवं अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी तुरंत रिस्पॉन्ड करेंगे। किसी भी स्थिति से निपटने के लिए सम्पूर्ण प्रशासनिक तंत्र सजग, सक्रिय एवं तत्पर रहे।

जिलाधिकारी ने कहा कि विभिन्न विभागों के पदाधिकारियों को आपस में समन्वय स्थापित कर मिशन मोड में काम करने का निदेश दिया गया है। उन्होंने कहा कि बाढ़ आने की स्थिति में प्रभावितों के जान-माल की सुरक्षा एवं ससमय राहत पहुँचाना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। जल संसाधन विभाग, स्वास्थ्य, कृषि, पशुपालन, पी.एच.ई.डी., पंचायती राज विभाग, ग्रामीण विकास विभाग सहित संबंधित सभी विभागों के पदाधिकारी आपस में सुदृढ़ समन्वय तथा सार्थक संवाद स्थापित रखें एवं परिस्थिति के अनुसार त्वरित गति से कार्य करें।

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*जिलाधिकारी ने लोगों से आह्वान करते हुए कहा कि किसी भी प्रकार के अफ़वाह पर ध्यान न दें। अपुष्ट, अप्रामाणिक एवं भ्रामक सूचनाओं को प्रसारित न करें। प्रशासन द्वारा दी जा रही सूचनाओं पर ही ध्यान दें तथा बाढ़ की स्थिति में बचाव हेतु सरकार द्वारा जारी एडवाइजरी का अनुपालन करें।*
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*किसी भी प्रकार की आपातकालीन स्थिति में सहायता के लिए संपर्क करें*:

(1) जिला आपातकालीन संचालन केन्द्र, मुजफ्फरपुर : 0621-2212007

(2) राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र, आपदा प्रबंधन विभाग, बिहार सरकार, पटना: हेल्पलाइन नंबर: 0612-2294204/205, आपातकालीन सहायता नंबर: 1070
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CMO Bihar 
Information & Public Relations Department, Government of Bihar 
Disaster Management Department Govt. of Bihar
फर्श से अर्श  का सफ़र - कुसुम कि वजह से बदली गॉव कि पहचान,  उधमी बन  कुसुम  ने दिया कइयों क़ो रोजगार 
एक वर्ष में 24 से 105 मशीनों तक पहुँचा कुसुम दीदी का उद्यम, ग्रामीण महिलाओं के लिए बना रोजगार का नया केंद्र

बजरंग जीविका स्वयं सहायता समूह  एवं संगम CLF से जुड़ी एक साधारण जीविका सदस्य कुसुम देवी ने अपने दूरदर्शी सोच, दृढ़ संकल्प और निरंतर मेहनत के बल पर उद्यमिता की एक प्रेरणादायक मिसाल कायम की है। 29 सितंबर 2025 को स्थापित कुखु स्काईपैकर इंडिया प्राइवेट लिमिटेड ने आज अपने सफल एक वर्ष का सफर पूरा किया।

स्थापना के समय 24 मशीनों से शुरू हुआ यह उद्यम महज एक वर्ष में बढ़कर 105 मशीनों तक पहुँच गया है। इस अवसर पर आयोजित प्रथम वार्षिकोत्सव कार्यक्रम में जिला पदाधिकारी, मुजफ्फरपुर कुसुम देवी के सादर आमंत्रण पर स्वयं फैक्ट्री पहुँचे और उद्यम की गतिविधियों का अवलोकन किया।

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CMO Bihar 
Information & Public Relations Department, Government of Bihar 
Industries Department, Bihar
ज़िलाधिकारी, मुज़फ़्फ़रपुर श्री कुमार गौरव द्वारा नेपाल में गंडक नदी के जलग्रहण क्षेत्रों में अतिवृष्टि के कारण गंडक नदी में अत्यधिक जलस्राव के मद्देनजर अपर समाहर्ता आपदा प्रबंधन, मुज़फ़्फ़रपुर, अनुमंडल पदाधिकारी; अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी; कार्यपालक अभियंता, जल संसाधन विभाग, अंचल अधिकारियों, प्रखंड विकास पदाधिकारियों एवं अन्य अधिकारियों के साथ रेवा घाट, रतनपुर डीही सहित गंडक नदी के तटबंध के अन्य संवेदनशील स्थलों का निरीक्षण किया गया।
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स्टार्टअप आइडिया बूटकैंप में विद्यार्थियों ने प्रस्तुत किए नवाचार के विचार

एलएनएमसीबीएम के स्टार्टअप सेल एवं एमआईटी के स्टार्टअप सेल के संयुक्त तत्वावधान में स्टार्टअप आइडिया बूटकैंप का आयोजन किया गया। बूटकैंप में बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने भाग लेकर अपने अभिनव एवं रचनात्मक स्टार्टअप आइडिया प्रस्तुत किए। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को स्टार्टअप बिहार नीति के विभिन्न लाभों एवं उद्यम शुरू करने की प्रक्रिया की जानकारी दी गई।

मुजफ्फरपुर जिला उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक श्री विजय शंकर प्रसाद ने विद्यार्थियों को अपने अभिनव विचारों को व्यवसाय में बदलने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि युवा अपने कौशल और नवाचार के माध्यम से स्वरोजगार के साथ-साथ रोजगार सृजन की दिशा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

एल एन मिश्र कॉलेज  के निदेशक डॉ. मनीष कुमार ने विद्यार्थियों को अपना उद्यम शुरू करने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने स्टार्टअप बिहार के माध्यम से वित्तीय सहायता प्राप्त कर सफलतापूर्वक आगे बढ़ रहे स्टार्टअप्स के उदाहरणों की जानकारी देते हुए विद्यार्थियों से अपने विचारों को व्यावहारिक रूप देने का आह्वान किया।

प्रोजेक्ट मैनेजर श्री आशुतोष कुमार झा ने विद्यार्थियों को बूटकैंप के उद्देश्य, गतिविधियों एवं स्टार्टअप की विभिन्न प्रक्रियाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी। वहीं, फैकल्टी इंचार्ज ने विद्यार्थियों को बाजार तक पहुंच, उत्पाद विकास एवं ग्राहकों की आवश्यकताओं को समझने से संबंधित महत्वपूर्ण सुझाव दिए।

एलएन मिश्रा कॉलेज ऑफ बिजनेस मैनेजमेंट के स्टार्टअप सेल के फैकल्टी इंचार्ज डॉ. किशोर पार्थ ने विद्यार्थियों के लिए मार्केट एक्सेस एवं प्रोडक्ट डेवलपमेंट पर विशेष सत्र लिया। उन्होंने विद्यार्थियों को बाजार की जरूरतों को समझने, सही ग्राहक वर्ग की पहचान करने, उत्पाद को ग्राहकों की आवश्यकताओं के अनुरूप विकसित करने तथा उसे बाजार तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने के महत्वपूर्ण पहलुओं की जानकारी दी।
जिला स्टार्टअप कोऑर्डिनेटर श्री कुणाल सिंह ने विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत स्टार्टअप आइडिया का मूल्यांकन किया। उन्होंने विभिन्न विचारों की व्यावसायिक संभावनाओं, विस्तार क्षमता (Scalability) एवं विश्वसनीयता (Reliability) पर चर्चा करते हुए विद्यार्थियों को अपने आइडिया को और बेहतर बनाने के लिए मार्गदर्शन दिया।

कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में उद्यमिता, नवाचार एवं स्वरोजगार की भावना को बढ़ावा देना तथा उन्हें स्टार्टअप के लिए उपलब्ध सरकारी सहायता एवं अवसरों से परिचित कराना रहा।

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Information & Public Relations Department, Government of Bihar 
Industries Department, Bihar