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jago himachal

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मुख्यमंत्री ने अटल बिहारी वाजपेयी को श्रद्धासुमन अर्पित किए
शिमला -
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने आज शिमला के रिज मैदान पर भारत रत्न एवं पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को उनकी पुण्यतिथि पर श्रद्धासुमन अर्पित किए।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का हिमाचल प्रदेश से विशेष लगाव था। वह मनाली स्थित अपने आवास पर समय-समय पर छुट्टियां बिताने आते रहते थे। उन्होंने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी सबको साथ लेकर चलने की राजनीति में विश्वास रखते थे, जो वर्तमान समय में कम देखने को मिलती है। उन्होंने कहा कि आज पूरा देश पूर्व प्रधानमंत्री को श्रद्धापूर्वक याद कर रहा है। मुख्यमंत्री ने उनके देश और प्रदेश के विकास में दिए योगदान को भी याद किया।
इस दौरान सूचना एवं जन सम्पर्क विभाग के कलाकारों ने देशभक्ति के गीतों का गायन किया।
इस अवसर पर पूर्व मंत्री सुरेश भारद्वाज, नगर निगम शिमला के महापौर सुरेन्द्र चौहान, उप-महापौर उमा कौशल, हिमुडा के उपाध्यक्ष यशवंत छाजटा, पार्षदगण, उपायुक्त शिमला अनुपम कश्यप, नगर निगम शिमला के आयुक्त सचिन कंवल सहित अन्य गणमान्यों ने भी पूर्व प्रधानमंत्री को श्रद्धासुमन अर्पित किए।
जनजातीय उत्सव-2026 में खिलाड़ियों को मिला सम्मान, विजेताओं को पदक, ट्रॉफी व नकद पुरस्कार प्रदान कर किया पुरूस्कृत

केलांग, 16 अगस्त 2026.......जनजातीय उत्सव-2026 के तहत आयोजित विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को समापन समारोह के दौरान सम्मानित किया गया। मंडी मंडल के मंडलीय आयुक्त डॉ. आर.के. प्रूथी ने मुख्य अतिथि के रूप में विजेता एवं उपविजेता खिलाड़ियों को नकद पुरस्कार, पदक एवं ट्रॉफियां प्रदान कर सम्मानित किया। इस अवसर पर उपायुक्त लाहौल-स्पीति किरण भड़ाना, पुलिस अधीक्षक शिवानी मेहला तथा उपमंडलाधिकारी नागरिक कुनिका ऐकर्स भी विशेष रूप से उपस्थित रहीं। मेला कमेटी की ओर से मुख्य अतिथि सहित सभी विशिष्ट अतिथियों को स्मृति स्वरूप टी-शर्ट भी प्रदान की गईं।

वॉलीबाल प्रतियोगिता में  रनर अप थी्र स्टार नेपाल और विनर डिस्ट्रिक्ट पुलिस रही। क्रिकेट प्रतियोगिता में रनर अप एसपी- 11 और विनर 70 आरसीसी बीआरओ की टीम रही। बैडमिंटन प्रतियोगिता के अंडर-15 बॉयज एकल वर्ग में आर्यन ने प्रथम स्थान हासिल कर ₹2,000 का पुरस्कार जीता, जबकि कशिश उपविजेता रहे और उन्हें ₹1,500 प्रदान किए गए। अंडर-15 बॉयज डबल्स में प्रमोद एवं लक्ष्य की जोड़ी विजेता रही और ₹3,000 का पुरस्कार प्राप्त किया, जबकि होजोर एवं राघव की जोड़ी उपविजेता रही और उन्हें ₹2,000 का पुरस्कार दिया गया। अंडर-17 बॉयज एकल वर्ग में कृष्णा विजेता रहे और उन्हें ₹2,000, जबकि अर्जुन को उपविजेता के रूप में ₹1,500 का पुरस्कार प्रदान किया गया। अंडर-17 बॉयज डबल्स में नोरगे एवं कृष्णा की जोड़ी ने प्रथम स्थान प्राप्त कर ₹3,000 का पुरस्कार जीता, जबकि आर्यवीर एवं आर्यन की जोड़ी उपविजेता रही और उन्हें ₹2,000 प्रदान किए गए। ओपन पुरुष एकल वर्ग में सुषांत विजेता रहे और उन्हें ₹3,000 का पुरस्कार मिला, जबकि शेरुब उपविजेता रहे और उन्हें ₹2,000 प्रदान किए गए। ओपन पुरुष युगल वर्ग में रमेश एवं सुषांत की जोड़ी ने प्रथम स्थान हासिल कर ₹5,000 का पुरस्कार जीता, जबकि प्रवीण एवं राजीव की जोड़ी उपविजेता रही और उन्हें ₹3,000 प्रदान किए गए। महिला एकल वर्ग में कल्पना को ₹1,000 का पुरस्कार तथा रुचि को ₹500 का पुरस्कार दिया गया।
इसी क्रम में जनजातीय उत्सव-2026 के तहत आयोजित टेबल टेनिस प्रतियोगिता में भी खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया। अंडर-16 एकल वर्ग में वैदिक शर्मा विजेता रहे, जबकि अनमित राज उपविजेता रहे। अंडर-16 युगल वर्ग में वैदिक शर्मा एवं रोणव थॉमस की जोड़ी ने प्रथम स्थान हासिल किया, जबकि संबंधित वर्ग में उपविजेता खिलाड़ियों को भी सम्मानित किया गया। 16 वर्ष से अधिक आयु के एकल वर्ग में वैदिक शर्मा ने विजेता का खिताब अपने नाम किया, जबकि सौरव सुमनम्पा उपविजेता रहे। वहीं 16 वर्ष से अधिक आयु के युगल वर्ग में सौरव एवं अमित की जोड़ी विजेता तथा दीपक ठाकुर एवं यशस्वी की जोड़ी उपविजेता रही। सभी विजेता एवं उपविजेता खिलाड़ियों को उनके शानदार प्रदर्शन के लिए पदक, ट्रॉफियां एवं निर्धारित नकद पुरस्कार प्रदान किए गए।
मुख्य अतिथि मंडलीय आयुक्त डॉ. आर.के. प्रूथी ने सभी विजेता एवं उपविजेता खिलाड़ियों को बधाई देते हुए कहा कि खेल युवाओं में अनुशासन, आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता एवं स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की भावना विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने खिलाड़ियों से खेल गतिविधियों में निरंतर भाग लेने तथा अपनी प्रतिभा को और निखारने का आह्वान किया। उपायुक्त किरण भड़ाना ने भी सभी खिलाड़ियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि जनजातीय उत्सव जैसे आयोजन स्थानीय प्रतिभाओं को अपनी खेल क्षमता प्रदर्शित करने के लिए बेहतर मंच प्रदान करते हैं।

पुरस्कार वितरण के उपरांत मुख्य अतिथि डॉ. आर.के. प्रूथी एवं उपस्थित अधिकारियों ने जनजातीय उत्सव-2026 के दौरान लगाई गई विभिन्न प्रदर्शनियों का अवलोकन किया। उन्होंने प्रदर्शनी में प्रदर्शित स्थानीय हस्तशिल्प, पारंपरिक उत्पादों, स्वयं सहायता समूहों द्वारा तैयार उत्पादों तथा स्थानीय संस्कृति एवं कला से संबंधित सामग्री की जानकारी ली और प्रतिभागियों के प्रयासों की सराहना की।
जनजातीय उत्सव-2026 के दौरान आयोजित खेल प्रतियोगिताओं में खिलाड़ियों की शानदार भागीदारी, पदक एवं ट्रॉफी वितरण तथा विभिन्न प्रदर्शनियों ने उत्सव की रौनक को और बढ़ाया। खेल, संस्कृति, कला एवं स्थानीय उत्पादों को एक मंच पर प्रदर्शित करते हुए जनजातीय उत्सव क्षेत्र की समृद्ध परंपराओं और स्थानीय प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने का प्रभावी माध्यम बना।
मेलों के माध्यम से होता है सांस्कृतिक समृद्धि, आपसी भाईचारे और पारंपरिक विरासत का सुंदर प्रदर्शन -  विक्रमादित्य सिंह

विक्रमादित्य सिंह ने की रिहाली मेला के समापन समारोह में शिरकत
शिमला -
लोक निर्माण एवं शहरी विकास मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने आज ग्रहणेशवर मेला कमेटी देवठी, शिलाघुंड में रिहाली मेला के समापन समारोह में बतौर मुख्यातिथि शिरकत की। मेले में विभिन्न जिलों से आए खिलाड़ियों का भी स्वागत किया गया। 
कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि हर वर्ष स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष्य में दो से तीन दिवसीय मेले का आयोजन किया जाता है। मेले में क्षेत्र के स्थानीय लोग, महिलाएं, बुजुर्ग, लोकगायक, क्षेत्रीय प्रतिनिधि और देवता कमेटियों के प्रतिनिधि उत्साहपूर्वक भाग लेते हैं। यह आयोजन स्थानीय संस्कृति, परंपराओं और लोक विरासत को संजोने एवं नई पीढ़ी तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण माध्यम है। आयोजन के माध्यम से क्षेत्र की सांस्कृतिक समृद्धि, आपसी भाईचारे और पारंपरिक विरासत का सुंदर प्रदर्शन किया जाता है।
उन्होंने कहा कि क्षेत्र की जमीनी समस्याओं के साथ-साथ प्रशासनिक समस्याओं की भी जानकारी मिली है। वर्तमान में विभिन्न विभागों के डिविजन अलग-अलग प्रशासनिक क्षेत्रों में होने के कारण लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने इन समस्याओं को लेकर विस्तृत रिपोर्ट तैयार करवाने और मुख्यमंत्री से विशेष रूप से चर्चा करने की बात कही। उन्होंने कहा कि समग्र विकास के लिए मजबूत और सुव्यवस्थित प्रशासनिक ढांचा आवश्यक है। प्रयास रहेगा कि क्षेत्र की प्रशासनिक व्यवस्थाओं को बेहतर समन्वय के साथ व्यवस्थित किया जाए, ताकि लोगों को अपने कार्यों के लिए अलग-अलग स्थानों के चक्कर न काटने पड़ें।
उन्होंने कहा कि चौपाल विधानसभा क्षेत्र के लिए करीब 130 करोड़ रुपये की सहायता सड़क निर्माण पर खर्च किए जा रहे है। इसमें करीब 10 करोड़ रुपये की लागत से बागड़ी लिंक रोड का निर्माण शामिल है। इसकी सभी औपचारिकताएं पूरी हो चुकी हैं तथा टेंडर और अवार्ड की प्रक्रिया भी पूरी हो गई है। जल्द ही सड़क निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा। करगोली नाला से चंबल सड़क 10 करोड़ रुपए, कुठार - कनौरी 9.5 करोड़ रुपए तथा बासाधार ज्ञानकोट सड़क 9.7 करोड़ रुपए खर्च किए जा रहे है। उन्होंने कहा कि छैला-सैंज-नेरी पूल-यशवंत नगर रोड के लिए 239 करोड़ रुपए स्वीकृत हो चुके है। इसके लिए सारी औपचारिकताएं पूरी की जा रही है।

10 बीघा से अधिक भूमि दान देने वाले व्यक्ति के नाम पर होगा सड़क का नाम
उन्होंने कहा कि सड़क निर्माण के लिए भूमि उपलब्ध करवाना सबसे महत्वपूर्ण है। लोगों से भूमि दान कर सड़कों के निर्माण में सहयोग करने का आग्रह किया गया, ताकि दूरदराज के पहाड़ी क्षेत्रों में सड़क संपर्क को और मजबूत किया जा सके। उन्होंने कहा जो व्यक्ति 10 बीघा से अधिक भूमि सड़क निर्माण के लिए दान देगा उसी व्यक्ति के नाम पर सड़क का नाम रखा जाएगा।
मंत्री ने कहा कि  स्टेडियम के जीर्णोद्धार के लिए 5 लाख रुपए देने की घोषणा की । उन्होंने हर ठोडा दल को 10 -10 हजार और स्कूली छात्रों को सांस्कृतिक प्रस्तुति देने की घोषणा की।

यह भी रहे उपस्थित
इस मौके पर राणा विक्रम सिंह, जिला परिषद सदस्य सुरेंद्र मोकटा, मेला कमेटी अध्यक्ष अर्जुन देव सिंह, बजीर दौलत राम चंदेल, चेत राम चंदेल, स्थानीय पंचायत बगेंन के प्रधान राजेश चंदेल, डमियाना पंचायत प्रधान लायक राम चौहान, हरिमन कपरेट, जीत राम वर्मा, काली राम चंदेल, सोहन वर्मा, कृतिका सिंह, पूर्व जिला परिषद सदस्य राजेश कंवर, मनमोहन शर्मा, सोनू चंदेल, स्थानीय जनप्रतिनिधि, विभागों के अधिकारी सहित स्थानीय लोग भारी तादाद में मौजूद रहे।
शाहपुर में ई-चार्जिंग स्टेशन के लिए 46.28 लाख स्वीकृत, मुख्यमंत्री का आभार: केवल सिंह पठानिया

शाहपुर, 16 अगस्त: शाहपुर बस स्टैंड में 46.28 लाख रुपये की लागत से नया इलेक्ट्रिक चार्जिंग स्टेशन स्थापित किया जाएगा। इसके लिए धनराशि स्वीकृत होने पर शाहपुर के विधायक एवं उपमुख्य सचेतक केवल सिंह पठानिया ने मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू और उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री का आभार जताया।

चार्जिंग स्टेशन की स्वीकृति के लिए शाहपुर विधानसभा क्षेत्र की जनता ने भी मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया है।

केवल सिंह पठानिया ने कहा कि शाहपुर विधानसभा क्षेत्र में तीन नई इलेक्ट्रिक बसें चलाई जा रही हैं। इनके सुचारू संचालन के लिए शाहपुर बस स्टैंड में ही चार्जिंग स्टेशन स्थापित किया जाएगा। परिवहन एवं विद्युत विभाग के अधिकारियों के साथ चार्जिंग स्टेशन के लिए स्थान चिन्हित कर लिया गया है तथा संबंधित विभागों को जल्द आवश्यक कार्रवाई पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं।

उन्होंने बताया कि इलेक्ट्रिक बसों के रूट विस्तार को लेकर भी परिवहन विभाग को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को बेहतर और सुगम परिवहन सुविधा मिल सके।

विधायक ने कहा कि शाहपुर में चार्जिंग स्टेशन स्थापित होने से इलेक्ट्रिक बस सेवा को मजबूती मिलेगी तथा क्षेत्रवासियों को पर्यावरण अनुकूल सार्वजनिक परिवहन की बेहतर सुविधा उपलब्ध होगी।
नगर निगम शिमला की कमाई पर सरकार की नजर, फंड डायवर्ट कर निगम को आर्थिक रूप से खोखला करने का आरोप; आने वाले समय में वेतन देना भी हो सकता है मुश्किल : कर्ण नंदा

कांग्रेस राज में बदहाल हुआ शिमला, भाजपा की परियोजनाओं पर फीते काटकर अपनी उपलब्धियां गिना रही सरकार : कर्ण नंदा

शिमला, 16 अगस्त। भाजपा प्रदेश मीडिया प्रभारी कर्ण नंदा ने प्रदेश की कांग्रेस सरकार और नगर निगम शिमला की कार्यप्रणाली पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि कांग्रेस के शासन में प्रदेश की राजधानी शिमला की हालत लगातार खराब होती जा रही है। शहर में नई विकास योजनाओं का अकाल है और कांग्रेस सरकार केवल उन परियोजनाओं का उद्घाटन कर श्रेय लेने का प्रयास कर रही है, जिनकी शुरुआत पूर्व भाजपा सरकार के कार्यकाल में हुई थी।

नंदा ने कहा कि कांग्रेस सरकार को सार्वजनिक रूप से शिमला की जनता को बताना चाहिए कि अपने कार्यकाल में उसने राजधानी के लिए कितनी नई बड़ी परियोजनाएं स्वीकृत कीं, उनके लिए कितना नया बजट दिया और धरातल पर कितने नए कार्य शुरू किए। पुरानी परियोजनाओं पर नया फीता काटने से विकास नहीं होता।

उन्होंने आरोप लगाया कि अब स्थिति इससे भी गंभीर हो गई है। नगर निगम शिमला के अपने राजस्व स्रोतों से प्राप्त धन को अलग-अलग मदों में डायवर्ट करने का प्रयास किया जा रहा है। प्रॉपर्टी टैक्स सहित नगर निगम के विभिन्न आय स्रोतों से आने वाले धन को नगर निगम और शिमला शहर के विकास पर खर्च करने के बजाय अन्य मदों तथा दूसरे नगर निकायों की ओर मोड़ना राजधानी की जनता के अधिकारों के साथ अन्याय है।

कर्ण नंदा ने कहा कि नगर निगम शिमला की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार निगम का अपना बाकायदा Tax Department है, जो नगर निगम क्षेत्र में संपत्ति कर के आकलन और संग्रह के लिए जिम्मेदार है। संपत्ति कर की मांग प्रत्येक वर्ष उठाई जाती है और इसका भुगतान नगर निगम के पक्ष में किया जाता है। ऐसे में सवाल उठता है कि शिमला की जनता द्वारा नगर निगम को दिया गया टैक्स आखिर शिमला की सुविधाओं और विकास पर क्यों नहीं खर्च होना चाहिए?

उन्होंने कहा कि नगर निगम की आधिकारिक व्यवस्था में Finance, Contract and Planning Committee को बजट तैयार करने, कर सहित राजस्व बढ़ाने के प्रस्तावों, निगम की प्राप्तियों और खर्च तथा समग्र वित्तीय मामलों की निगरानी की जिम्मेदारी दी गई है। इसलिए नगर निगम की आय और उसके उपयोग में पूरी पारदर्शिता आवश्यक है।

नंदा ने कहा कि नगर निगम की वेबसाइट पर Budget Estimates 2026-27, Budget Estimates 2025-26 और 31 मार्च 2025 की Balance Sheet भी आधिकारिक वित्तीय दस्तावेजों के रूप में सूचीबद्ध हैं। भाजपा मांग करती है कि कांग्रेस शासित नगर निगम और प्रदेश सरकार जनता के सामने स्पष्ट विवरण रखें कि पिछले तीन वर्षों में निगम को प्रॉपर्टी टैक्स, फीस और अन्य स्रोतों से कितना राजस्व प्राप्त हुआ, उसमें से कितना पैसा शिमला शहर में खर्च हुआ तथा कितना पैसा अन्य मदों में स्थानांतरित अथवा डायवर्ट किया गया।

“शिमला का पैसा शिमला पर खर्च होना चाहिए”

भाजपा प्रदेश मीडिया प्रभारी ने कहा कि शिमला की जनता से वसूला गया पैसा शिमला की सड़कों, रास्तों, सफाई, स्ट्रीट लाइट, पार्किंग, सार्वजनिक सुविधाओं और वार्डों के विकास पर खर्च होना चाहिए। यदि नगर निगम की आय को लगातार दूसरी तरफ मोड़ा जाएगा तो निगम अपनी मूल जिम्मेदारियां कैसे पूरी करेगा?

उन्होंने आरोप लगाया कि नगर निगम के आय के साधनों को कमजोर करने की यही नीति जारी रही तो भविष्य में स्थिति इतनी खराब हो सकती है कि निगम को कर्मचारियों के वेतन और दूसरी आवश्यक देनदारियों के भुगतान में भी कठिनाई का सामना करना पड़े। यह राजधानी के लिए गंभीर चिंता का विषय है।

नंदा ने कहा कि एक तरफ शिमला की सड़कें और नागरिक सुविधाएं दबाव में हैं, वहीं दूसरी ओर नगर निगम को नए वित्तीय संसाधन उपलब्ध कराने के बजाय उसके मौजूदा संसाधनों पर भी दबाव बनाया जा रहा है। दिलचस्प तथ्य यह है कि नगर निगम ने स्वयं Municipal Bonds के माध्यम से धन जुटाने के लिए Transaction Advisor-cum-Merchant Banker नियुक्त करने की प्रक्रिया भी शुरू की है। इससे साफ है कि निगम को विकास के लिए अतिरिक्त वित्तीय संसाधनों की आवश्यकता है।

कर्ण नंदा ने कहा, “कांग्रेस सरकार शिमला को एटीएम समझना बंद करे। शिमला की जनता टैक्स देती है तो उसे बदले में बेहतर सड़कें, सफाई, पार्किंग और नागरिक सुविधाएं मिलनी चाहिए। भाजपा के समय शुरू हुई परियोजनाओं का उद्घाटन कर फोटो खिंचवाना और दूसरी तरफ नगर निगम की आर्थिक ताकत कमजोर करना विकास का मॉडल नहीं हो सकता।”

उन्होंने मांग की कि प्रदेश सरकार और नगर निगम शिमला नगर निगम की आय, प्रॉपर्टी टैक्स संग्रह, सरकार से प्राप्त अनुदान, विभिन्न मदों में किए गए फंड ट्रांसफर तथा पिछले तीन वर्षों के विकास व्यय का पूरा ब्यौरा सार्वजनिक करें। भाजपा इस मुद्दे को जनता के बीच मजबूती से उठाएगी और शिमला के हितों के साथ किसी प्रकार का समझौता नहीं होने देगी।
*स्वतंत्रता दिवस पर ABVP शिमला महानगर ने निकाली भव्य तिरंगा यात्रा*

*राष्ट्रभक्ति, राष्ट्रीय एकता और अखंडता का संदेश देती 100 मीटर तिरंगे के साथ यात्रा*
शिमला -
स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् (ABVP) शिमला महानगर द्वारा राष्ट्रभक्ति एवं राष्ट्रीय एकता के संदेश के साथ भव्य 100 मीटर तिरंगा यात्रा का आयोजन किया गया। यात्रा में बड़ी संख्या में विद्यार्थियों एवं युवाओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। हाथों में विशाल तिरंगा लेकर युवाओं ने देश की एकता, अखंडता और गौरव का संदेश दिया।

तिरंगा यात्रा के दौरान पूरा वातावरण “भारत माता की जय”, “वंदे मातरम्” सहित देशभक्ति के नारों से गूंज उठा। 100 मीटर लंबे तिरंगे के साथ शिमला की सड़कों पर निकली यह यात्रा युवाओं के राष्ट्र के प्रति समर्पण, गौरव और जिम्मेदारी की भावना को प्रदर्शित करने वाली रही।

ABVP शिमला महानगर के कार्यकर्ताओं ने कहा कि तिरंगा केवल एक ध्वज नहीं, बल्कि देश की संप्रभुता, एकता, अखंडता और करोड़ों भारतीयों की भावनाओं का प्रतीक है। युवाओं का दायित्व है कि वे राष्ट्र निर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएं तथा देश की एकता और अखंडता को और मजबूत करने के लिए निरंतर कार्य करें।

परिषद् ने कहा कि स्वतंत्रता दिवस जैसे अवसर युवाओं को अपने राष्ट्र, संस्कृति और स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदानों से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् भविष्य में भी राष्ट्रहित एवं छात्रहित से जुड़े विषयों को लेकर इसी प्रकार सक्रिय रूप से कार्य करती रहेगी।
राज्यपाल ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की पुण्यतिथि पर पुष्पांजलि अर्पित की
मनाली एवं प्रीणी से उनके आत्मीय संबंधों को किया याद
शिमला -
राज्यपाल कविन्द्र गुप्ता ने आज लोक भवन, शिमला में भारत रत्न एवं पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की पुण्यतिथि पर पुष्पांजलि अर्पित की।
इस अवसर पर राज्यपाल ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी का देश के इतिहास में एक विशिष्ट और अमिट स्थान है। वे दूरदर्शी राजनेता और राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले महान व्यक्तित्व थे। उनके योगदान से भावी पीढ़ियां निरंतर प्रेरणा लेती रहंेगी। उन्होंने कहा कि वाजपेयी जी सादगी, ओजस्वी वाणी और अद्वितीय राजनीतिक सूझबूझ के कारण सभी राजनीतिक दलों में सम्मानित और देशभर में अत्यंत लोकप्रिय थे।
राज्यपाल ने कहा कि लोकतांत्रिक मूल्यों, संसदीय परंपराओं और सहमति की राजनीति के प्रति वाजपेयी जी की अटूट प्रतिबद्धता सार्वजनिक जीवन के लिए एक स्थायी आदर्श है। राष्ट्र के विकास, सामाजिक कल्याण तथा देश की एकता एवं अखंडता के प्रति उनका समर्पण अनुकरणीय रहा। राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर राष्ट्रहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की उनकी विशिष्ट क्षमता ने उन्हें सम्मान दिलाया।
राज्यपाल ने कहा कि वाजपेयी जी का दृढ़ विश्वास था कि भारत की प्रगति लोकतांत्रिक मूल्यों, सुशासन और समाज के प्रत्येक वर्ग के सशक्तिकरण पर आधारित होनी चाहिए। एक मजबूत, आत्मनिर्भर और विकसित भारत को लेकर उनकी दूरदर्शी सोच आज भी देश की ‘विकसित भारत’ की निरंतर यात्रा में अत्यंत प्रासंगिक है।
राज्यपाल ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी का हिमाचल प्रदेश के प्रति विशेष लगाव था। मनाली और प्रीणी के साथ उनके आत्मीय एवं चिरस्थायी संबंध प्रदेश की सामूहिक स्मृतियों का अभिन्न हिस्सा हैं।
राज्यपाल ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी ने सत्ता में बने रहने और सरकार को बचाए रखने के लिए कभी भी ईमानदारी और सिद्धांतों से समझौता नहीं किया। उनको सच्ची श्रद्धांजलि यही होगी कि हम उनके द्वारा स्थापित शुचिता, नैतिकता और मूल्य-आधारित राजनीति के मार्ग का अनुसरण करें।
राज्यसभा सांसद प्रोफेसर (डॉ.) सिकंदर कुमार NIFTEM काउंसिल के सदस्य निर्वाचित
संसद के उच्च सदन से विधिवत हुआ निर्वाचन, हिमाचल के खाद्य प्रसंस्करण, बागवानी और युवा उद्यमिता को मिलेगा बढ़ावा
शिमला, 16 अगस्त। हिमाचल प्रदेश से राज्यसभा सांसद प्रोफेसर (डॉ.) सिकंदर कुमार के नाम एक और महत्वपूर्ण राष्ट्रीय दायित्व जुड़ गया है। उन्हें देश के प्रतिष्ठित राष्ट्रीय खाद्य प्रौद्योगिकी, उद्यमिता एवं प्रबंधन संस्थान (NIFTEM) की काउंसिल का सदस्य विधिवत निर्वाचित किया गया है।
राज्यसभा सचिवालय, संसदीय सौध, नई दिल्ली की ओर से 14 अगस्त 2026 को जारी आधिकारिक कार्यालय ज्ञापन के अनुसार यह निर्वाचन प्रक्रिया पूरी हुई। केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री चिराग पासवान के शासकीय पत्र के संदर्भ में राज्यसभा में 7 अगस्त को प्रस्ताव स्वीकृत किया गया था। इसके बाद हुई चुनावी प्रक्रिया में 13 अगस्त 2026 को प्रोफेसर सिकंदर कुमार को काउंसिल का सदस्य निर्वाचित किया गया।
राज्यसभा सचिवालय के उप सचिव अनुराग सैनी द्वारा जारी ज्ञापन में खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय को निर्देश दिए गए हैं कि डॉ. कुमार को काउंसिल की भूमिकाओं, जिम्मेदारियों और कार्यों से संबंधित आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराई जाए तथा समन्वय के लिए उचित स्तर के अधिकारी की नियुक्ति की जाए।
NIFTEM खाद्य प्रसंस्करण, कृषि उत्पादों के मूल्य संवर्धन, आपूर्ति श्रृंखला और खाद्य सुरक्षा से जुड़े क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। ऐसे में हिमाचल के सांसद की काउंसिल में मौजूदगी से प्रदेश के कृषि और बागवानी उत्पादों के प्रसंस्करण को राष्ट्रीय स्तर पर नई दिशा मिलने की उम्मीद है।
हिमाचल प्रदेश सेब, कीवी, मशरूम, अदरक, लहसुन और विभिन्न सब्जियों के उत्पादन के लिए जाना जाता है। खाद्य प्रसंस्करण और कोल्ड-चेन सुविधाओं के विस्तार से किसानों की उपज के नुकसान को कम करने के साथ ही उत्पादों का बेहतर मूल्य प्राप्त करने में मदद मिल सकती है। वहीं, खाद्य प्रसंस्करण आधारित सूक्ष्म उद्योगों और उद्यमिता को बढ़ावा मिलने से ग्रामीण युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर भी पैदा हो सकते हैं।
मूल रूप से जिला हमीरपुर की उप-तहसील एवं डाकघर कांगू के गांव ढगोह से संबंध रखने वाले प्रोफेसर सिकंदर कुमार प्रतिष्ठित शिक्षाविद और पूर्व कुलपति रहे हैं। संसद में सक्रिय भागीदारी और जनहित से जुड़े मुद्दों को उठाने के लिए पहचाने जाने वाले प्रोफेसर कुमार को यह जिम्मेदारी मिलने से उनके गृह क्षेत्र हमीरपुर सहित पूरे हिमाचल प्रदेश में खुशी का माहौल है।
प्रेस क्लब की नई कार्यकारिणी का जिला परिषद अध्यक्ष ने किया स्वागत;  मिठाई बाँट कर जताई खुशी 
केलांग, 16 अगस्त 2026। जिला परिषद अध्यक्ष वीना देवी एवं जिला परिषद सदस्यों ने नवगठित लाहौल-स्पीति प्रेस क्लब के अध्यक्ष शाम आजाद सहित क्लब के पदाधिकारियों एवं सदस्यों का गर्मजोशी से स्वागत एवं अभिनंदन किया। इस अवसर पर लाहौली परंपरा के अनुरूप नवगठित कार्यकारिणी के सदस्यों को पारंपरिक टोपी व खतग पहनाकर सम्मानित किया गया तथा मिठाई बांटकर नई कार्यकारिणी के गठन पर खुशी जताई गई।
समारोह के दौरान प्रेस क्लब के मुख्य सलाहकार रतन कटोच एवं महासचिव को भी सम्मानित किया गया। जिला परिषद अध्यक्ष वीना देवी ने प्रेस क्लब की नई कार्यकारिणी को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि लोकतंत्र में पत्रकारिता की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। पत्रकार समाज की समस्याओं, जनहित से जुड़े मुद्दों तथा क्षेत्र की आवश्यकताओं को प्रमुखता से सामने लाने के साथ-साथ उन्हें प्रशासन एवं सरकार तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण कड़ी का कार्य करते हैं।
उन्होंने उम्मीद जताई कि लाहौल-स्पीति प्रेस क्लब की नई कार्यकारिणी क्षेत्र की आवाज को मजबूती से उठाते हुए निष्पक्ष, जिम्मेदार एवं जनहितकारी पत्रकारिता को बढ़ावा देगी।
इस अवसर पर सिस्सू वार्ड की जिला परिषद सदस्य निर्मला देवी, जाहलमा वार्ड की जिला परिषद सदस्य छेजंग अंगमो तथा ग्राम पंचायत तिन्दी की प्रधान कमला ठाकुर विशेष रूप से उपस्थित रहीं। सभी जनप्रतिनिधियों ने प्रेस क्लब के नवनिर्वाचित अध्यक्ष, पदाधिकारियों एवं सदस्यों को नई जिम्मेदारी के लिए शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल कार्यकाल की कामना की।
पशु चिकित्सा अधिकारियों ने ACPS और NPA बहाल करने की उठाई मांग
किन्नौर। हिमाचल प्रदेश वेटरिनरी ऑफिसर्स एसोसिएशन ने वर्ष 2022 में राज्य के पशु चिकित्सा अधिकारियों के लिए एसीपीएस (ACPS) एवं एनपीए (NPA) बंद किए जाने के निर्णय की पुनर्समीक्षा की मांग की है। एसोसिएशन का कहना है कि इस निर्णय से पशु चिकित्सा अधिकारियों को आर्थिक नुकसान के साथ-साथ करियर प्रगति और सेवा संबंधी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
इसी मांग को लेकर हिमाचल प्रदेश वेटरिनरी ऑफिसर्स एसोसिएशन के जिला सचिव डॉ. विजेंद्र नेगी के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने बागवानी एवं राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल में डॉ. बी.सी. चौहान, डॉ. श्याम और डॉ. प्रतीक भी मौजूद रहे।
डॉ. विजेंद्र नेगी ने मंत्री को अवगत करवाया कि प्रदेश के पशु चिकित्सा अधिकारी दुर्गम एवं कठिन भौगोलिक परिस्थितियों में सेवाएं दे रहे हैं। वे पशुधन स्वास्थ्य, संक्रामक रोगों की रोकथाम, पशु प्रजनन तथा पशुपालकों को तकनीकी सेवाएं उपलब्ध करवाने के साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
एसोसिएशन के अनुसार, ACPS और NPA बंद होने से आर्थिक नुकसान के साथ करियर में ठहराव और कर्मचारियों के मनोबल पर भी प्रतिकूल असर पड़ा है। ऐसे में पशु चिकित्सा अधिकारियों के हित में इस निर्णय की शीघ्र पुनर्समीक्षा आवश्यक है।
मंत्री जगत सिंह नेगी ने प्रतिनिधिमंडल की मांगों को गंभीरता से सुनते हुए आश्वासन दिया कि इस विषय को उचित स्तर पर राज्य सरकार के समक्ष रखा जाएगा।
एसोसिएशन ने प्रदेश सरकार से मांग की है कि पशु चिकित्सा अधिकारियों के व्यापक हितों को ध्यान में रखते हुए ACPS एवं NPA को पुनर्बहाल करने की दिशा में सकारात्मक निर्णय लिया जाए। एसोसिएशन का कहना है कि इससे अधिकारियों का मनोबल और कार्यप्रेरणा बढ़ेगी तथा प्रदेश में पशुपालकों और पशुधन को बेहतर पशु चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध करवाने में भी मदद मिलेगी।
दत्तनगर में वाहन से 7 ग्राम चिट्टा बरामद, चार आरोपी गिरफ्तार
रामपुर। पुलिस थाना रामपुर की टीम ने नशे के खिलाफ कार्रवाई करते हुए दत्तनगर मिल्क प्लांट के पास एक वाहन की तलाशी के दौरान 7 ग्राम हेरोइन (चिट्टा) बरामद की है। पुलिस ने मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
पुलिस के अनुसार 14 अगस्त 2026 को वाहन की तलाशी के दौरान फुट मैट के नीचे छिपाकर रखा गया चिट्टा बरामद हुआ। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अक्षय (30) पुत्र तिलक राज निवासी रामपुर, जिला शिमला, पवन (32) पुत्र दिल बहादुर निवासी रामपुर, जिला शिमला, सुनील ठाकुर (40) पुत्र हेम सिंह निवासी जोगिंदरनगर, जिला मंडी तथा बिपुल शर्मा (32) पुत्र भुवनेश्वर दत्त निवासी रामपुर, जिला शिमला के रूप में हुई है।
पुलिस थाना रामपुर में अभियोग संख्या 80/2026, धारा 21 व 29 एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने वाहन को भी कब्जे में ले लिया है। मामले में आगामी जांच जारी है।
लोअर बाजार में भाजपा ने फहराया तिरंगा, स्वतंत्रता सेनानियों को किया नमन

शिमला। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर भाजपा की ओर से शिमला के लोअर बाजार में तिरंगा फहराया गया। इस दौरान शिमला शहरी से भाजपा प्रत्याशी रहे संजय सूद और भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष गुरमीत सिंह सहित भाजपा कार्यकर्ता मौजूद रहे।

कार्यक्रम के दौरान शिमला शहरी से प्रत्याशी रहे संजय सूद ने देशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं दीं और स्वतंत्रता संग्राम के वीर शहीदों को नमन किया।

इसके बाद भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष गुरमीत सिंह ने कहा कि वह देश और प्रदेशवासियों को 80वें स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं देते हैं। उन्होंने कहा कि यह दिन देश की आजादी के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले वीर स्वतंत्रता सेनानियों और क्रांतिकारियों को याद करने का अवसर है।

गुरमीत सिंह ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस, शहीद भगत सिंह और देश की आजादी के लिए बलिदान देने वाले सभी क्रांतिकारियों को शत-शत नमन किया। उन्होंने कहा कि आज देशवासी जिस स्वतंत्र भारत में सुख और सम्मान के साथ जीवन जी रहे हैं, वह असंख्य वीरों के बलिदान का परिणाम है।

उन्होंने देशवासियों से एकजुट होकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथ मजबूत करने और देश के विकास में सहयोग देने की अपील की। उन्होंने कहा कि सामूहिक प्रयासों से भारत को विश्वगुरु बनाने की दिशा में आगे बढ़ाया जा सकता है और देश की “सोने की चिड़िया” वाली पहचान को फिर मजबूत किया जा सकता है।
देशभक्ति के रंग में रंगा न्यू शिमला सेक्टर-4, धूमधाम से मनाया स्वतंत्रता दिवस
शिमला, 15 अगस्त। तिरंगे की शान, राष्ट्रगान की गूंज और देशभक्ति के जज्बे के बीच रेजिडेंट वेलफेयर सोसायटी सेक्टर-4, न्यू शिमला ने स्वतंत्रता दिवस पूरे उत्साह और गौरव के साथ मनाया। केनलु माता मंदिर परिसर में आयोजित समारोह में क्षेत्रवासियों ने एकजुट होकर देश के वीर सपूतों और स्वतंत्रता सेनानियों को नमन किया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता सोसायटी के अध्यक्ष उत्तम चंद भाटिया ने की, जबकि समिति के पूर्व अध्यक्ष एवं युवा नेता मनु भारद्वाज ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। समारोह की शुरुआत राष्ट्रीय ध्वज फहराने और राष्ट्रगान के साथ हुई। तिरंगा लहराते ही पूरा परिसर देशभक्ति के भाव से सराबोर हो उठा।
समिति के बच्चों ने देशभक्ति गीतों और विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से समारोह में चार चांद लगा दिए। उनकी प्रस्तुतियों ने उपस्थित लोगों में जोश और भावनाओं का संचार किया। देशभक्ति प्रस्तुतियां देने वाले बच्चों को विशेष रूप से सम्मानित किया गया। वहीं, मुख्य अतिथि मनु भारद्वाज, समिति के पूर्व अध्यक्षों और सोसायटी के पदाधिकारियों को भी सम्मानित किया गया। उपस्थित सदस्यों को तिरंगे के बैज लगाकर स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दी गईं।
मुख्य अतिथि मनु भारद्वाज ने कहा कि स्वतंत्रता दिवस केवल उत्सव मनाने का अवसर नहीं, बल्कि उन वीरों के बलिदान को याद करने का दिन है, जिनके संघर्ष और त्याग से देश को आजादी मिली। उन्होंने कहा कि सीमाओं पर तैनात सैनिक आज भी देश की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर रहे हैं। उनका साहस और समर्पण सदैव देशवासियों के लिए प्रेरणा रहेगा।
उन्होंने कहा कि तिरंगा देश की एकता, अखंडता और सम्मान का प्रतीक है। ऐसे आयोजन नई पीढ़ी को राष्ट्र और समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को समझने तथा सामाजिक एकजुटता की भावना को मजबूत करने की प्रेरणा देते हैं।
सोसायटी अध्यक्ष उत्तम चंद भाटिया ने सभी सदस्यों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि सोसायटी के सभी सदस्य एक परिवार की तरह हैं। उन्होंने जरूरत के समय एक-दूसरे की सहायता करने और आपसी भाईचारे व सहयोग के साथ सोसायटी को और मजबूत बनाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम का संचालन महासचिव राजेश घौरी ने किया। इस अवसर पर कोषाध्यक्ष लाभ सिंह, प्रेस सचिव पंकज राक्टा सहित अन्य पदाधिकारी, सदस्य और स्थानीय निवासी मौजूद रहे। समारोह के अंत में सभी उपस्थित लोगों को मिठाइयां और रिफ्रेशमेंट वितरित किए गए। पूरे कार्यक्रम के दौरान हर चेहरे पर तिरंगे का गर्व और हर दिल में देशप्रेम का जज्बा नजर आया।
भारत विभाजन मानवता के इतिहास की सबसे बड़ी त्रासदी : जयराम ठाकुर
नेता प्रतिपक्ष ने स्वतंत्रता दिवस पर प्रदेशवासियों को दी बधाई, विकसित भारत के निर्माण में सहभागिता का किया आह्वान

शिमला : विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के अवसर पर पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि देश की आज़ादी के लिए हमें विभाजन के रूप में एक बड़ी कीमत चुकानी पड़ी। उन्होंने कहा कि धर्म के आधार पर पाकिस्तान का निर्माण तत्कालीन कांग्रेस नेतृत्व की राजनीतिक विफलता का परिणाम था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 14 अगस्त को विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के रूप में मनाने का साहसिक निर्णय लिया है। हमें अपने इतिहास और उस दर्द को कभी नहीं भूलना चाहिए। इतिहास को याद करने का उद्देश्य गड़े मुर्दे उखाड़ना नहीं, बल्कि अतीत की गलतियों से सीख लेकर उन्हें दोबारा न दोहराना है।

जयराम ठाकुर ने कहा कि विभाजन के कारण डेढ़ करोड़ से अधिक लोगों को विस्थापन का दंश झेलना पड़ा और लाखों लोगों की जान चली गई। यह मानवता के इतिहास की सबसे बड़ी त्रासदियों में से एक थी। एक पल में अपनी जन्मभूमि छोड़ने के लिए मजबूर हुए लोगों पर क्या बीती होगी, इसकी आज कल्पना करना भी कठिन है। उन्होंने कहा कि विभाजन केवल जमीन पर खींची गई एक रेखा नहीं थी, बल्कि मानवता के सीने पर लगा ऐसा घाव था, जिसके निशान आज भी कायम हैं। इसने देश की सीमाओं के साथ-साथ हमारी साझा संस्कृति और सामाजिक ताने-बाने को भी प्रभावित किया।

नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि ‘विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस’ विभाजन की त्रासदी झेलने वाले लोगों को श्रद्धांजलि देने का अवसर है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का मानना है कि यह दिवस सामाजिक विभाजन और वैमनस्य के जहर को दूर करने, एकता, सामाजिक सद्भाव और मानवीय संवेदनाओं को मजबूत करने की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि हम आज़ादी का जश्न मनाते हैं, लेकिन विभाजन का दर्द आज भी हिंदुस्तान के सीने में मौजूद है। हमें अपने इतिहास से सीख लेते हुए एकजुट होकर विकसित और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में अपनी सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करनी चाहिए।

जयराम ठाकुर ने प्रदेश वासियों ने स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दी

पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर समस्त प्रदेशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएँ देते हुए अपने आवास पर ‘हर घर तिरंगा’ अभियान के तहत राष्ट्रीय ध्वज फहराया। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता का यह पावन पर्व हमें राष्ट्र की एकता, अखंडता और गौरव को और मजबूत करने का संकल्प लेने की प्रेरणा देता है। उन्होंने प्रदेशवासियों से आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में अपना योगदान देने तथा विकसित भारत@2047 के संकल्प को साकार करने के लिए पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ जुटने का आह्वान किया।
संजौली कॉलेज में साइबर जागरूकता सेमिनार आयोजित, NSS की नई कार्यकारिणी का गठन
शिमला। राजकीय महाविद्यालय संजौली में शुक्रवार को दो महत्वपूर्ण कार्यक्रम आयोजित किए गए। रोट्रैक्ट क्लब ऑफ जीसी संजौली ने हिमाचल स्टेट साइबर सेल और रोटरी क्लब शिमला के सहयोग से साइबर अपराध जागरूकता सेमिनार का आयोजन किया। सेमिनार में हिमाचल पुलिस के श्री राम शर्मा और श्रीमती दीक्षा शर्मा ने विद्यार्थियों को ऑनलाइन धोखाधड़ी, साइबर अपराधों और डिजिटल सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं की जानकारी दी तथा सुरक्षित ऑनलाइन व्यवहार अपनाने के उपाय बताए।
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि महाविद्यालय की प्राचार्या प्रो. भारती भागड़ा ने कहा कि तेजी से बढ़ती डिजिटल दुनिया में जागरूकता ही साइबर अपराधों से बचाव का सबसे प्रभावी माध्यम है। उन्होंने विद्यार्थियों से सतर्क रहने और साइबर सुरक्षा के नियमों का पालन करने का आह्वान किया। इस अवसर पर रोटरी क्लब शिमला के अध्यक्ष रोटेरियन अर्जुन गोयल विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम का सफल आयोजन क्लब संयोजक प्रो. रीता चंदेल के मार्गदर्शन में किया गया।
इसी अवसर पर महाविद्यालय की राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) इकाई की वर्ष 2026–27 की नई कार्यकारिणी का भी गठन किया गया। नई कार्यकारिणी में सचिन वर्मा को बॉयज़ यूनिट लीडर, सूरज ठाकुर को सहायक बॉयज़ यूनिट लीडर, स्नेहा शर्मा को गर्ल्स यूनिट लीडर, सुकृति ठाकुर को सहायक गर्ल्स यूनिट लीडर, सुजल शर्मा को बॉयज़ यूनिट जनरल सेक्रेटरी, यशलेश को बॉयज़ यूनिट जॉइंट सेक्रेटरी, पलक शर्मा को गर्ल्स यूनिट जनरल सेक्रेटरी तथा वंशिका चौहान को गर्ल्स यूनिट जॉइंट सेक्रेटरी चुना गया।
इसके अलावा संस्कृति, सोशल मीडिया, अनुशासन, खेल एवं स्वास्थ्य तथा पर्यावरण सहित विभिन्न विभागों के लिए कार्यकारी सदस्यों और विभाग प्रमुखों का चयन किया गया, ताकि NSS की गतिविधियों का प्रभावी संचालन सुनिश्चित किया जा सके। प्राचार्या प्रो. भारती भागड़ा ने सभी नवनियुक्त पदाधिकारियों को शुभकामनाएं देते हुए अनुशासन, समर्पण और टीम भावना के साथ दायित्व निभाने का आह्वान किया। वहीं, नई कार्यकारिणी ने NSS के उद्देश्यों के अनुरूप महाविद्यालय और समाज के हित में सक्रिय योगदान देने का संकल्प लिया।
शाहपुर में इलेक्ट्रिक बसों के माध्यम से ग्रामीण कनेक्टिविटी को मिली नई गति

शाहपुर, 14 अगस्त। शाहपुर विधानसभा क्षेत्र में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को आधुनिक एवं पर्यावरण-अनुकूल बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। तीन नई इलेक्ट्रिक बसों के संचालन से ग्रामीण क्षेत्रों की कनेक्टिविटी सुदृढ़ होगी तथा लोगों को अधिक बेहतर, सुरक्षित और सुगम परिवहन सुविधा उपलब्ध होगी।

हाल ही में शाहपुर के विधायक एवं उपमुख्य सचेतक केवल सिंह पठानिया ने एसडीएम कार्यालय परिसर से इन तीन इलेक्ट्रिक बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इन बसों का संचालन धर्मशाला से तत्वानी, बंडी, रेहलू, लंज, हरनेरा और भलेड़ सहित विभिन्न ग्रामीण रूटों पर किया जाएगा।

इन नई बस सेवाओं से ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार एवं अन्य आवश्यक कार्यों के लिए आवागमन में सुविधा प्राप्त होगी। विशेष रूप से उन क्षेत्रों के निवासियों को राहत मिलेगी, जहां सार्वजनिक परिवहन के सीमित विकल्प उपलब्ध हैं।

विधायक केवल सिंह पठानिया ने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू और उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री के नेतृत्व में प्रदेश सरकार परिवहन व्यवस्था के आधुनिकीकरण के लिए निरंतर प्रयासरत है। 297 इलेक्ट्रिक बसें एचआरटीसी के बेड़े में शामिल की जा चुकी हैं जो हिमाचल में स्वच्छ एवं हरित परिवहन को नई दिशा प्रदान करेंगी।

इलेक्ट्रिक बसों का प्रमुख लाभ पर्यावरण संरक्षण से जुड़ा है। इनके संचालन से प्रदूषण और ईंधन की खपत में कमी आएगी तथा यात्रियों को अधिक आरामदायक यात्रा अनुभव प्राप्त होगा।

शाहपुर में तीन नई इलेक्ट्रिक बसों का संचालन ग्रामीण क्षेत्रों के लिए केवल एक नई परिवहन सेवा नहीं, बल्कि बेहतर कनेक्टिविटी, आधुनिक परिवहन व्यवस्था और स्वच्छ भविष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। स्थानीय लोगों में इस पहल को लेकर उत्साह है और उन्हें आशा है कि आने वाले समय में क्षेत्र के अन्य ग्रामीण रूटों को भी इसी प्रकार की सुविधाओं से जोड़ा जाएगा।
मुख्यमंत्री ने हमीरपुर में साईंस कॉलेज, एलाइड एवं स्वास्थ्य सेवा महाविद्यालय और एम्स स्तर के आयुर्वेदिक संस्थान की घोषणा की
सरकार उच्च शिक्षा में शिक्षकों की कमी दूर करने के लिए बना रही नीति
पड़ोसी राज्य बीबीएमबी के बकाया भुगतान को लेकर सुप्रीम कोर्ट में शपथ-पत्र दाखिल करें, तभी किशाऊ परियोजना पर एमओयू होगा
हमीरपुर -
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने हमीरपुर में हिमाचल प्रदेश का पहला ‘साईंस कॉलेज’ खोलने की घोषणा की। इस महाविद्यालय के निर्माण पर लगभग 100 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि इसके लिए 80 कनाल भूमि चिन्हित की जा चुकी है और परियोजना के लिए 20 करोड़ रुपये जारी कर दिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने हमीरपुर में एलाइड एवं स्वास्थ्य सेवा महाविद्यालय खोलने की भी घोषणा की। इसके अलावा, उन्होंने कहा कि जिले में 74 एकड़ भूमि पर एम्स स्तर का आयुर्वेदिक संस्थान भी स्थापित किया जाएगा।
मुख्यमंत्री आज हमीरपुर स्थित राजकीय महाविद्यालय के वार्षिक पारितोषिक वितरण समारोह की अध्यक्षता कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कांगड़ा को प्रदेश की पर्यटन राजधानी का दर्जा दिया गया है जबकि हमीरपुर प्रदेश की शिक्षा राजधानी है। उन्होंने कहा कि हमीरपुर के विद्यार्थी पूरे देश में प्रदेश का नाम रोशन कर रहे हैं। विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध करवाना प्रदेश सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और सरकार इस दिशा में निरंतर कार्य कर रही है।
श्री सुक्खू ने कहा कि वर्ष 2021 में पिछली भाजपा सरकार के कार्यकाल के दौरान, जब प्रदेश में डबल इंजन सरकार थी, तब हिमाचल प्रदेश गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के मामले में 21वें स्थान पर था। वर्तमान कांग्रेस सरकार द्वारा किए गए सुधारों के बाद प्रदेश अब पांचवें स्थान पर पहुंच गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकारें आती-जाती रहती हैं, लेकिन गांवों में पढ़ने वाले बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिलनी चाहिए। ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों को उनके घर के निकट गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से प्रदेश में 156 से अधिक सीबीएसई स्कूल खोले गए हैं। इन स्कूलों के खुलने के बाद विद्यार्थियों के नामांकन में 24,000 की वृद्धि हुई है। इन स्कूलों के संचालन और बुनियादी ढांचे के लिए 80 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों के लिए नए पाठ्यक्रम शुरू किए जा रहे हैं और एक हजार से अधिक युवाओं को करुणामूलक आधार पर रोजगार प्रदान किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार उच्च शिक्षा में शिक्षकों की कमी दूर करने के लिए एक योजना पर काम कर रही है। साथ ही, उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करने के लिए महाविद्यालयों का युक्तिकरण भी आवश्यक है। उन्होंने कहा कि सरकार युवाओं को सरकारी क्षेत्र में रोजगार के अवसर उपलब्ध करवाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। इसके लिए राज्य चयन आयोग तथा हिमाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग के माध्यम से भर्ती परीक्षाएं आयोजित की जा रही हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान सरकार के कार्यकाल में एक भी भर्ती परीक्षा का प्रश्न-पत्र लीक नहीं हुआ है। पूर्व भाजपा सरकार के कार्यकाल के दौरान पुलिस भर्ती सहित कई परीक्षाओं के प्रश्न-पत्र लीक हुए और कर्मचारी चयन आयोग के माध्यम से आयोजित परीक्षाओं में भी बड़े पैमाने पर अनियमितताएं सामने आई थीं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार के सत्ता में आने के बाद कर्मचारी चयन आयोग को भंग कर दिया गया और भर्ती प्रश्न-पत्र लीक करने वालों को जेल भेजा गया। भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और योग्यता सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने कई भर्तियों में अनिवार्य साक्षात्कार की व्यवस्था समाप्त कर मेरिट आधारित चयन शुरू किया है। उन्होंने कहा कि अब हिमाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग के माध्यम से होने वाली भर्तियों में लिखित परीक्षा और साक्षात्कार, दोनों के अंकों को आधार बनाया जाता है जबकि पहले साक्षात्कार को अधिक महत्व दिया जाता था।
श्री सुक्खू ने कहा कि शिक्षा के बाद स्वास्थ्य क्षेत्र राज्य सरकार की दूसरी प्रमुख प्राथमिकता है। बीमारियों का शुरुआती चरण में पता लगाने के लिए प्रदेश में निदान संबंधी सुविधाओं को मजबूत किया जा रहा है। राज्य में रोबोटिक सर्जरी की सुविधा शुरू की गई है, जिसमें मरीजों से 30,000 रुपये लिए जा रहे हैं, जबकि राज्य सरकार की ओर से 90,000 रुपये की सब्सिडी दी जा रही है। इसके अलावा, बीमारियों की अधिक सटीक जांच के लिए मेडिकल कॉलेजों में 3-टेस्ला एमआरआई मशीनें स्थापित की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए सरकार प्राकृतिक खेती को भी बढ़ावा दे रही है।
उन्होंने कहा कि विभिन्न छात्र संगठनों के कई नेताओं ने उनसे भेंट की है और सरकार ने उनकी मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करने का आश्वासन दिया है। उन्होंने कहा कि उनकी राजनीतिक यात्रा भी एनएसयूआई से शुरू हुई थी और आज वह प्रदेश की जनता की सेवा मुख्यमंत्री के रूप में कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि राजनीति में प्रवेश करना उनका हमेशा से लक्ष्य रहा था। उन्होंने विद्यार्थियों से आत्मविश्वास और दृढ़ संकल्प के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि हर बार सफलता मिलना जरूरी नहीं है, लेकिन असफलताओं को सीखने और सफलता की राह तलाशने का अवसर समझना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार ने पिछली भाजपा सरकार द्वारा किए गए 422 मेगावाट की किशाऊ बहुउद्देशीय परियोजना के समझौते को स्वीकार नहीं किया है। उन्होंने कहा कि उस समझौते के तहत हिमाचल प्रदेश को बिजली उत्पादन की लागत का एक बड़ा हिस्सा वहन करना पड़ता। इस परियोजना पर वर्तमान सरकार के दृढ़ रुख के परिणामास्वरूप अब हिमाचल प्रदेश को बिना कोई वित्तीय निवेश किए लगभग 600 करोड़ रुपये वार्षिक राजस्व के रूप में प्राप्त होंगे।
उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश किशाऊ बहुउद्देेशीय परियोजना को तभी आगे बढ़ाएगा, जब पड़ोसी राज्य अगली सुनवाई से पहले सुप्रीम कोर्ट में शपथ-पत्र दाखिल कर यह सुनिश्चित करेंगे कि वे हिमाचल प्रदेश को भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड के बकाया भुगतान में अपना हिस्सा देंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि इन शर्तों के पूरा होने के बाद ही परियोजना को लेकर आगे बढ़ा जाएगा।
मुख्यमंत्री के राजनीतिक सलाहकार सुनील शर्मा बिट्टू ने कहा कि मुख्यमंत्री के प्रयासों से प्रदेश में सीबीएसई स्कूल स्थापित करने की नई पहल शुरू हुई है। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश में रोबोटिक सर्जरी भी शुरू की गई है और शिक्षा तथा स्वास्थ्य के क्षेत्र में ऐतिहासिक कार्य किए गए हैं। उन्होंने नीट अभ्यर्थियों पर कथित लाठीचार्ज की भी निंदा की और कहा कि कांग्रेस पार्टी हमेशा विद्यार्थियों के साथ खड़ी रहेगी।
लदारचा मेले के अवसर पर स्पीति में 24 अगस्त को स्थानीय अवकाश : उपायुक्त किरण भड़ाना 
केलांग, 14 अगस्त - उपायुक्त लाहौल स्पीति किरण भड़ाना ने  जानकारी देते हुए बताया कि प्रशासनिक कारणों के चलते स्पीति उपमंडल के लिए वर्ष 2026 की स्थानीय छुट्टी में बदलाव किया है। इसके तहत 24 अगस्त 2026, सोमवार को काजा में आयोजित होने वाले लदारचा मेले के अवसर पर स्पीति उपमंडल के अधिकार क्षेत्र में स्थानीय अवकाश घोषित किया गया है।
इस संबंध में उन्होंने बताया  कि यह स्थानीय अवकाश पूर्व में जारी कार्यालय आदेश संख्या DC/LS-RIA (Local Holiday)/2026-342-356, दिनांक 19 जनवरी 2026 के क्रम में संशोधन के रूप में प्रभावी होगा।
यह स्थानीय अवकाश केवल स्पीति उपमंडल के अधिकार क्षेत्र में लागू रहेगा। लदारचा मेले के अवसर पर घोषित इस अवकाश के कारण संबंधित सरकारी कार्यालयों एवं संस्थानों में निर्धारित नियमों के अनुसार कार्य प्रभावित रहेगा।
उन्होंने क्षेत्रवासियों को लदारचा मेले की शुभकामनाएं देते हुए मेले के सफल एवं शांतिपूर्ण आयोजन में सहयोग की अपील की है।
जिले के निजी कोचिंग संस्थानों का पंजीकरण करवाना अनिवार्य, शीघ्र आवेदन करें: उप निदेशक
धर्मशाला, 14 अगस्त: उप निदेशक उच्च शिक्षा (माध्यमिक), कांगड़ा अजय सिंह सम्बयाल  ने आज यहां जानकारी देते हुए बताया कि जिले में संचालित सभी पात्र निजी कोचिंग संस्थानों को हिमाचल प्रदेश निजी कोचिंग केंद्र (पंजीकरण एवं विनियमन) नियम, 2026  के तहत पंजीकरण करवाना अनिवार्य किया गया है। उन्होंने कहा कि माननीय उच्चतम न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप प्रदेश सरकार द्वारा हिमाचल प्रदेश निजी कोचिंग केंद्र (पंजीकरण और विनियमन) नियम- 2026 लागू किए गए हैं और उपायुक्त हेमराज बैरवा इस जिला स्तरीय निजी कोचिंग केंद्र समिति कांगड़ा के अध्यक्ष हैं।
उप निदेशक ने बताया कि जिले में संचालित ऐसे सभी निजी कोचिंग संस्थान, जहां 50 या उससे अधिक विद्यार्थी कोचिंग प्राप्त कर रहे हैं, निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार अपना पंजीकरण करवाएं। जिन संस्थानों ने अभी तक पंजीकरण नहीं करवाया है अथवा आवेदन प्रस्तुत नहीं किया है, वे बिना किसी विलंब के निर्धारित प्रारूप में अपना आवेदन प्रस्तुत करें।
उन्होंने स्पष्ट किया कि पंजीकरण केवल औपचारिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि राज्य सरकार द्वारा अधिसूचित नियमों के तहत अनिवार्य वैधानिक प्रावधान है। सभी पात्र संस्थानों के लिए नियमों का पालन सुनिश्चित करना आवश्यक है। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों के लिए सुरक्षित, पारदर्शी एवं गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक वातावरण सुनिश्चित करना है।
नियमों के अनुसार प्रत्येक कोचिंग संस्थान में पर्याप्त आधारभूत सुविधाएं, सुरक्षित एवं स्वच्छ परिसर, अग्नि सुरक्षा मानकों का पालन, आपातकालीन व्यवस्थाएं तथा विद्यार्थियों की सुरक्षा से संबंधित आवश्यक प्रावधान सुनिश्चित किए जाने अपेक्षित हैं। जिला स्तरीय समिति समय-समय पर इन नियमों के अनुपालन की समीक्षा करेगी।
उप निदेशक ने कहा कि जो निजी कोचिंग संस्थान निर्धारित नियमों के अनुरूप पंजीकरण नहीं करवाएंगे अथवा नियमों की अवहेलना करेंगे, उनके विरुद्ध हिमाचल प्रदेश निजी कोचिंग केंद्र (पंजीकरण एवं विनियमन) नियम, 2026 के प्रावधानों के तहत नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
उन्होंने सभी पात्र निजी कोचिंग संस्थानों से अपील की कि वे शीघ्र अपना पंजीकरण सुनिश्चित करें। पंजीकरण प्रक्रिया, आवेदन प्रारूप अथवा अन्य आवश्यक जानकारी एवं मार्गदर्शन के लिए संबंधित संस्थान जिला स्तर पर नियुक्त नोडल अधिकारी (उच्च शिक्षा) से संपर्क कर सकते हैं।
उप निदेशक ने विश्वास व्यक्त किया कि जिले के सभी पात्र निजी कोचिंग संस्थान समयबद्ध रूप से अपना पंजीकरण पूरा कर नियमों के प्रभावी क्रियान्वयन में जिला प्रशासन का सहयोग करेंगे।
टनल में मलबा और पानी भरने से बड़ा हादसा: 22 मजदूर फंसे, 7 की मौत; देर रात पूरा हुआ रेस्क्यू
उत्तराखंड -
उत्तराखंड के चमोली जिले के पीपलकोटी में निर्माणाधीन 3 किलोमीटर लंबी टनल में गुरुवार शाम हुए भू-स्खलन के बाद अचानक पानी का रिसाव शुरू हो गया। देखते ही देखते टनल में मलबा और पानी भर गया, जिससे अंदर काम कर रहे 22 मजदूर फंस गए। देर रात तक चले राहत एवं बचाव अभियान के बाद सभी मजदूरों को बाहर निकाल लिया गया, लेकिन इस दर्दनाक हादसे में 7 मजदूरों की मौत हो गई।
हादसे में जान गंवाने वालों की पहचान मुकेश, प्रदीप पंवार, दुर्लभ शर्मा, विजय, जितेंद्र, लकेश्वर और घुनेश्वर के रूप में हुई है। बाहर निकाले गए मजदूरों में 2 की हालत नाजुक बताई जा रही है।
अधिकारियों के अनुसार हादसा गुरुवार 13 अगस्त को शाम करीब 7 बजे पीपलकोटी के मायापुर स्थित टीएचडीसी की निर्माणाधीन टनल में हुआ। टनल के भीतर पानी का रिसाव और भू-स्खलन होने से भारी मात्रा में मलबा भर गया, जिससे मजदूर अंदर फंस गए। टनल में भरे पानी और मलबे के कारण बचाव अभियान बेहद चुनौतीपूर्ण रहा।
जिलाधिकारी गौरव कुमार स्वयं राहत एवं बचाव अभियान की निगरानी कर रहे हैं। रात 9 बजे तक मौके पर 22 पुलिसकर्मी, एनडीआरएफ के 27, एसडीआरएफ के 42, डीआरएफ के 4 और फायर सर्विस के 9 जवान तैनात थे। इसके अलावा सेना, आईटीबीपी, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की अतिरिक्त टीमें गौचर और जोशीमठ से भी घटनास्थल के लिए रवाना की गईं।
सुबाथू में जर्जर मकान हुआ ध्वस्त, गनीमत रही कोई नहीं आया चपेट में
सोलन। सुबाथू क्षेत्र में एक जर्जर मकान अचानक भरभराकर गिर गया। राहत की बात यह रही कि हादसे के समय मकान के आसपास कोई मौजूद नहीं था, जिससे किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई।
मकान गिरने के बाद क्षेत्र में कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। स्थानीय लोगों ने घटना की सूचना संबंधित अधिकारियों को दी। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार मकान काफी समय से जर्जर हालत में था। समय रहते बड़ा हादसा टल जाने से लोगों ने राहत की सांस ली। प्रशासन से क्षेत्र के अन्य जर्जर भवनों का भी निरीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की जा रही है।
भराड़ीघाट-नालाग के बीच भारी लैंडस्लाइड, बाल-बाल बची एचआरटीसी बस
बिलासपुर/सोलन: बिलासपुर-सोलन सीमा पर भराड़ीघाट-नालाग के बीच भारी लैंडस्लाइड होने से अफरा-तफरी मच गई। पहाड़ी से अचानक भारी मात्रा में मलबा और पत्थर सड़क पर आ गिरे। इस दौरान वहां से गुजर रही हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) की एक बस बाल-बाल बच गई।
गनीमत रही कि बस में सवार सभी यात्री और चालक-परिचालक सुरक्षित हैं। घटना के बाद कुछ समय के लिए यातायात प्रभावित रहा। प्रशासन और संबंधित विभाग की टीमें मौके पर पहुंचकर सड़क से मलबा हटाने के कार्य में जुट गईं।
हिमाचल का नया मंत्री आज होगा तय! दिल्ली में सुक्खू-वेणुगोपाल की अहम बैठक, मंत्रिमंडल विस्तार और फेरबदल पर फैसला संभव
शिमला। हिमाचल प्रदेश की राजनीति के लिए आज का दिन अहम माना जा रहा है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू, उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष विनय कुमार दिल्ली में कांग्रेस संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल के साथ महत्वपूर्ण बैठक करेंगे। इस बैठक में मंत्रिमंडल विस्तार, मंत्रियों के विभागों में फेरबदल, विधानसभा उपाध्यक्ष की नियुक्ति और कांग्रेस संगठन में नई नियुक्तियों पर चर्चा होने की संभावना है।
प्रदेश मंत्रिमंडल में एक कैबिनेट मंत्री और विधानसभा उपाध्यक्ष का एक-एक पद लंबे समय से खाली है। 21 अगस्त से शुरू होने वाले विधानसभा के मानसून सत्र से पहले इन पदों पर नियुक्तियां होने की संभावना जताई जा रही है। सूत्रों के अनुसार कुल्लू से विधायक सुंदर सिंह ठाकुर को कैबिनेट में शामिल करने पर लगभग सहमति बन चुकी है।
पार्टी सूत्रों के मुताबिक मुख्यमंत्री सुक्खू दो वरिष्ठ मंत्रियों की कार्यप्रणाली की समीक्षा कर बदलाव के पक्ष में हैं। यदि किसी मंत्री को हटाया जाता है तो ज्वालाजी के विधायक संजय रत्न, पालमपुर के विधायक आशीष बुटेल और अर्की के विधायक संजय अवस्थी में से किसी एक को मंत्री बनाया जा सकता है। वहीं यदि मंत्रिमंडल में कोई बदलाव नहीं होता, तो संजय रत्न या आशीष बुटेल में से किसी एक को विधानसभा उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी मिल सकती है।
प्रदेश में विधानसभा उपाध्यक्ष का पद करीब दस महीने से खाली है। विनय कुमार के प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बनने के बाद उनके इस्तीफे से यह पद रिक्त हुआ था। ऐसे में आज की बैठक में इस पद को भरने के साथ-साथ मंत्रियों के विभागों में फेरबदल पर भी अंतिम मंथन होने की उम्मीद है।
बताया जा रहा है कि यदि कांग्रेस हाईकमान से मंजूरी मिलती है तो 15 अगस्त के बाद कभी भी नए मंत्री और विधानसभा उपाध्यक्ष की ताजपोशी के साथ मंत्रियों के विभागों में बदलाव की औपचारिक घोषणा की जा सकती है। इसके अलावा कांग्रेस संगठन में नई नियुक्तियों को लेकर भी दिल्ली में होने वाली बैठक में महत्वपूर्ण निर्णय लिए जाने की संभावना है।
शिक्षा मंत्री ने किया खेल छात्रावास रोहड़ू का उद्घाटन

स्थाई छात्रावास का कार्य जल्द होगा पूरा - रोहित ठाकुर
शिमला -
शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने आज पीएम श्री (आदर्श) राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, रोहड़ू में खेल छात्रावास का शुभारंभ किया।
इस अवसर पर उन्होंने कहा कि रोहड़ू खेल छात्रावास की स्थापना वर्ष 1995 में हुई थी और लगभग 25 वर्षों तक यह निजी भवन में संचालित होता रहा। वर्ष 2025 में हिमाचल प्रदेश पावर कारपोरेशन लिमिटेड (एचपीपीसीएल) के खाली भवन को खेल छात्रावास के लिए स्वीकृत करवाया गया। उन्होंने कहा कि छात्रावास भवन के त्वरित कायाकल्प के लिए लगभग 21 लाख रुपये खर्च किए गए हैं। इसमें भवन के जीर्णोद्धार पर 11 लाख रुपये, खेल उपकरणों पर 5 लाख रुपये तथा बिस्तर एवं फर्नीचर पर 5.50 लाख रुपये व्यय किए गए हैं।
शिक्षा मंत्री ने कहा कि स्थाई खेल छात्रावास भवन की परियोजना की संशोधित लागत लगभग 2.5 करोड़ रुपये है। छात्रावास के स्थायी भवन को पूर्ण करने के लिए धन की कमी आड़े नहीं आने दी जाएगी। उन्होंने कहा कि इसके लिए जल्द ही 50 लाख रुपये की राशि जारी की जाएगी, ताकि निर्माण कार्य को गति प्रदान कर निर्धारित समय में पूरा किया जा सके।
उन्होंने कहा कि वर्तमान में रोहड़ू खेल छात्रावास में फुटबॉल और वॉलीबॉल के प्रशिक्षण की सुविधा उपलब्ध है तथा दोनों खेलों के लिए 20-20 सीटें स्वीकृत हैं। उन्होंने कहा कि छात्रावास में कबड्डी खेल शुरू करने के लिए भी हर संभव प्रयास किए जाएंगे ताकि यहां के छात्रों को कबड्डी खेल में भी इसका लाभ मिल सके।
शिक्षा मंत्री ने कहा कि प्रदेश में पहले केवल 08 खेल छात्रावास संचालित होते थे, जबकि वर्तमान सरकार ने इनकी संख्या बढ़ाकर 11 कर दी गई है। इससे प्रदेश के युवा खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण सुविधाएं उपलब्ध हो रही हैं। उन्होंने कहा कि आज के दौर में खेल को एक बेहतर करियर एवं पेशे के रूप में अपनाया जा सकता है। प्रदेश के युवा खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश व देश का नाम रोशन कर रहे हैं तथा खेल कोटे के माध्यम से रोजगार के अवसर भी प्राप्त कर रहे हैं।

शिक्षा के क्षेत्र में हुआ अभूतपूर्व विकास
शिक्षा मंत्री ने कहा कि वर्तमान सरकार ने शिक्षा के क्षेत्र में व्यापक सुधार किए हैं, जिसका लाभ प्रदेश के दूरदराज क्षेत्रों में रहने वाले विद्यार्थियों को भी मिल रहा है। उन्होंने कहा कि शिक्षा विभाग में हजारों रिक्त पदों को भरा गया है तथा कर्मचारियों को समयबद्ध पदोन्नति प्रदान की गई हैं। उन्होंने कहा कि अब तक अकेले शिक्षा विभाग में लगभग 9 हजार पद भरे जा चुके हैं और वर्तमान सरकार का 12 हजार से अधिक पद भरने का लक्ष्य है।
न्होंने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में प्रदेश ने उल्लेखनीय प्रगति की है और राष्ट्रीय उपलब्धि सर्वेक्षण (एनएएस) की रैंकिंग में हिमाचल प्रदेश 21वें स्थान से तीसरे स्थान पर पहुंचा है। विद्यार्थियों और शिक्षकों को शैक्षणिक एवं व्यावसायिक अनुभव बढ़ाने के उद्देश्य से अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक भ्रमण पर भी भेजा जा रहा है, जिससे गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को और बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।
शिक्षा मंत्री ने कहा कि पहले चरण में प्रदेश के 150 राजकीय विद्यालयों को केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) से संबद्ध किया गया है, जिससे सरकारी विद्यालयों में विद्यार्थियों की संख्या में वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि आगामी चरण में भी 150 और विद्यालयों को सीबीएसई से संबद्ध करने की दिशा में कार्य किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि रोहड़ू विधानसभा क्षेत्र में शिक्षा विभाग के भवनों के निर्माण के लिए आवश्यक धनराशि उपलब्ध करवाई गई है तथा विभिन्न विद्यालयों में रिक्त पदों को भी भरा गया है। उन्होंने कहा कि विद्यालय में बहुउद्देशीय हॉल तथा अतिरिक्त भवन की मांग प्राप्त हुई है, जिसे प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने के लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे। इसके अतिरिक्त छौहारा क्षेत्र में सीबीएसई विद्यालय खोलने तथा अन्य रिक्त पदों को भरने संबंधी मांगों पर भी आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

शिक्षा मंत्री ने विद्यार्थियों से किया संवाद
इस अवसर पर शिक्षा मंत्री ने विद्यालय के विद्यार्थियों के साथ संवाद भी किया। संवाद के दौरान विद्यार्थियों ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता, शिक्षकों एवं अन्य स्टाफ की कमी, सभागार तथा कबड्डी मैट उपलब्ध करवाने सहित विभिन्न विषयों से संबंधित प्रश्न एवं मांगें उनके समक्ष रखीं।
शिक्षा मंत्री ने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता जैसी आधुनिक तकनीकों के साथ विद्यार्थियों और शिक्षकों को स्वयं को निरंतर अपडेट करने की आवश्यकता है। उन्होंने विद्यार्थियों द्वारा उठाई गई विभिन्न मांगों को ध्यानपूर्वक सुना तथा संबंधित मांगों को पूरा करने के लिए हर संभव प्रयास करने का आश्वासन दिया।

रोहित ठाकुर के शिक्षा मंत्री रहते विस क्षेत्र के विद्यालयों के निर्माणाधीन भवनों के कार्यों में आई तेजी - मोहन लाल ब्राक्टा
इस अवसर पर विधायक मोहन लाल ब्राक्टा ने शिक्षा मंत्री का रोहड़ू विधानसभा क्षेत्र में स्वागत किया तथा क्षेत्र से संबंधित विभिन्न समस्याएं एवं मांगें उनके समक्ष रखीं। उन्होंने कहा कि रोहित ठाकुर को शिक्षा विभाग का दायित्व मिलने के बाद रोहड़ू विधानसभा क्षेत्र में विभिन्न विद्यालयों के निर्माणाधीन भवनों के कार्यों में तेजी आई है। उन्होंने छौहारा विकासखंड में सीबीएसई विद्यालय शुरू करने सहित अन्य मांगों को भी शिक्षा मंत्री के समक्ष रखा।

घ्यान राईका संपर्क सड़क का किया भूमि पूजन
शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने आज जुब्बल उपमंडल के अंतर्गत ग्राम पंचायत सरस्वतीनगर में घ्यान राईका संपर्क सड़क का भूमि पूजन भी किया। उन्होंने कहा कि लगभग दो किलोमीटर लंबी इस सड़क के निर्माण पर करीब 90 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि यह सड़क सरस्वतीनगर, कठासू और बढ़ाल पंचायतों के लोगों के लिए आवागमन तथा बागवानी की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को सड़क निर्माण कार्य शीघ्र शुरू करने तथा इसे निर्धारित समयावधि में पूरा करने के निर्देश दिए, ताकि क्षेत्र के लोगों को इसका लाभ जल्द मिल सके।

रोहड़ू में सुनी जनसमस्याएं
शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर के रोहड़ू प्रवास के दौरान परिधि गृह रोहड़ू में स्थानीय लोगों ने उनका स्वागत किया। इस दौरान शिक्षा मंत्री ने लोगों की समस्याएं एवं मांगें सुनी तथा उनके समाधान के लिए संबंधित विभागीय अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

यह रहे उपस्थित
कार्यक्रम में रोहड़ू मंडल अध्यक्ष शिवपाल ठाकुर, जुब्बल-कोटखाई मंडल अध्यक्ष जितेंद्र मेहता, जिला परिषद सदस्य सुरेंद्र रेटका, नगर परिषद रोहड़ू अध्यक्ष प्यारे लाल आजाद, उपाध्यक्ष जितेंद्र चौहान, पार्षदगण, पंचायत समिति अध्यक्ष रोहड़ू ज्ञानपति, एसडीएम रोहड़ू धर्मेश रामौत्रा, अतिरिक्त निदेशक शिक्षा योगेश चौहान, उपनिदेशक शिक्षा लेखराज भारद्वाज, निशा भलूनी, विद्यालय के प्रधानाचार्य अजीत वर्मा, पंचायती राज संस्थाओं के जनप्रतिनिधि, विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
नशे के खिलाफ शिमला पुलिस का जागरूकता अभियान, छात्रों ने लिया संकल्प
शिमला। जिला शिमला पुलिस के नशा विरोधी जागरूकता अभियान के तहत वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शिमला गौरव सिंह, आईपीएस ने राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय छोटा शिमला का दौरा कर विद्यार्थियों से संवाद किया। उन्होंने छात्रों को नशे के दुष्प्रभावों के साथ-साथ इसके सामाजिक और मानसिक प्रभावों के बारे में जानकारी दी और नशे से दूर रहने का आह्वान किया।
संवाद के दौरान विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और नशे के खिलाफ अपनी दृढ़ इच्छाशक्ति व्यक्त की। एसपी शिमला ने छात्रों से नशे के विरुद्ध जागरूकता फैलाने तथा स्वस्थ और सुरक्षित समाज के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की।
कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों ने नशे से दूर रहने और दूसरों को भी इसके प्रति जागरूक करने की शपथ ली। जिला शिमला पुलिस की ‘रुस्तम योजना’ के तहत युवाओं को नशे के खिलाफ जागरूक करने के लिए इस तरह के कार्यक्रम लगातार आयोजित किए जा रहे हैं।