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Kedar Times

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तुंगनाथ में बुग्याल बचाओ अभियान का दूसरा चरण शुरू

ऊखीमठ। तृतीय केदार तुंगनाथ धाम में बुग्यालों के संरक्षण के लिए ‘बुग्याल बचाओ अभियान’ के दूसरे चरण की शुरुआत की गई। गरुड़शिला से घोड़ा पड़ाव होते हुए गणेश मंदिर तक करीब 500 वर्ग मीटर बुग्याली क्षेत्र को बांस और रस्सी से बैरिकेडिंग कर संरक्षित किया जा रहा है। स्वतंत्रता दिवस पर जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के सहयोग से स्थानीय व्यापारियों और पंचपुरोहितों ने ध्वजारोहण के बाद अभियान शुरू किया।
 अभियान से जुड़े वेदपाठी अभिषेक मैठाणी ने बताया कि बुग्याल के पुनर्जीवित होने के बाद यहां ब्रह्मकमल, कुटकी और भूतकेश जैसे हिमालयी पौधों का रोपण किया जाएगा। साथ ही भगवान तुंगनाथ की पुष्प वाटिका विकसित करने की योजना है।

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राहुल गांधी ने की अंकिता भंडारी के माता पिता से बातचीत
बरसात में थोड़ी सावधानी बरतें
रुद्रप्रयाग में बच्चों ने निकाली स्वतंत्रता दिवस पर झांकियां
रुद्रप्रयाग: 80 वाँ स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर रुद्रप्रयाग में प्रभात फेरी निकालते स्कूली बच्चे....
15 अगस्त — 80वें स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ 🇮🇳
नन्हे कदम, तिरंगे की शान और देशभक्ति का जज़्बा! ❤️🤍💚
हमारे देश के इन नन्हे सितारों को स्वतंत्रता दिवस की ढेरों शुभकामनाएँ।
जय हिंद 🇮🇳
वंदे मातरम् 🙏
स्वतंत्रता दिवस की बधाई
केदार टाइम्स की ओर से आप सभी को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं
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स्वतंत्रता दिवस से पहले उत्तराखंड के गंगोलीहाट स्थित जीजीआईसी बालिका विद्यालय की बदहाल स्थिति सवाल खड़े कर रही है। बताया जा रहा है कि 2018 से भवन की समस्याएं unresolved हैं और बारिश का पानी कक्षाओं में पहुंच रहा है। कार्यवाहक प्रधानाचार्य ने भी स्कूल की स्थिति बताई। बेटियों के भविष्य के लिए सुरक्षित कक्षाएं जरूरी हैं।

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कैमरे के सामने आने के लिए
चमोली टनल हादसा अपडेट: मृतकों और घायलों की पूरी सूची 

उत्तराखंड के चमोली जिले के पीपलकोटी (मायापुर) में THDC की टनल नंबर 22 में भूस्खलन और पानी के रिसाव के कारण हुए हादसे में राहत और बचाव कार्य लगातार जारी है। प्रशासन से प्राप्त जानकारी के अनुसार कुल 22 कर्मचारी फंसे थे, जिनमें से 12 घायल हैं, 7 लोगों की मृत्यु हुई है और 3 लोग अभी भी लापता हैं।<nis:link nis:type=tag nis:id=chamolitunnelaccident nis:value=ChamoliTunnelAccident nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=uttarakhand nis:value=Uttarakhand nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=rescueoperation nis:value=RescueOperation nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=update nis:value=Update nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=chamolinews nis:value=ChamoliNews nis:enabled=true nis:link/>
उत्तराखंड कनिष्ठ सहायक परीक्षा स्थगित
उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग ने 23 अगस्त 2026 को प्रस्तावित कनिष्ठ सहायक, आशुलिपिक ग्रेड-1 एवं वैयक्तिक सहायक की लिखित परीक्षा को स्थगित कर दिया है।
भारी बारिश के अलर्ट और उसी दिन आयोजित होने वाली अन्य परीक्षा को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है।
 नई परीक्षा तिथि जल्द आयोग की वेबसाइट पर जारी की जाएगी।
अभ्यर्थी समय-समय पर आयोग की वेबसाइट चेक करते रहें।
बाल बाल बचे गढ़वाल सांसद अनिल बलूनी, देवप्रयाग से पहले तोता घाटी में पहाड़ से गिरा बड़ा बोल्डर, सांसद का वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त, सड़क मार्ग से चमोली में टनल हादसा घटनास्थल पर जा रहे थे बलूनी, प्रभावित लोगो के पास जा रहे थे सांसद। फिर दूसरी गाड़ी से चमोली के लिए हुआ रवाना।
श्रीनगर: फोटोग्राफी के मालिक से मारपीट के मामले में गुरुवार को श्रीनगर कोतवाली के बाहर हंगामा हो गया। एक आरोपी के कोतवाली पहुंचने पर फोटोग्राफर्स यूनियन के सदस्यों ने उसे घेर लिया और मारपीट कर पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस आरोपी को कोतवाली के अंदर ले गई। मामले में पुलिस जांच जारी है।

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खराब मौसम के बीच मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी पीपलकोटी पहुंचे। प्रतिकूल मौसम में हेलीकॉप्टर की लैंडिंग बेहद चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में हुई। मुख्यमंत्री टनल में फंसे श्रमिकों के रेस्क्यू ऑपरेशन का स्थलीय निरीक्षण करेंगे और प्रशासन, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ व पुलिस अधिकारियों से जानकारी लेंगे। इसके बाद घायल श्रमिकों से मुलाकात कर उनका हाल जानेंगे।

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चमोली : अब तक 7 लोगों की मृत्यु की पुष्टि की है जबकि तीन लापता हैं ––

पीपलकोटी स्थित टीएचडीसी की निर्माणाधीन टनल में मलबा एवं पानी भरने की घटना के बाद जिला प्रशासन की ओर से रातभर राहत एवं बचाव अभियान लगातार जारी रहा। जिलाधिकारी गौरव कुमार स्वयं घटनास्थल पर मौजूद रहकर रेस्क्यू अभियान की निगरानी कर रहे हैं।
कैबिनेट व चमोली जिले के प्रभारी मंत्री भरत सिंह चौधरी बीती रात पहुंचे घटना स्थल पर
स्थिति का लिया जायजा
14 से 17 अगस्त तक उत्तराखंड में भारी बारिश का अलर्ट

उत्तराखंड में 14 से 17 अगस्त तक बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। भारत मौसम विज्ञान विभाग के पूर्वानुमान के बाद राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र ने सभी जिला प्रशासनों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं।

14 अगस्त को देहरादून, पिथौरागढ़, बागेश्वर और नैनीताल में भारी से बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट है, जबकि पौड़ी, चंपावत, टिहरी, चमोली, रुद्रप्रयाग, हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर में येलो अलर्ट जारी किया गया है। 15 अगस्त को प्रदेशभर में येलो अलर्ट रहेगा। 16 अगस्त को चंपावत, बागेश्वर और नैनीताल में ऑरेंज अलर्ट तथा 17 अगस्त को देहरादून और टिहरी में ऑरेंज अलर्ट रहेगा।

प्रशासन ने संवेदनशील पहाड़ी क्षेत्रों और नदी-नालों के आसपास विशेष निगरानी के निर्देश दिए हैं। लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने, भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहने और भारी बारिश के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की गई है।

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बड़ी पहल: ग्लेशियर से 500 मीटर दूर बन रही दुनिया की सबसे ऊंची डबल टनल

लाहौल-स्पीति के शिंकुला दर्रे में समुद्र तल से करीब 15,400 फीट की ऊंचाई पर दुनिया की सबसे ऊंची डबल-लेन टनल का निर्माण तेजी से जारी है। यह सुरंग शिंकुला दर्रे से होकर ग्लेशियर से महज 500 मीटर की दूरी पर बनाई जा रही है। करीब 4.1 किलोमीटर लंबी यह सुरंग सामरिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

निर्माण कार्य बेहद चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में चल रहा है। ऑक्सीजन की कमी के कारण कर्मचारियों को शिफ्ट में काम करना पड़ रहा है। सुरंग बनने के बाद मनाली-लेह मार्ग की दूरी करीब 100 किलोमीटर कम होकर लगभग 330 किलोमीटर रह जाएगी। वर्तमान में बारालाचा से मनाली-लेह की दूरी 427 किलोमीटर और शिंकुला दर्रे के रास्ते करीब 440 किलोमीटर है।

सुरंग बनने से भारतीय सेना को अग्रिम मोर्चों तक पहुंचने में सुविधा होगी। साथ ही लेह-लद्दाख और कारगिल क्षेत्र से संपर्क मजबूत होगा। यह मार्ग मनाली-लेह का वैकल्पिक रास्ता भी बनेगा और सालभर आवाजाही में मदद करेगा। शिंकुला क्षेत्र पर्यटकों के लिए भी नया डेस्टिनेशन बन सकता है।

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रंग लाई मुहिम: अंधियारी रातों में फिर जगमगाने लगे जुगनू

इंडोनेशिया में विकास की तेज दौड़ के बीच विलुप्त होती जुगनुओं की प्रजातियों को बचाने के लिए जुगनू संरक्षण केंद्र नई उम्मीद बन रहा है। बाली द्वीप के तारो गांव में जुगनुओं के संरक्षण की मुहिम रंग ला रही है। यहां बचपन की यादों में बसे जुगनुओं को फिर से आबाद करने के लिए दिन-रात प्रयास किए जा रहे हैं।

इंटरनेशनल यूनियन फॉर कंजर्वेशन ऑफ नेचर (IUCN) की वैश्विक रिपोर्ट के अनुसार दुनिया भर में जुगनुओं की करीब 10 फीसदी प्रजातियां विलुप्त होने के कगार पर हैं। जुगनू पर्यावरण के लिए भी महत्वपूर्ण माने जाते हैं और इनके अस्तित्व के लिए स्वच्छ जल स्रोत तथा प्रदूषण रहित वातावरण जरूरी है।

संरक्षण केंद्र की टीम आधुनिक तकनीकों के जरिए जुगनुओं की आबादी बढ़ाने में जुटी है। विशेषज्ञों ने इसके लिए विशेष उपकरण विकसित किए हैं। केंद्र में जुगनुओं की टिमटिमाहट से रात का वातावरण फिर रोशन होने लगा है।

एक जुगनू की उम्र महज 22 दिन होती है, जबकि उसे पूर्ण वयस्क बनने में करीब छह माह से दो साल तक लग सकते हैं। संरक्षण केंद्र में प्रयोगशाला में पली-बढ़ी मादा जुगनुओं का मिलन जंगल से लाए गए नर जुगनुओं से कराया जाता है और अंडों को एकत्र कर इनक्यूबेटर में संरक्षित किया जाता है।

2018 में स्थापित यह केंद्र इंडोनेशिया का पहला जुगनू संरक्षण केंद्र है।

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पीपलकोटी की घटना पर जिलाधिकारी का बयान
बिग ब्रेकिंग: पीपलकोटी में निर्माणाधीन टनल में भूस्खलन, कई मजदूर फंसे

चमोली जिले के पीपलकोटी में विष्णुगाड–पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना की निर्माणाधीन टनल में भूस्खलन होने की सूचना है। हादसे में मजदूरों के हताहत होने की जानकारी सामने आई है। घटना के बाद राहत एवं बचाव कार्य शुरू कर दिया गया है। इनमें से दो मजदूरों को जिला अस्पताल गोपेश्वर लाया गया है। हादसे से मौके पर अफरा-तफरी का माहौल है।

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पीपलकोटी टनल हादसा: 13 लोगों का सुरक्षित रेस्क्यू, बचाव अभियान जारी

चमोली जिले के मायापुर (पीपलकोटी) में गुरुवार शाम करीब 7:05 बजे टीएचडीसी की निर्माणाधीन टनल में मलबा और पानी भरने की सूचना से हड़कंप मच गया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार टनल में काम कर रहे 18 से 19 लोगों के फंसे होने की सूचना मिली थी। घटना के बाद तत्काल खोज एवं बचाव अभियान शुरू किया गया।

अब तक 13 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है, जबकि अन्य लोगों की तलाश और सुरक्षित रेस्क्यू के लिए अभियान लगातार जारी है। टनल का निर्माण एचसीसी कंपनी द्वारा किया जा रहा था।

हादसे की गंभीरता को देखते हुए सेना, आईटीबीपी, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें घटनास्थल के लिए रवाना की गई हैं। डीआईआरएफ, स्थानीय पुलिस और सीआईएसएफ के जवान भी मौके पर रेस्क्यू अभियान में जुटे हैं। जिलाधिकारी मौके पर मौजूद रहकर अभियान की निगरानी कर रहे हैं। प्रशासन ने सभी आवश्यक संसाधन मौके पर जुटाए हैं।

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चमोली के मायापुर THDC टनल में मलबा-पानी घुसा, 16 का सुरक्षित रेस्क्यू; घायलों का जिला अस्पताल गोपेश्वर में इलाज जारी।

चमोली। मायापुर (पीपलकोटी) में गुरुवार शाम करीब 7:05 बजे THDC की निर्माणाधीन टनल में मलबा और पानी भरने से हड़कंप मच गया। प्रारंभिक सूचना के अनुसार टनल में कार्य कर रहे 18-19 लोग फंसे थे, जिनमें से 16 लोगों को सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया गया है।

रेस्क्यू किए गए लोगों में घायलों का इलाज जिला अस्पताल गोपेश्वर में चल रहा है। शेष लोगों की तलाश और सुरक्षित रेस्क्यू के लिए अभियान लगातार जारी है।

टनल का निर्माण HCC कंपनी द्वारा किया जा रहा था। घटना की गंभीरता को देखते हुए स्वयं जिलाधिकारी गौरव कुमार, जिला प्रशासन के साथ मौके पर पहुंचे है। वही ,सेना, ITBP, NDRF और SDRF की टीमें मौके पर  स्थानीय पुलिस, CISF और अन्य बचाव दल भी रेस्क्यू अभियान में जुटे हैं।

वही मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अधिकारियों को युद्धस्तर पर राहत एवं बचाव अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि टनल में फंसे प्रत्येक व्यक्ति को सुरक्षित बाहर निकालना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
ब्रेकिंग - चमोली - एचसीसी टनल में हादसा
 घायल श्रमिकों का जिला अस्पताल गोपेश्वर में इलाज चल रहा है।