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jago himachal

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मुख्यमंत्री का काशा पाट में रात्रि प्रवास, दुर्गम क्षेत्रों के विकास को प्राथमिकता
काशा पाट विद्यालय के लिए दो करोड़ रुपये की घोषणा
तकलेच होते हुए रामपुर तक बस सेवा शुरू करने का दिया आश्वासन
रोहड़ू -
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू शिमला जिला के रोहड़ू विधानसभा क्षेत्र के भटवाड़ी में ‘सरकार गांव के द्वार’ कार्यक्रम में भाग लेने के पश्चात् रामपुर विधानसभा क्षेत्र के दुर्गम गांव काशा पाट पहुंचे। उन्होंने गांव में रात्रि प्रवास किया और पाट निवासी सुपन दास के घर रात्रि विश्राम किया।
मुख्यमंत्री का काशा पाट पहुंचने पर स्थानीय लोगों ने पारंपरिक वाद्य यंत्रों की मधुर धुनों के बीच गर्मजोशी से स्वागत किया। ग्रामीणों ने उन्हें सम्मानित करने के साथ पारंपरिक वेशभूषा भेंट कर उनका अभिनंदन किया। देर रात तक ग्रामीणों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए, जिनका मुख्यमंत्री ने आनंद लिया और स्वयं भी नाटी में शामिल हुए।
 मुख्यमंत्री ने कहा कि वह स्वयं ग्रामीण पृष्ठभूमि से संबंध रखते हैं और उनका मानना है कि जब तक गांवों में आर्थिक समृद्धि नहीं आएगी, तब तक प्रदेश सही मायनों में खुशहाल नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि काशा पाट जैसे दुर्गम क्षेत्र में मुख्यमंत्री के रूप में पहुंचना उनके लिए सौभाग्य की बात है। राज्य सरकार दुर्गम और दूरदराज क्षेत्रों के विकास को विशेष प्राथमिकता दे रही है ताकि ये क्षेत्र विकास की मुख्यधारा से पीछे न रहें।
मुख्यमंत्री ने काशा पाट में नए स्कूल भवन के निर्माण के लिए दो करोड़ रुपये प्रदान करने की घोषणा की। उन्होंने गांव में खेल मैदान विकसित करने की भी घोषणा की तथा स्थानीय लोगों द्वारा रखी गई विभिन्न मांगों को पूरा करने का आश्वासन दिया।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे और उसे स्कूल आने-जाने में किसी प्रकार की कठिनाई न हो। इसी उद्देश्य से सरकार काशा पाट से तकलेच होते हुए रामपुर तक बस सेवा शुरू करने का प्रयास कर रही है, जिससे बच्चों को समय पर स्कूल पहुंचने और छुट्टी के बाद सुरक्षित घर लौटने में सुविधा मिल सके।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि गांव का कोई व्यक्ति अधिकतम 30 लाख रुपये की लागत से बस खरीदकर यह सेवा शुरू करता है, तो राज्य सरकार द्वारा 40 प्रतिशत सब्सिडी प्रदान की जाएगी। रोहड़ू क्षेत्र के लिए भी इसी प्रकार 40 प्रतिशत सब्सिडी का प्रावधान किया जाएगा। इसके अतिरिक्त बस मालिक को पांच वर्ष तक प्रति माह 50 हजार रुपये की सहायता भी प्रदान की जाएगी।
श्री सुक्खू ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में सड़क निर्माण के लिए कई बार वन विभाग से अनुमति लेनी पड़ती है। प्रदेश की लगभग 68 प्रतिशत भूमि वन क्षेत्र के अंतर्गत होने के कारण दुर्गम क्षेत्रों में सड़क निर्माण के दौरान अनेक चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। राज्य सरकार इन चुनौतियों के बावजूद दूरदराज के क्षेत्रों को बेहतर सड़क और अन्य बुनियादी सुविधाओं से जोड़ने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि जिन महिला मंडलों के पास अपने भवन नहीं हैं, उन्हें भवन निर्माण के लिए पांच-पांच लाख रुपये प्रदान किए जाएंगे। वहीं, जिन महिला मंडलों के पास पहले से भवन उपलब्ध हैं, उन्हें आवश्यक सामान खरीदने के लिए एक-एक लाख रुपये की सहायता दी जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार शीघ्र ही अपना परिवार, सुखी परिवार योजना शुरू करने जा रही है, जिसके तहत पात्र महिलाओं को 1,500 रुपये प्रतिमाह पेंशन प्रदान की जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार सौर ऊर्जा परियोजनाओं को भी प्रोत्साहित कर रही है। सौर ऊर्जा परियोजनाएं स्थापित करने के लिए चार प्रतिशत ब्याज सब्सिडी प्रदान की जा रही है, जबकि जनजातीय क्षेत्रों में यह सब्सिडी पांच प्रतिशत है।
मुख्यमंत्री ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करने वाली बच्चियों के उत्साहवर्धन के लिए एक लाख रुपये देने की घोषणा की। कार्यक्रम के दौरान नशा निवारण और भ्रूण हत्या जैसे गंभीर सामाजिक मुद्दों पर भी जागरूकता प्रस्तुतियां दी गईं। इन प्रस्तुतियों के माध्यम से ग्रामीणों को सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ जागरूक रहने का संदेश दिया गया।
मुख्यमंत्री ने काशा पाट में होम स्टे के लिए पंजीकरण करवाने वाले चार लोगों को प्रमाण-पत्र प्रदान किए। उन्होंने कहा कि होम स्टे के माध्यम से दूरदराज के क्षेत्रों में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा तथा स्थानीय लोगों के लिए आय और रोजगार के नए अवसर विकसित होंगे। उन्होंने विश्व पर्यटन सप्ताह के अवसर पर आयोजित चित्रकला प्रदर्शनी के विजेताओं को पुरस्कार राशि प्रदान की।
सुपन दास ने कहा कि मुख्यमंत्री के गांव में रात्रि प्रवास से पूरा गांव उत्साहित है। उन्होंने कहा कि यह पहली बार है जब किसी मुख्यमंत्री ने काशा पाट में रात्रि प्रवास किया है। इस विशेष अवसर पर ग्रामीणों ने विशेष तैयारियां की और मुख्यमंत्री को पारंपरिक व्यंजन परोसे। महिला मंडल काशा पाट की सदस्य वीना देवी ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्होंने ग्रामीणों और महिला मंडलों की मांगों को पूरा किया है। उन्होंने कहा कि महिला मंडलों के लिए सहायता राशि तथा नए स्कूल के निर्माण के लिए दो करोड़ रुपये की घोषणा से क्षेत्र के लोगों को बड़ा लाभ मिलेगा।
इस अवसर पर महाधिवक्त्ता अनूप रतन, अध्यक्ष हिमकोन विकेश चौहान, ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष लालचंद शर्मा सहित अन्य गणमान्य उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री ने 1,471 पंजीकृत श्रमिकों को 5.78 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की
रामपुर -
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने रामपुर विधानसभा क्षेत्र के नोगली में हिमाचल प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कामगार कल्याण बोर्ड के माध्यम से प्रदेश के 1,471 पंजीकृत श्रमिकों एवं उनके आश्रितों को विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के तहत कुल 5,78,81,725 रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की। इस सहायता से विधवा, दिव्यांग एवं जरूरतमंद श्रमिक परिवारों के साथ-साथ श्रमिकों के बच्चों को उच्च एवं तकनीकी शिक्षा, विवाह तथा अन्य जरूरतों के लिए आर्थिक संबल मिला।
मुख्यमंत्री आवास योजना के अंतर्गत विधवा, एकल, निराश्रित एवं दिव्यांग महिलाओं को घर के निर्माण के लिए कुल 45.95 लाख रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की गई। यह सहायता जरूरतमंद महिलाओं को सुरक्षित आवास उपलब्ध करवाने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।
वित्तीय सहायता का एक बड़ा हिस्सा पंजीकृत श्रमिकों के बच्चों की शिक्षा और विवाह के लिए प्रदान किया गया। शिक्षा सहायता योजना के तहत 968 लाभार्थियों को 2,74,04,500 रुपये, जबकि विवाह सहायता योजना के तहत 359 लाभार्थियों को 1,83,09,000 रुपये की सहायता प्रदान की गई।
इसके अतिरिक्त दुर्घटना मृत्यु एवं अंतिम संस्कार सहायता के 21 मामलों में 54,20,000 रुपये, मातृत्व एवं पितृत्व लाभ के 30 मामलों में 7,14,000 रुपये, बालिका जन्म उपहार योजना के तहत 15 बालिकाओं के परिवारों को 7,65,000 रुपये, मानसिक दिव्यांग आश्रितों के लिए 10 लाभार्थियों को 2,15,000 रुपये तथा दिव्यांग पेंशन के तहत एक लाभार्थी को 25,000 रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की गई।
प्रदेश के विभिन्न जिलों एवं बोर्ड के उप-कार्यालयों के माध्यम से पात्र लाभार्थियों को यह सहायता उपलब्ध करवाई गई। जिला एवं क्षेत्रवार विवरण के अनुसार हमीरपुर में 225 लाभार्थियों को 76,74,400 रुपये, चंबा में 164 लाभार्थियों को 70,54,800 रुपये, सिरमौर में 140 लाभार्थियों को 51,80,600 रुपये, मंडी क्षेत्र में 171 लाभार्थियों को 64,80,883 रुपये तथा किन्नौर में 126 लाभार्थियों को 48,39,388 रुपये की सहायता प्रदान की गई।
इसी प्रकार, कांगड़ा में 270 लाभार्थियों को 1,02,07,200 रुपये, शिमला क्षेत्र में 88 लाभार्थियों को 45,58,253 रुपये, बिलासपुर में 104 लाभार्थियों को 32,98,800 रुपये, ऊना में 72 लाभार्थियों को 33,93,400 रुपये, सोलन क्षेत्र में 63 लाभार्थियों को 30,51,000 रुपये तथा कुल्लू में 48 लाभार्थियों को 21,43,001 रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की गई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा श्रमिक कल्याण योजनाओं की प्रक्रिया को डिजिटल और सरल बनाया गया है ताकि पात्र लाभार्थियों को योजनाओं का लाभ सीधे, शीघ्र और पारदर्शी तरीके से मिल सके। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य समाज के जरूरतमंद एवं वंचित वर्गों को प्रभावी सामाजिक सुरक्षा प्रदान करना तथा श्रमिक परिवारों को सम्मानजनक जीवन के लिए आवश्यक आर्थिक संबल उपलब्ध करवाना है।
बोर्ड के अध्यक्ष नरदेव सिंह कंवर ने कहा कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व में प्रदेश सरकार श्रमिक वर्ग के कल्याण के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि श्रमिक प्रदेश के विकास और आधारभूत ढांचे के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि श्रमिकों और उनके आश्रितों के लिए लागू की जा रही कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र परिवारों तक सुगम एवं पारदर्शी तरीके से पहुंचे।
मुख्यमंत्री ने 1,471 पंजीकृत श्रमिकों को 5.78 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की
रामपुर -
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने रामपुर विधानसभा क्षेत्र के नोगली में हिमाचल प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कामगार कल्याण बोर्ड के माध्यम से प्रदेश के 1,471 पंजीकृत श्रमिकों एवं उनके आश्रितों को विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के तहत कुल 5,78,81,725 रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की। इस सहायता से विधवा, दिव्यांग एवं जरूरतमंद श्रमिक परिवारों के साथ-साथ श्रमिकों के बच्चों को उच्च एवं तकनीकी शिक्षा, विवाह तथा अन्य जरूरतों के लिए आर्थिक संबल मिला।
मुख्यमंत्री आवास योजना के अंतर्गत विधवा, एकल, निराश्रित एवं दिव्यांग महिलाओं को घर के निर्माण के लिए कुल 45.95 लाख रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की गई। यह सहायता जरूरतमंद महिलाओं को सुरक्षित आवास उपलब्ध करवाने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।
वित्तीय सहायता का एक बड़ा हिस्सा पंजीकृत श्रमिकों के बच्चों की शिक्षा और विवाह के लिए प्रदान किया गया। शिक्षा सहायता योजना के तहत 968 लाभार्थियों को 2,74,04,500 रुपये, जबकि विवाह सहायता योजना के तहत 359 लाभार्थियों को 1,83,09,000 रुपये की सहायता प्रदान की गई।
इसके अतिरिक्त दुर्घटना मृत्यु एवं अंतिम संस्कार सहायता के 21 मामलों में 54,20,000 रुपये, मातृत्व एवं पितृत्व लाभ के 30 मामलों में 7,14,000 रुपये, बालिका जन्म उपहार योजना के तहत 15 बालिकाओं के परिवारों को 7,65,000 रुपये, मानसिक दिव्यांग आश्रितों के लिए 10 लाभार्थियों को 2,15,000 रुपये तथा दिव्यांग पेंशन के तहत एक लाभार्थी को 25,000 रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की गई।
प्रदेश के विभिन्न जिलों एवं बोर्ड के उप-कार्यालयों के माध्यम से पात्र लाभार्थियों को यह सहायता उपलब्ध करवाई गई। जिला एवं क्षेत्रवार विवरण के अनुसार हमीरपुर में 225 लाभार्थियों को 76,74,400 रुपये, चंबा में 164 लाभार्थियों को 70,54,800 रुपये, सिरमौर में 140 लाभार्थियों को 51,80,600 रुपये, मंडी क्षेत्र में 171 लाभार्थियों को 64,80,883 रुपये तथा किन्नौर में 126 लाभार्थियों को 48,39,388 रुपये की सहायता प्रदान की गई।
इसी प्रकार, कांगड़ा में 270 लाभार्थियों को 1,02,07,200 रुपये, शिमला क्षेत्र में 88 लाभार्थियों को 45,58,253 रुपये, बिलासपुर में 104 लाभार्थियों को 32,98,800 रुपये, ऊना में 72 लाभार्थियों को 33,93,400 रुपये, सोलन क्षेत्र में 63 लाभार्थियों को 30,51,000 रुपये तथा कुल्लू में 48 लाभार्थियों को 21,43,001 रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की गई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा श्रमिक कल्याण योजनाओं की प्रक्रिया को डिजिटल और सरल बनाया गया है ताकि पात्र लाभार्थियों को योजनाओं का लाभ सीधे, शीघ्र और पारदर्शी तरीके से मिल सके। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य समाज के जरूरतमंद एवं वंचित वर्गों को प्रभावी सामाजिक सुरक्षा प्रदान करना तथा श्रमिक परिवारों को सम्मानजनक जीवन के लिए आवश्यक आर्थिक संबल उपलब्ध करवाना है।
बोर्ड के अध्यक्ष नरदेव सिंह कंवर ने कहा कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व में प्रदेश सरकार श्रमिक वर्ग के कल्याण के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि श्रमिक प्रदेश के विकास और आधारभूत ढांचे के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि श्रमिकों और उनके आश्रितों के लिए लागू की जा रही कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र परिवारों तक सुगम एवं पारदर्शी तरीके से पहुंचे।
संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र में भारतीय संसदीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करेंगे हिमाचल के राज्यसभा सांसद प्रो. (डॉ.) सिकंदर कुमार
नई दिल्ली/न्यूयॉर्क, 3 अक्तूबर। संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के 81वें सत्र में भाग लेने के लिए भारत के सांसदों का एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल न्यूयॉर्क पहुंच रहा है। इस महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय मंच पर राज्यसभा की ओर से प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व हिमाचल प्रदेश से राज्यसभा सांसद प्रोफेसर (डॉ.) सिकंदर कुमार करेंगे। उनके नेतृत्व में भारतीय संसदीय प्रतिनिधिमंडल संयुक्त राष्ट्र के विभिन्न कार्यक्रमों, अंतरराष्ट्रीय बैठकों, द्विपक्षीय वार्ताओं और नीतिगत चर्चाओं में भाग लेगा।
यह आधिकारिक दौरा 5 से 9 अक्तूबर 2026 तक संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय, न्यूयॉर्क में आयोजित किया जा रहा है। हिमाचल प्रदेश से राज्यसभा सांसद डॉ. सिकंदर कुमार को प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व सौंपा जाना प्रदेश के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है। इस दौरान वह वैश्विक मंच पर भारत के दृष्टिकोण और विभिन्न अंतरराष्ट्रीय विषयों पर भारतीय संसदीय प्रतिनिधिमंडल का पक्ष रखेंगे।
प्रतिनिधिमंडल अपने आधिकारिक कार्यक्रमों की शुरुआत 5 अक्तूबर को संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय के नॉर्थ लॉन में स्थापित राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित करके करेगा। इसके बाद भारत के स्थायी मिशन (PMI) की ओर से संयुक्त राष्ट्र में भारत की भूमिका और विभिन्न बहुपक्षीय मुद्दों को लेकर विस्तृत ब्रीफिंग दी जाएगी।
दौरे के दौरान भारतीय प्रतिनिधिमंडल संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (UNDP), यूनिसेफ (UNICEF) तथा संयुक्त राष्ट्र आतंकवाद विरोधी कार्यालय (UNOCT) के साथ महत्वपूर्ण बैठकों में हिस्सा लेगा। इन बैठकों में सतत विकास, बच्चों एवं समाज के कल्याण, अंतरराष्ट्रीय सहयोग तथा आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक प्रयासों सहित विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा होगी।
7 अक्तूबर को ‘इंटरनेशनल कॉटन डे’ के अवसर पर आयोजित विशेष सत्र “कपास स्थिरता: आजीविका, मूल्य संवर्धन और साझेदारी” में भी भारतीय प्रतिनिधिमंडल भाग लेगा। इस अवसर पर कपास क्षेत्र से जुड़े सतत विकास, आजीविका, मूल्य संवर्धन, सहयोग और अंतरराष्ट्रीय साझेदारी को आगे बढ़ाने से संबंधित विषयों पर संवाद किया जाएगा।
दौरे के दौरान फ्रांस और रवांडा के स्थायी प्रतिनिधियों सहित कई देशों के वैश्विक कूटनीतिज्ञों के साथ द्विपक्षीय संवाद भी आयोजित होंगे। इन बैठकों में भारत के विभिन्न देशों के साथ संबंधों, सहयोग और बहुपक्षीय मंचों पर साझेदारी को लेकर विचार-विमर्श किया जाएगा।
8 अक्तूबर को संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय के कॉन्फ्रेंस रूम में आयोजित ‘हिंदी दिवस समारोह’ में भारतीय सांसद प्रमुखता से भाग लेंगे। इस अवसर पर हिंदी के वैश्विक प्रचार-प्रसार, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हिंदी की भूमिका और विश्व समुदाय के बीच भारतीय भाषाओं की पहुंच को बढ़ाने से जुड़े विषयों पर भी संवाद होगा।
वर्तमान दौर में तेजी से विकसित हो रही आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और आधुनिक तकनीक भी प्रतिनिधिमंडल के कार्यक्रम का महत्वपूर्ण हिस्सा रहेगी। 9 अक्तूबर को संयुक्त राष्ट्र महासचिव के प्रौद्योगिकी दूत (Tech Envoy) अमनदीप गिल के साथ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और आधुनिक तकनीक के वैश्विक प्रभावों को लेकर उच्चस्तरीय चर्चा प्रस्तावित है। इसमें तकनीकी विकास, उसके वैश्विक प्रभाव तथा भविष्य की संभावनाओं पर विचार-विमर्श किया जाएगा।
इसके अलावा भारतीय प्रतिनिधिमंडल प्रवासी भारतीयों और विभिन्न देशों के राजदूतों के साथ भी संवाद करेगा। यात्रा के दौरान भारतीय समुदाय (डायस्पोरा) के प्रतिनिधियों तथा उच्चायोग की ओर से आयोजित विशेष स्वागत समारोहों में भी सांसद हिस्सा लेंगे।
संयुक्त राष्ट्र महासभा जैसे महत्वपूर्ण वैश्विक मंच पर भारतीय संसदीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करने की जिम्मेदारी प्रोफेसर (डॉ.) सिकंदर कुमार को मिलना हिमाचल प्रदेश के लिए भी महत्वपूर्ण अवसर है। इस दौरे के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय कूटनीति, सतत विकास, तकनीक, हिंदी के वैश्विक प्रचार-प्रसार और बहुपक्षीय सहयोग जैसे विषयों पर भारत की भागीदारी को और मजबूती देने का प्रयास किया जाएगा।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चमके हिमाचल के खिलाड़ियों से जापान में मिले केवल सिंह पठानिया
शाहपुर, 3 अक्तूबर:उप मुख्य सचेतक एवं शाहपुर विधायक श्री केवल सिंह पठानिया ने जापान दौरे के दौरान अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश और प्रदेश का नाम रोशन करने वाले प्रतिभावान खिलाड़ियों से मुलाकात की और उनके शानदार प्रदर्शन के लिए उन्हें बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।

श्री पठानिया ने कहा कि खेलों के क्षेत्र में हिमाचल प्रदेश के युवाओं की यह उपलब्धि पूरे प्रदेश के लिए गर्व का विषय है। खिलाड़ियों की मेहनत, लगन और समर्पण ने न केवल उन्हें एक नई पहचान दिलाई है, बल्कि देश और प्रदेश का गौरव भी बढ़ाया है।

उन्होंने खिलाड़ियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार युवाओं को बेहतर खेल सुविधाएं, प्रशिक्षण और अवसर उपलब्ध करवाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है, ताकि हिमाचल के युवा राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर सकें।

उल्लेखनीय है कि शाहपुर विधायक श्री केवल सिंह पठानिया इन दिनों जापान दौरे पर हैं।
Swachhata Hi Seva Campaign-2026 Concludes at Rampur HPS on Gandhi Jayanti

Special Cleanliness Meeting and Felicitation Ceremony Held with Representatives of Affected Panchayats and Partner Organisations

Rampur, October 3, 2026: The Swachhata Hi Seva (SHS) Campaign–2026, organised by Rampur Hydro Power Station (Rampur HPS) from September 17 to October 2, 2026, in accordance with the directions of the Ministry of Power and the Corporate Office, concluded on the occasion of the birth anniversary of Mahatma Gandhi. During the campaign, a series of activities focusing on cleanliness, public participation, waste management and environmental protection were organised with the active involvement of the local community and various stakeholders.

As part of the concluding programme, a Special Cleanliness Meeting was organised on October 2, 2026, in the presence of Er. Vikas Marwah, Project Head, Rampur HPS, with representatives of the affected panchayats of Rampur HPS. The meeting was aimed at strengthening dialogue, coordination and public participation among the local community, Panchayat representatives, volunteers and partner organisations, while further promoting awareness about cleanliness and environmental protection.

The meeting also provided an important platform for interaction with local representatives and stakeholders on the need to sustain cleanliness initiatives beyond the campaign period. Emphasis was laid on collective efforts, community participation and coordinated action to make cleanliness and environmental protection an integral part of everyday life.

On the occasion, organisations and groups that made an outstanding contribution and actively participated in the SHS Campaign–2026 were felicitated. The Mahila Mandal, Gandhinagar; Mahila Mandal, Bangladesh; Mahila Mandal, Bayal; and Sambhav Public Welfare Trust, Dattnagar were honoured in recognition of their active participation and valuable contribution towards making the campaign successful.

Addressing the gathering, Er. Vikas Marwah, Project Head, Rampur HPS, said that Mahatma Gandhi regarded cleanliness as the foundation of a healthy and empowered society. He said that concluding the Swachhata Hi Seva Campaign on the occasion of Gandhi Jayanti further strengthens the collective commitment towards cleanliness and reinforces the importance of maintaining a clean and healthy environment.

He emphasised that the active participation of local Panchayats, Mahila Mandals, volunteers and partner organisations can make cleanliness initiatives more effective as well as sustainable. He appreciated the valuable contribution of volunteers and supporting organisations during the campaign and said that their active participation conveys a positive message about cleanliness to society.

Er. Vikas Marwah further called upon everyone to ensure that cleanliness does not remain confined to a particular campaign or special occasion but becomes an integral part of everyday life and lifestyle. He urged all stakeholders to continue contributing towards building a clean, healthy and environmentally friendly society.

The meeting was attended by the Pradhans of the affected Panchayats of Kharga, Tunan, Kushwa, Bakhan, Poshna, Bari, Gadej, Kasholo and Jagatkhan, along with the Pradhans of Mahila Mandal Gandhinagar and Mahila Mandal Bangladesh, the Founder of Sambhav Public Welfare Trust, Dattnagar, and all Heads of Departments of Rampur HPS.

The participants reiterated their commitment towards cleanliness and environmental protection and expressed their resolve to continue extending active cooperation and ensuring greater public participation in such initiatives in the future. The successful conclusion of the SHS Campaign–2026 reflected the importance of collective responsibility and community participation in promoting cleanliness, environmental awareness and sustainable practices.
गांधी जयंती पर रामपुर एचपीएस में स्वच्छता ही सेवा अभियान-2026 का समापन

विशेष स्वच्छता बैठक एवं सम्मान समारोह में पंचायत प्रतिनिधियों और सहयोगी संस्थाओं की सहभागिता

रामपुर, 03 अक्तूबर 2026। महात्मा गांधी की जयंती के अवसर पर विद्युत मंत्रालय एवं निगमित कार्यालय के निर्देशानुसार रामपुर एचपीएस द्वारा 17 सितम्बर से 2 अक्तूबर 2026 तक आयोजित “स्वच्छता ही सेवा (SHS) अभियान–2026” का विधिवत समापन किया गया। अभियान के दौरान स्वच्छता, जनभागीदारी, अपशिष्ट प्रबंधन तथा पर्यावरण संरक्षण से जुड़े विभिन्न कार्यक्रमों एवं गतिविधियों का आयोजन किया गया। इन गतिविधियों के माध्यम से स्थानीय समुदाय को स्वच्छता के प्रति जागरूक करने तथा स्वच्छ एवं स्वस्थ पर्यावरण के निर्माण में सामूहिक भागीदारी को प्रोत्साहित किया गया।

अभियान के समापन अवसर पर 02 अक्तूबर 2026 को रामपुर एचपीएस के परियोजना प्रमुख ई. विकास मारवाह की उपस्थिति में रामपुर एचपीएस की प्रभावित पंचायतों के प्रतिनिधियों के साथ एक विशेष स्वच्छता बैठक का आयोजन किया गया। बैठक का मुख्य उद्देश्य स्थानीय समुदाय, पंचायत प्रतिनिधियों, स्वयंसेवकों एवं सहयोगी संस्थाओं के साथ स्वच्छता को लेकर संवाद एवं समन्वय को मजबूत करना तथा स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जन-जागरूकता एवं जनभागीदारी को और अधिक प्रभावी बनाना रहा।

बैठक के दौरान स्वच्छता को निरंतर बनाए रखने, स्थानीय स्तर पर जनभागीदारी बढ़ाने तथा पर्यावरण संरक्षण के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर चर्चा की गई। इस अवसर पर अभियान के दौरान सक्रिय भूमिका निभाने वाले पंचायत प्रतिनिधियों, महिला मंडलों, स्वयंसेवकों एवं सहयोगी संस्थाओं के योगदान की सराहना की गई।

SHS अभियान–2026 में उत्कृष्ट योगदान एवं सक्रिय सहभागिता के लिए महिला मंडल, गाँधीनगर; महिला मंडल, बांगलादेश; महिला मंडल, बायल तथा संभव पब्लिक वेलफेयर ट्रस्ट, दत्तनगर को सम्मानित किया गया। सम्मान समारोह के माध्यम से स्वच्छता अभियान को सफल बनाने में सहयोग देने वाले संगठनों एवं स्वयंसेवकों के योगदान को विशेष रूप से रेखांकित किया गया।

इस अवसर पर परियोजना प्रमुख, रामपुर एचपीएस, ई. विकास मारवाह ने कहा कि महात्मा गांधी ने स्वच्छता को स्वस्थ एवं सशक्त समाज की आधारशिला माना था। गांधी जयंती के अवसर पर स्वच्छता ही सेवा अभियान का समापन स्वच्छता के प्रति हमारी सामूहिक प्रतिबद्धता को और सुदृढ़ करता है। उन्होंने कहा कि स्थानीय पंचायतों, महिला मंडलों, स्वयंसेवकों एवं सहयोगी संस्थाओं की सक्रिय सहभागिता से स्वच्छता से जुड़े प्रयासों को अधिक प्रभावी एवं स्थायी बनाया जा सकता है।

उन्होंने अभियान के दौरान उत्कृष्ट योगदान देने वाले स्वयंसेवकों एवं सहयोगी संस्थाओं की सराहना करते हुए कहा कि उनकी सक्रिय भागीदारी समाज में स्वच्छता के प्रति सकारात्मक संदेश देती है। उन्होंने सभी से आह्वान किया कि स्वच्छता को केवल किसी विशेष अभियान या कार्यक्रम तक सीमित न रखते हुए इसे दैनिक जीवनशैली का अभिन्न हिस्सा बनाया जाए। उन्होंने स्वच्छ, स्वस्थ एवं पर्यावरण-अनुकूल समाज के निर्माण में निरंतर योगदान देने की अपील की।

बैठक में रामपुर एचपीएस की प्रभावित पंचायतों खरगा, तुनन, कुशवा, बखन, पोशना, बाड़ी, गडेज, कशोलो एवं जगातखाना के प्रधान, महिला मंडल गाँधीनगर एवं महिला मंडल बांगलादेश की प्रधान, संभव पब्लिक वेलफेयर ट्रस्ट, दत्तनगर के संस्थापक तथा रामपुर एचपीएस के सभी विभागाध्यक्ष उपस्थित रहे।

इस अवसर पर उपस्थित प्रतिनिधियों ने स्वच्छता एवं पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए भविष्य में भी ऐसे अभियानों में सक्रिय सहयोग एवं जनभागीदारी सुनिश्चित करने का संकल्प लिया।
मुख्यमंत्री ने महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री को श्रद्धांजलि अर्पित की
रोहड़ू -
राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय लाल बहादुर शास्त्री की जयंती के अवसर पर आज मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने रोहड़ू विधानसभा क्षेत्र के भटवाड़ी गांव में पुष्पांजलि अर्पित की।
महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री के राष्ट्र निर्माण में दिए गए अमूल्य योगदान को याद करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उनके आदर्श और सिद्धांत आज भी प्रासंगिक हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान पीढ़ी को इन दोनों महान नेताओं द्वारा दिखाए गए सत्य, अहिंसा, सादगी, कर्तव्यनिष्ठा और राष्ट्रसेवा के मार्ग पर चलना चाहिए।
रोहड़ू विधानसभा क्षेत्र के दो दिवसीय प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री ने ‘सरकार गांव के द्वार’ कार्यक्रम के तहत भटवाड़ी गांव में रात्रि प्रवास किया था।
इस अवसर पर रोहड़ू के विधायक मोहन लाल ब्राक्टा तथा अन्य गणमान्यों ने भी महात्मा गांधी एवं लाल बहादुर शास्त्री को पुष्पांजलि अर्पित की।
शिंगला हेलीपैड पहुंचने पर मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू का स्वागत
रोहड़ू एवं रामपुर क्षेत्र के तीन दिवसीय दौरे के दौरान रामपुर बुशहर पहुंचे मुख्यमंत्री
रामपुर बुशहर, 2 अक्तूबर। हिमाचल प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री श्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू जी के रोहड़ू एवं रामपुर क्षेत्र के तीन दिवसीय दौरे के तहत आज उनका रामपुर बुशहर स्थित शिंगला हेलीपैड पर आगमन हुआ। मुख्यमंत्री जी के रामपुर पहुंचने पर क्षेत्र में उनका स्वागत किया गया।
इस अवसर पर नाथपा झाकड़ी हाइड्रो पावर स्टेशन (एनजेएचपीएस) के परियोजना प्रमुख श्री राजीव कपूर जी ने शिंगला हेलीपैड पर मुख्यमंत्री श्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू जी से शिष्टाचार भेंट की। श्री राजीव कपूर जी ने मुख्यमंत्री जी का स्वागत एवं अभिनंदन किया तथा उनके क्षेत्रीय दौरे के लिए शुभकामनाएं दीं।
मुख्यमंत्री श्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू जी का यह तीन दिवसीय रोहड़ू एवं रामपुर क्षेत्र का दौरा क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। दौरे के दौरान मुख्यमंत्री जी विभिन्न कार्यक्रमों में भाग लेंगे तथा क्षेत्र से जुड़े विभिन्न विषयों को लेकर स्थानीय स्तर पर संवाद और गतिविधियों में शामिल होंगे।
रामपुर बुशहर पहुंचने पर शिंगला हेलीपैड पर एनजेएचपीएस के परियोजना प्रमुख श्री राजीव कपूर जी द्वारा की गई शिष्टाचार भेंट के दौरान मुख्यमंत्री जी का आत्मीय स्वागत किया गया। मुख्यमंत्री के आगमन से क्षेत्र में उत्साह का माहौल देखने को मिला।
Chief Minister Sukhvinder Singh Sukhu Welcomed at Shingla Helipad in Rampur Bushahr
CM Arrives in Rampur as Part of His Three-Day Visit to Rohru and Rampur Areas
Rampur Bushahr, October 2: Himachal Pradesh Chief Minister Thakur Sukhvinder Singh Sukhu arrived at Shingla Helipad in Rampur Bushahr today as part of his three-day visit to the Rohru and Rampur areas.
On the occasion of the Chief Minister’s arrival, Mr. Rajiv Kapoor, Project Head, Nathpa Jhakri Hydro Power Station (NJHPS), paid a courtesy visit and extended a warm welcome to Chief Minister Thakur Sukhvinder Singh Sukhu.
During the courtesy meeting, Mr. Rajiv Kapoor greeted the Chief Minister and conveyed his best wishes for the Chief Minister’s three-day visit to the Rohru and Rampur areas. The interaction marked a cordial welcome to the Chief Minister upon his arrival in Rampur Bushahr.
Chief Minister Thakur Sukhvinder Singh Sukhu’s three-day visit to the Rohru and Rampur areas is an important regional engagement. During the visit, the Chief Minister will participate in various scheduled programmes and activities in the region.
The arrival of the Chief Minister at Shingla Helipad generated an atmosphere of enthusiasm in Rampur Bushahr. The courtesy meeting and welcome by NJHPS Project Head Mr. Rajiv Kapoor reflected the cordial interaction on the occasion of the Chief Minister’s arrival in the area.
Luheri Hydroelectric Project Stage-I Concludes ‘Swachhata Hi Seva (SHS)-2026’ Campaign

Sanitation Volunteers Honoured on Gandhi Jayanti and Swachh Bharat Diwas; ‘Waste to Wealth–Kabाड़ se Jugaad’ Competition Highlights Creativity and Sustainable Waste Management

Luheri, October 2: In accordance with the directions of the Ministry of Power, Government of India, and the Corporate Headquarters, Luheri Hydroelectric Project Stage-I organised the “Swachhata Hi Seva (SHS)-2026” campaign from September 17 to October 2, 2026. The campaign concluded today on the occasion of Gandhi Jayanti and Swachh Bharat Diwas, after a series of activities aimed at promoting public awareness, community participation in cleanliness, reduction in the use of plastic, effective waste management and environmental conservation.

Throughout the campaign, various activities were organised with the objective of creating greater awareness about cleanliness and encouraging active participation among employees and stakeholders. The initiatives also focused on promoting responsible waste disposal, reducing dependence on plastic and strengthening the message of environmental protection as an integral part of everyday life.

At the concluding ceremony, Project Head of Luheri Hydroelectric Project Stage-I, Er. Jaswant Singh Kapoor, honoured the sanitation volunteers who made active and dedicated contributions towards the successful implementation of the campaign. He appreciated the efforts made by the sanitation volunteers as well as the entire project team and acknowledged their active participation in making the campaign meaningful and effective.

As part of the campaign, a special “Waste to Wealth–Kabाड़ se Jugaad” competition was also organised for the outsourced employees working at the project. The competition provided participants with an opportunity to demonstrate their creativity by transforming domestic and discarded waste materials into useful and innovative products.

The participants displayed considerable creativity and imagination by giving a new and productive purpose to materials that would otherwise have been treated as waste. Their efforts highlighted the importance of reusing waste materials and demonstrated how creativity can contribute to better waste management and environmental protection.

The Project Head and the Heads of various departments present on the occasion appreciated the creative works presented by the participants. Along with the winners of the competition, all participants were also rewarded in recognition of their enthusiasm, participation and contribution towards the campaign.

Speaking on the occasion, Er. Jaswant Singh Kapoor, Project Head, said that Mahatma Gandhi placed special emphasis not only on political cleanliness but also on personal cleanliness and considered cleanliness to be the foundation of a healthy and strong society. He called upon the entire project team and the sanitation volunteers present at the event to ensure that cleanliness does not remain confined merely to a fortnight or a particular campaign.

He emphasised that cleanliness should instead become an integral part of one’s behaviour, values and lifestyle. According to him, sustained efforts and responsible individual practices are essential for creating a cleaner, healthier and more environmentally conscious society.

He further stated that every individual has an important role to play in creating a clean and healthy environment. By adopting cleanliness, proper waste disposal, reduced use of plastic and environmental conservation as part of our daily lives, the resolve towards cleanliness can be carried forward continuously and effectively.

The concluding programme also reinforced the message that cleanliness is not merely a campaign-related responsibility but a collective social commitment. Active public participation, responsible waste management and environmentally conscious practices can together contribute significantly towards building a cleaner and healthier environment.

On the occasion, Heads of various departments, officers and employees of the project, along with sanitation volunteers, were present. The programme concluded with a renewed commitment to continue promoting cleanliness, public participation, responsible waste management and environmental conservation beyond the campaign period.
लूहरी जल विद्युत परियोजना चरण-I में ‘स्वच्छता ही सेवा-2026’ अभियान का भव्य समापन

गांधी जयंती एवं स्वच्छ भारत दिवस पर स्वच्छता स्वयंसेवियों को किया सम्मानित, ‘वेस्ट टू वेल्थ–कबाड़ से जुगाड़’ प्रतियोगिता में दिखी सृजनात्मकता

लूहरी, अक्तूबर। विद्युत मंत्रालय, भारत सरकार एवं निगम मुख्यालय के निर्देशानुसार लूहरी जल विद्युत परियोजना चरण-I द्वारा दिनांक 17 सितम्बर से 02 अक्तूबर 2026 तक आयोजित किए गए “स्वच्छता ही सेवा (SHS)-2026” अभियान का आज गांधी जयंती एवं स्वच्छ भारत दिवस के अवसर पर समापन किया गया। अभियान के दौरान स्वच्छता के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने, जनभागीदारी सुनिश्चित करने, प्लास्टिक के उपयोग को कम करने, अपशिष्ट प्रबंधन तथा पर्यावरण संरक्षण को लेकर विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया गया।

समापन समारोह के अवसर पर लूहरी जल विद्युत परियोजना चरण-I के परियोजना प्रमुख ई. जसवंत सिंह कपूर ने अभियान के दौरान सक्रिय एवं समर्पित रूप से योगदान देने वाले स्वच्छता स्वयंसेवियों को सम्मानित किया। उन्होंने स्वच्छता अभियान को सफल बनाने में स्वच्छता स्वयंसेवियों के साथ-साथ परियोजना की पूरी टीम द्वारा किए गए प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि स्वच्छता के प्रति सामूहिक भागीदारी ही किसी भी अभियान को प्रभावी एवं स्थायी रूप प्रदान करती है।

अभियान के अंतर्गत परियोजना में कार्यरत आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए “वेस्ट टू वेल्थ–कबाड़ से जुगाड़” प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया। इस प्रतियोगिता में प्रतिभागियों ने घरेलू एवं अनुपयोगी अपशिष्ट सामग्री का रचनात्मक और उपयोगी वस्तुओं में रूपांतरण कर अपनी सृजनात्मक प्रतिभा का प्रदर्शन किया। प्रतिभागियों द्वारा बेकार समझी जाने वाली सामग्री को उपयोगी एवं आकर्षक वस्तुओं में परिवर्तित करने के प्रयासों ने अपशिष्ट के बेहतर प्रबंधन और पुनः उपयोग की संभावनाओं को भी प्रदर्शित किया।

परियोजना प्रमुख एवं उपस्थित विभागाध्यक्षों ने प्रतियोगिता में प्रतिभागियों द्वारा प्रस्तुत रचनात्मक कार्यों की सराहना की। प्रतियोगिता के विजेताओं के साथ-साथ सभी प्रतिभागियों को भी पुरस्कृत किया गया। इस पहल के माध्यम से परियोजना परिसर में कार्यरत कर्मचारियों को अपशिष्ट के रचनात्मक पुनः उपयोग तथा पर्यावरण संरक्षण के प्रति प्रेरित किया गया।

इस अवसर पर परियोजना प्रमुख ई. जसवंत सिंह कपूर ने कहा कि महात्मा गांधी जी ने राजनीतिक स्वच्छता के साथ-साथ व्यक्तिगत स्वच्छता पर भी विशेष बल दिया और स्वच्छता को स्वस्थ एवं सशक्त समाज की आधारशिला माना। उन्होंने परियोजना की पूरी टीम एवं उपस्थित स्वच्छता स्वयंसेवियों का आह्वान करते हुए कहा कि स्वच्छता को केवल किसी पखवाड़े अथवा अभियान तक सीमित नहीं रखा जाना चाहिए, बल्कि इसे अपने स्वभाव, संस्कार एवं जीवनशैली का अभिन्न हिस्सा बनाया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि स्वच्छ एवं स्वस्थ वातावरण के निर्माण में प्रत्येक व्यक्ति की भूमिका महत्वपूर्ण है। यदि हम अपने दैनिक जीवन में स्वच्छता, कचरे के उचित निस्तारण, प्लास्टिक के कम उपयोग तथा पर्यावरण संरक्षण जैसे प्रयासों को अपनाएं, तो स्वच्छता के संकल्प को निरंतर आगे बढ़ाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि सामूहिक प्रयासों और व्यक्तिगत जिम्मेदारी के माध्यम से स्वच्छता को एक सतत जन-अभियान का रूप दिया जा सकता है।

समापन समारोह में परियोजना के विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष, अधिकारी एवं कर्मचारी तथा स्वच्छता स्वयंसेवी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान स्वच्छता के प्रति निरंतर जागरूकता, जनभागीदारी और पर्यावरण संरक्षण के संकल्प को आगे बढ़ाने का संदेश दिया गया।
HPNLU शिमला में 18वीं राष्ट्रीय युवा संसद प्रतियोगिता 2025–26 की ग्रुप-लेवल प्रतियोगिता आयोजित
शिमला, अक्टूबर। हिमाचल प्रदेश नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी (HPNLU), शिमला में माननीय कुलपति प्रो. (डॉ.) प्रीती सक्सेना के नेतृत्व में भारत सरकार के संसदीय कार्य मंत्रालय के तत्वावधान में 18वीं राष्ट्रीय युवा संसद प्रतियोगिता 2025–26 की ग्रुप-लेवल प्रतियोगिता आयोजित की गई। कार्यक्रम का आयोजन HPNLU के इलेक्टोरल लिटरेसी क्लब (ELC) द्वारा किया गया।
कार्यक्रम में हिमाचल प्रदेश सरकार के पूर्व संसदीय कार्य मंत्री एवं पूर्व राज्यसभा सांसद श्री सुरेश भारद्वाज (2002–2008) मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। इस अवसर पर संसदीय कार्य मंत्रालय की ग्रुप कोऑर्डिनेटर डॉ. अनुपम कुर्लवाल, HPU शिमला के ICDEOL में राजनीति विज्ञान के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. जोगिंदर सिंह सकलानी तथा HPNLU में डीन (एकेडमिक अफेयर्स) प्रो. (डॉ.) एस.एस. जसवाल सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।
राष्ट्रीय युवा संसद प्रतियोगिता का उद्देश्य विद्यार्थियों में लोकतांत्रिक मूल्यों, संवैधानिक समझ और संसदीय प्रक्रियाओं के प्रति जागरूकता को मजबूत करना है। संसदीय कार्य मंत्रालय द्वारा भाग लेने वाले संस्थानों को 12 समूहों में विभाजित किया गया है तथा राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में आगे बढ़ने से पहले ग्रुप-लेवल पर प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाता है।
प्रतियोगिता के दौरान विद्यार्थियों ने बहस, चर्चा, प्रश्नोत्तर और विचार-विमर्श के माध्यम से संसदीय कार्यप्रणाली की अपनी समझ का प्रभावी प्रदर्शन किया। प्रतिभागियों का मूल्यांकन संसदीय आचरण, प्रक्रियात्मक ज्ञान, भागीदारी की गुणवत्ता तथा अभिव्यक्ति की प्रभावशीलता जैसे विभिन्न मानकों के आधार पर किया गया।
प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए गणमान्य अतिथियों ने संवैधानिक मूल्यों, तथ्यपरक एवं जानकारीपूर्ण सार्वजनिक चर्चा तथा जिम्मेदार लोकतांत्रिक भागीदारी के महत्व पर जोर दिया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय का संदेश “संवाद, संयम और संविधान” रहा, जो कार्यक्रम की मूल भावना को रेखांकित करता है।
समापन सत्र में विजेता प्रतिभागियों को पुरस्कार, प्रमाण पत्र एवं स्मृति चिन्ह प्रदान किए गए। HPNLU शिमला के प्रतिभागियों में धनंजय सिंह, तपस्वी ओझा और कार्तिक शर्मा ने प्रतियोगिता में शीर्ष स्थान हासिल किए। वहीं देविशी उनियाल, निकिता मीना और सार्थक सेठ को उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए स्पेशल प्राइज़ प्रदान किए गए। प्रतियोगिता की कार्यवाही के दौरान स्पीकर की भूमिका निभाने वाली निकिता मीना को भी गणमान्य अतिथियों द्वारा सम्मानित किया गया।
गौरतलब है कि HPNLU शिमला द्वारा नेशनल यूथ पार्लियामेंट कॉम्पिटिशन की मेज़बानी लगातार तीसरी बार की गई है। इससे पहले विश्वविद्यालय 16वें और 17वें संस्करणों की भी मेज़बानी कर चुका है। लगातार इस आयोजन की मेज़बानी विश्वविद्यालय की ओर से विद्यार्थियों के बीच संवैधानिक साक्षरता, संसदीय जागरूकता और जिम्मेदार एवं जानकारीपूर्ण लोकतांत्रिक भागीदारी को बढ़ावा देने के प्रयासों को दर्शाती है।
कार्यक्रम का सफल आयोजन इलेक्टोरल लिटरेसी क्लब के कोऑर्डिनेटर डॉ. वेद प्रकाश तथा छात्र टीम के सहयोग से किया गया।
जांगलिक सड़क दस दिन में खोलने के निर्देश, पुल निर्माण के लिए छह करोड़ रुपये सरकार देगी
थैंटवाड़ी गांव में भूस्खलन प्रभावित क्षेत्र के लिए दो करोड़ रुपये की घोषणा
शिमला -
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने आज रोहड़ू विधानसभा क्षेत्र के प्रवास के दौरान तांगणू-जांगलिक पंचायत क्षेत्र का दौरा किया। उन्होंने हाल ही में हुए भूस्खलन के कारण अवरुद्ध जांगलिक सड़क का निरीक्षण कर क्षेत्र की स्थिति का जायजा लिया।
मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को जांगलिक सड़क को दस दिन के भीतर यातायात के लिए बहाल करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सड़क बंद होने से स्थानीय लोगों के साथ-साथ बागवानों को भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है और सरकार सड़क की शीघ्र बहाली सुनिश्चित करेगी।
मुख्यमंत्री ने निर्माणाधीन जांगलिक पुल के कार्य को पूरा करने के लिए चार करोड़ रुपये की अतिरिक्त धनराशि उपलब्ध करवाने की घोषणा की। इसके अलावा, मुख्यमंत्री ने थैंटवाड़ी गांव में भूस्खलन से प्रभावित क्षेत्र के लिए दो करोड़ रुपये की धनराशि उपलब्ध करवाने की घोषणा की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार आपदा प्रभावित क्षेत्रों में जनजीवन सामान्य बनाने तथा प्रभावित लोगों को आवश्यक राहत एवं सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने अधिकारियों को राहत एवं पुर्नबहाली कार्यों में तेजी लाने के निर्देश भी दिए।
इस अवसर पर रोहड़ू के विधायक मोहन लाल ब्राक्टा सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति एवं संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।
गांधी और शास्त्री की जयंती पर कांग्रेस नेताओं ने अर्पित किए श्रद्धासुमन
शिमला, 2 अक्टूबर। प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन में शुक्रवार को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय लाल बहादुर शास्त्री की जयंती के अवसर पर कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान पार्टी नेताओं एवं कार्यकर्ताओं ने दोनों महान नेताओं के छायाचित्र पर श्रद्धासुमन अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी और देश के प्रति उनके योगदान को याद किया।
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष अमित नंदा ने महात्मा गांधी को याद करते हुए कहा कि देश की आजादी के आंदोलन में उनके महान योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता। उन्होंने कहा कि सत्य और अहिंसा के पुजारी महात्मा गांधी न केवल भारत, बल्कि पूरे विश्व में सम्मान के साथ याद किए जाते हैं। गांधी जी ने सत्य, अहिंसा और मानवता का जो संदेश दिया, वह आज भी पूरी दुनिया के लिए प्रासंगिक है।
अमित नंदा ने पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय लाल बहादुर शास्त्री को भी श्रद्धापूर्वक याद किया। उन्होंने कहा कि शास्त्री जी सादगी और कर्तव्यनिष्ठा की प्रतिमूर्ति थे। उन्होंने देशवासियों के सामने ‘जय जवान, जय किसान’ का नारा देकर एक ओर देश की सीमाओं की रक्षा कर रहे जवानों का मनोबल बढ़ाया, वहीं दूसरी ओर किसानों को खाद्यान्न उत्पादन बढ़ाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि शास्त्री जी की यह पहल देश के कृषि क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण साबित हुई और आज भारत खाद्यान्न उत्पादन के क्षेत्र में काफी हद तक आत्मनिर्भर बना है।
प्रदेश महिला कांग्रेस अध्यक्ष एवं सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग की महासचिव जैनब चंदेल ने कहा कि कांग्रेस को अपने सभी महान नेताओं पर गर्व है। उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी ने देश ही नहीं, बल्कि पूरे विश्व को सत्य और अहिंसा का मार्ग दिखाया। मानवता के लिए उनके विचार और आदर्श आज भी मार्गदर्शक हैं। उन्होंने कहा कि देश कभी भी आजादी के लिए संघर्ष करने वाले वीरों के बलिदान के ऋण से मुक्त नहीं हो सकता।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री देश के प्रेरणास्रोत थे और हमेशा रहेंगे। उनके विचार और जीवन आदर्श आने वाली पीढ़ियों को देशसेवा, सादगी, सत्य और कर्तव्य के मार्ग पर आगे बढ़ने की प्रेरणा देते रहेंगे।
इस अवसर पर कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारी एवं वन निगम के उपाध्यक्ष केहर सिंह खाची, महासचिव सोनिया चौहान, अनिता वर्मा, राज कुमारी सोनी, शिमला जिला कांग्रेस कमेटी शहरी के अध्यक्ष इंद्रजीत सिंह, जिला परिषद सदस्य नेहा मेहता, आनंद कौशल, राजेश शर्मा, राज कुमारी सोनी, एस.के. सहगल, राजेश वर्मा, पार्षद अश्वनी सूद व चमन प्रकाश, चंद्र जीत सिंह, विट्टू, मुकेश भाटिया, घारू, विन्दी कल्याण, सत्या वर्मा, नूतन, नरेंद्र कुमार, शक्त राम कश्यप, कमलेश ठाकुर, गोमा, कृष्णा जरयाल, दर्शन दास, बलदेब सटीयान, रौशनी जस्टा, लता ठाकुर, ऋतू राजता, वंदना कुमारी, रेखा सोनी, रत्न सिंह सहित अन्य कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे। कार्यक्रम में युवा कांग्रेस, सेवादल, महिला कांग्रेस और एनएसयूआई के कार्यकर्ताओं ने भी भाग लिया।
मुख्यमंत्री ने तकलेच स्कूल को सीबीएसई करने की घोषणा की
तकलेच-
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू का रामपुर विधानसभा क्षेत्र के तकलेच पहुंचने पर स्थानीय लोगों ने भव्य स्वागत किया। पारंपरिक वाद्य यंत्रों के साथ लोगों ने लंबी कतारों में खड़े होकर मुख्यमंत्री का अभिनंदन किया।
इस अवसर पर विभिन्न स्थानीय प्रतिनिधिमंडलों ने मुख्यमंत्री को सम्मानित भी किया। मुख्यमंत्री ने तकलेच स्कूल को सीबीएसई के अंतर्गत लाने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि पहले ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों को सीबीएसई शिक्षा दिलवाने के लिए अभिभावकों को उन्हें शहरों में भेजना पड़ता था। इससे जहां गांवों से पलायन बढ़ता था, वहीं परिवारों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ भी पड़ता था।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने सरकारी क्षेत्र में सीबीएसई स्कूल शुरू करने का निर्णय लिया है, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों को उनके घर के नजदीक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके। इससे गांवों से पलायन रोकने के साथ-साथ अभिभावकों के खर्च में भी कमी आएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि तकलेच में नया बस स्टैंड बनाने के लिए सर्वे करवाया जाएगा। सर्वे के बाद आवश्यक प्रक्रिया पूरी कर राज्य सरकार यहां बस स्टैंड का निर्माण करेगी। उन्होंने स्थानीय प्रतिनिधिमंडलों की मांगों पर विभिन्न सम्पर्क मार्गों के लिए पर्याप्त धनराशि उपलब्ध करवाने की घोषणा भी की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क और अन्य आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करना सरकार की प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री ने तकलेच सीएचसी का निरीक्षण भी किया और क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए आवश्यक दिशा निर्देश दिए।
ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करना सरकार की प्राथमिकताः मुख्यमंत्री
टिक्कर-जरोल-गाहन सड़क के लिए 36 करोड़ रुपये स्वीकृत, क्वालिटी से नहीं होगा समझौताः मुख्यमंत्री
शिमला -
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कहा कि प्रदेश में कांग्रेस सरकार बनने के बाद सभी क्षेत्रों का समान और संतुलित विकास सुनिश्चित किया जा रहा है। राज्य सरकार का लक्ष्य ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों की आय बढ़ाकर पैसा सीधे गांवों की अर्थव्यवस्था में पहुंचाना है। इसी उद्देश्य से सरकार ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दे रही है।
रामपुर में एक जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में उनकी सरकार बनने के समय दूध का खरीद मूल्य 32 रुपये प्रति लीटर था, जिसे अब बढ़ाकर लगभग दोगुना किया गया है। इससे किसानों और पशुपालकों की आय में वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि बागवानों और किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने के लिए सरकार लगातार कदम उठा रही है।
उन्होंने कहा कि मंडी मध्यस्थता योजना के तहत सेब के खरीद मूल्य में एक रुपये प्रति किलोग्राम की बढ़ोतरी की गई है। अब सेब 12 रुपये के बजाय 13 रुपये प्रति किलो की दर से खरीदा जाएगा। इससे सेब बागवानों को सीधा लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि टिक्कर-जरोल-गाहन सड़क के निर्माण के लिए राज्य सरकार ने 36 करोड़ रुपये स्वीकृत किए हैं। इस सड़क के बनने से क्षेत्र के सेब बागवानों को अपनी उपज मंडियों तक पहुंचाने में सुविधा मिलेगी। उन्होंने अधिकारियों को सड़क निर्माण में गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता न करने के निर्देश दिए।
श्री सुक्खू ने कहा कि राज्य सरकार ने हाल ही में किशाऊ बांध परियोजना में हिमाचल प्रदेश के हितों की बड़ी जीत सुनिश्चित की है। परियोजना के निर्माण के बाद हिमाचल प्रदेश को प्रतिवर्ष लगभग 1,200 से 1,500 करोड़ रुपये का लाभ होने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि सरकार के खजाने में पर्याप्त राजस्व आने से प्रदेश में बेहतर स्कूल, स्वास्थ्य संस्थान और अन्य आवश्यक सुविधाएं विकसित की जा सकेंगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि वह रामपुर विधानसभा क्षेत्र के तहत पाट गाँव में आयोजित ‘सरकार गांव के द्वार’ कार्यक्रम में भी शामिल होंगे और ग्रामीणों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं सुनेंगे। उन्होंने कहा कि गांवों के लोगों से प्राप्त सुझावों और समस्याओं के आधार पर आवश्यक योजनाओं को बजट में शामिल किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने क्षेत्र में किए गए विभिन्न उद्घाटनों और शिलान्यासों के लिए क्षेत्रवासियों को बधाई दी।
इससे पहले मुख्यमंत्री का रामपुर पहुंचने पर भव्य स्वागत किया गया। इस अवसर पर स्थानीय विधायक नंदलाल, मिल्कफेड के चेयरमैन बुद्धि सिंह ठाकुर, हिमकोन के चेयरमैन विकेश चौहान, हिमाचल प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कामगार कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष नरदेव सिंह कंवर, पूर्व विधायक किशोरीलाल, उपायुक्त अनुभव कश्यप, पुलिस अधीक्षक गौरव सिंह सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
राज्यपाल ने कसौली में नशा मुक्त समाज के निर्माण के लिए ‘संकल्प रथ यात्रा’ का शुभारंभ किया
युवाओं को नशे की प्रवृति से बचाने के लिए सामूहिक प्रयासों का किया आह्वान
कड़ी कार्रवाई के साथ रोकथाम, उपचार और पुनर्वास पर भी दिया बल

राज्यपाल कविन्द्र गुप्ता ने आज सोलन जिला के कसौली में उतिष्ठ भारत सेवा ट्रस्ट द्वारा आयोजित नशा-विरोधी जागरूकता अभियान संकल्प रथ यात्रा का शुभारंभ किया।
इस पहल को बच्चों, परिवारों और समाज को नशे के दुष्प्रभावों से बचाने के लिए एक महत्वपूर्ण सामाजिक संदेश और सामूहिक संकल्प के रूप में रेखांकित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि प्राकृतिक सौंदर्य, शांत वातावरण और सैन्य विरासत के लिए प्रसिद्ध कसौली की पहचान वैश्विक पर्यटन स्थल के रूप में स्थापित की जानी चाहिए। उन्होंने पर्यटन और सीमावर्ती क्षेत्रों में अधिक सतर्कता बरतने की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि इस कदम से नशे की तस्करी पर अंकुश लगेगा जिससे युवा पीढ़ी और क्षेत्र की सामाजिक पहचान प्रभावित नहीं होगी।
राज्यपाल ने कहा कि नशे की समस्या का सबसे चिंताजनक पहलू इसका युवाओं पर पड़ने वाला प्रभाव है। उन्होंने अभिभावकों और शिक्षकों से कहा कि वह बच्चों के व्यवहार में होने वाले असामान्य बदलावों पर ध्यान दें, उनकी बात धैर्यपूर्वक सुनें और उन्हें परिवार के सहयोग का भरोसा दिलवाएं। उन्होंने कहा कि नशा केवल कानून-व्यवस्था से जुड़ा विषय नहीं है, बल्कि यह गंभीर सामाजिक और स्वास्थ्य संबंधी विकराल चुनौती का रूप ले चुका है। नशे सेे व्यक्ति का शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य प्रभावित हो रहा है।
राज्यपाल ने कहा कि नशे को जड़ से समाप्त करने के लिए नशे केे तस्करों और संगठित अपराध के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के साथ-साथ प्रभावित लोगों के उपचार, पुनर्वास और समाज की मुख्य धारा में उन्हें फिर से शामिल करने पर भी ध्यान देना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि नशे की तस्करी से संबंधित संगठित अपराध और कुछ मामलों में सीमा पार नेटवर्क से यह आंतरिक सुरक्षा और राष्ट्रीय हित का विषय बन जाता है।
पुलिस, सुरक्षा बलों, प्रशासन और जांच एजेंसियों के प्रयासों की सराहना करते हुए राज्यपाल ने कहा कि केवल सरकारी प्रयासों से इस चुनौती का समाधान संभव नहीं है और प्रभावी परिणामों के लिए समाज की सक्रिय भागीदारी भी अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने स्कूलों में नियमित परामर्श, खेल, योग और सांस्कृतिक गतिविधियों में अधिक भागीदारी, कौशल विकास तथा विद्यार्थियों के साथ सकारात्मक संवाद को बढ़ावा देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि नशे के खिलाफ सुरक्षा की पहली पंक्ति के रूप में स्कूलों की महत्वपूर्ण भूमिका होनी चाहिए।
उन्होंने कसौली छावनी बोर्ड, सेना के जवानों और संस्थानों से भी अपने अनुभव, अनुशासन और मार्गदर्शन के माध्यम से इस अभियान में योगदान देने का आह्वान किया।
राज्यपाल ने उतिष्ठ भारत सेवा ट्रस्ट द्वारा संकल्प रथ यात्रा के माध्यम से नशा मुक्ति का संदेश लोगों तक पहुंचाने के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने धार्मिक एवं आध्यात्मिक संगठनों, महिला समूहों, युवा संगठनों, शिक्षण संस्थानों और नागरिक समाज से भी इस अभियान से जुड़ने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी को नशे की गुलामी से बचाना पूरे समाज के सामने एक सामूहिक चुनौती है। इसमें अभिभावकों, शिक्षकों, चिकित्सकों, सशस्त्र बलों, पुलिस, प्रशासन, सामाजिक संगठनों और स्वयं युवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने युवाओं से नशे को ‘ना’ कहने तथा अपनी ऊर्जा को खेल, योग, ज्ञान, कौशल विकास और राष्ट्र निर्माण में लगाने का आग्रह किया।
इस अवसर पर राज्यपाल ने समाज के लिए उत्कृष्ट सेवाएं प्रदान करने वाले व्यक्तियों को सम्मानित भी किया।
सांसद सुरेश कश्यप ने नशा विरोधी अभियान आयोजित करने के लिए इस ट्रस्ट को बधाई देते हुए कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में यह मुद्दा और भी महत्वपूर्ण हो गया है। उन्होंने कहा कि नशे के कारण परिवारों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है और परिवार अपने युवा बच्चों को खो रहे हैं। उन्होंने युवाओं से खेल एवं रचनात्मक गतिविधियों के लिए अधिक समय देने का आग्रह किया।
स्थानीय विधायक विनोद सुल्तानपुरी ने राज्यपाल का अपने विधानसभा क्षेत्र में स्वागत करते हुए कहा कि नशे की समस्या से निपटने में शिक्षण संस्थानों और समाज की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि नशे का बढ़ता प्रचलन समाज के लिए गंभीर खतरा बन गया है और इस चुनौती से निपटने के लिए सामूहिक प्रयास आवश्यक हैं। उन्होंने अभियान में राज्यपाल की सहभागिता की सराहना की।
इससे पहले उतिष्ठ भारत सेवा ट्रस्ट के ट्रस्टी नवनीत गौरियाल ने राज्यपाल का स्वागत किया तथा नशा विरोधी जागरूकता अभियान और ‘संकल्प रथ यात्रा’ के बारे में विस्तृत जानकारी दी।
इस अवसर पर उपायुक्त सोलन मनमोहन शर्मा, पुलिस अधीक्षक टी. साई दत्तात्रेय, उतिष्ठ भारत सेवा ट्रस्ट के अध्यक्ष राज किशोर, संरक्षक राज कुमार सिंगला, सेंट मैरी स्कूल की प्रधानाचार्य सिस्टर टेस्विन एवं अन्य गणमान्य भी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री ने रामपुर विधानसभा क्षेत्र में 232.93 करोड़ रुपये की 28 विकास परियोजनाओं के लोकार्पण और शिलान्यास किए
शिमला -
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने आज शिमला जिला के रामपुर विधानसभा क्षेत्र के लिए शिंगला हेलीपैड, रामपुर में 232.93 करोड़ रुपये की लागत की 28 विकास परियोजनाओं के उद्घाटन और भूमि पूजन किए।
मुख्यमंत्री ने रामपुर तहसील की ग्राम पंचायत भड़ावली में भड़ावली गांवों के समूह के लिए 4.83 करोड़ रुपये की लागत वाली उठाऊ पेयजल आपूर्ति योजना, रामपुर के वार्ड नंबर-8 डकोलड़ में 8.36 करोड़ रुपये की सीवरेज प्रणाली, रामपुर तहसील की ग्राम पंचायत देवनगर में प्लानू से शलून तक 2.56 करोड़ रुपये की लागत वाली प्रवाह सिंचाई योजना, रामपुर तहसील के वार्ड नंबर-9 खानरी में मौजूदा सीवरेज योजना के साथ एमजीएमएससी अस्पताल खनैरी को जोड़ने के लिए 71 लाख रुपये की सीवरेज कनेक्टिविटी, देलठ में 2.56 करोड़ रुपये की लागत से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भवन तथा रामपुर तहसील में गानवी खड्ड पर 1.84 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित बैली ब्रिज का लोकार्पण किया।
ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने 35.93 करोड़ रुपये की लागत से होने वाले टिक्कर-जरोल-गाहन-ननखड़ी-खमाड़ी सड़क के उन्नयन कार्य, 54.87 करोड़ रुपये की लागत से टिक्कर-जरोल-गाहन-ननखड़ी-खमाड़ी सड़क के उन्नयन कार्य, 2.50 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित होने वाली अस्पताल कॉलोनी से सरलाप्रोग सड़क, 4.19 करोड़ रुपये की लागत से कोटला-कुन्नी सड़क, 6.07 करोड़ रुपये की लागत से राजपुरा-दरशाल सड़क, 3.60 करोड़ रुपये की लागत से उरू से धार सड़क, 4.81 करोड़ रुपये की लागत से सवान-दोई सड़क, 9.99 करोड़ रुपये की लागत से सेरी पुल-अणुराक्षी सड़क, 11.19 करोड़ रुपये की लागत से पलजारा-गिन्छा-पेई सड़क, 13.85 करोड़ रुपये की लागत से कूट-किन्फी सड़क, 6.85 करोड़ रुपये की लागत से पटैना-कैंची से दारन घाटी सड़क, 7.91 करोड़ रुपये की लागत से मंगलाड़ पुल से गांव रूनपू सड़क, 2.02 करोड़ रुपये की लागत से गांव मोलगी के लिए संपर्क सड़क, 7.18 करोड़ रुपये की लागत से रुंगचा-धारला सड़क, 4 करोड़ रुपये की लागत से दलोग-चाश्नी-मड़ोग सड़क, 9.21 करोड़ रुपये की लागत से ढाई-बरकेली सड़क, 6 करोड़ रुपये की लागत से चड़ी से ढरण सड़क, 5.75 करोड़ रुपये की लागत से चकटी-थैली सड़क, 4.71 करोड़ रुपये की लागत से चेबड़ी से नगालनी सड़क, 8.24 करोड़ रुपये की लागत से लाहरू से खरेला सड़क, 3.19 करोड़ रुपये की लागत से एरली-मझेवटी सड़क तथा 45 लाख रुपये की लागत से लबाना-सदाना, भगावत से धोआ गांव और फांचा से फांचा कंडा तक सड़क के निर्माण एवं उन्नयन कार्य का भूमि पूजन किया।
कैचमेंट एरिया शिमला की जल सुरक्षा, पर्यावरण और जैव विविधता का महत्वपूर्ण आधार : अनिरुद्ध सिंह

वन्यजीव सप्ताह समारोह के तहत वाटर कैचमेंट सैंक्चुरी, ढल्ली में स्वच्छता अभियान आयोजित
शिमला -
वन्यजीव सप्ताह समारोह-2026 के तहत आज वाटर कैचमेंट सैंक्चुरी, ढल्ली में उद्घाटन समारोह एवं स्वच्छता अभियान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री श्री अनिरुद्ध सिंह ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। कार्यक्रम का आयोजन वन्यजीव विंग, हिमाचल प्रदेश वन विभाग द्वारा किया गया।
वन्यजीव सप्ताह का संदेश वन्यजीवों के आवासों का संरक्षण कर स्वास्थ्य और आजीविका को सुरक्षित रखना।

*कैचमेंट एरिया शिमला की जल सुरक्षा का आधार*

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह ने कहा कि कैचमेंट एरिया केवल जंगल नहीं, बल्कि शिमला के जल स्रोतों, पर्यावरणीय संतुलन और जैव विविधता का महत्वपूर्ण आधार है। पेड़ वर्षा और बर्फ के पानी को अपने भीतर संचित रखते हैं तथा गर्मी के मौसम में इसे धीरे-धीरे छोड़ते हैं, जिससे प्राकृतिक जलस्रोतों और चश्मों का पुनर्भरण होता रहता है। उन्होंने कहा कि आने वाली पीढ़ियों को जंगल, जल और वन्यजीव संरक्षण के महत्व के प्रति जागरूक करना आवश्यक है।

*बच्चों को समझना होगा पानी के पीछे की प्राकृतिक प्रक्रिया*

मंत्री ने कहा कि बच्चों को यह समझना जरूरी है कि पानी केवल नल या बोरवेल से नहीं आता, बल्कि इसके पीछे पूरी प्राकृतिक प्रक्रिया और पारिस्थितिकी तंत्र कार्य करता है। उन्होंने कहा कि शिमला के कैचमेंट क्षेत्र का इतिहास भी जल संरक्षण से गहराई से जुड़ा है। ब्रिटिश काल में शिमला की बढ़ती आबादी की जल आवश्यकता को देखते हुए इस क्षेत्र को कैचमेंट के रूप में विकसित किया गया था।

उन्होंने कहा कि कैचमेंट क्षेत्र का जंगल शिमला की भविष्य की जल सुरक्षा से सीधे जुड़ा है। जंगलों में वर्षा और बर्फ का पानी रुकता है तथा धीरे-धीरे जमीन में पहुंचकर प्राकृतिक जलस्रोतों के पुनर्भरण में योगदान देता है।

*जंगल और जल स्रोतों का संरक्षण सामूहिक जिम्मेदारी*

अनिरुद्ध सिंह ने कहा कि जंगलों और जल स्रोतों का संरक्षण केवल वन विभाग की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसमें प्रत्येक नागरिक की सक्रिय सहभागिता आवश्यक है।

उन्होंने जंगल में प्राकृतिक रूप से गिरे पेड़ों और जैविक अवशेषों के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि ये अनेक जीव-जंतुओं, कीट-पतंगों और सूक्ष्मजीवों के लिए भोजन एवं आवास उपलब्ध करवाते हैं तथा विघटित होकर मिट्टी की उर्वरता बढ़ाने में भी योगदान देते हैं। उन्होंने जंगलों में घास और झाड़ियों को काटकर जलाने की प्रवृत्ति को कम करने का आह्वान किया।

*प्लास्टिक प्रदूषण वन्यजीवों के लिए गंभीर खतरा*

मंत्री ने बच्चों द्वारा प्रस्तुत जागरूकता नाटक की सराहना करते हुए कहा कि ऐसी गतिविधियां विद्यार्थियों में पर्यावरण और वन्यजीव संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

उन्होंने कहा कि प्लास्टिक प्रदूषण वन्यजीवों के लिए गंभीर खतरा है। कई बार पशु-पक्षी प्लास्टिक को भोजन समझकर खा लेते हैं, जिससे उनके स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। इसलिए जंगलों और वन्यजीव क्षेत्रों में प्लास्टिक के प्रवेश को रोकना सभी की जिम्मेदारी है।

उन्होंने कैचमेंट क्षेत्र में प्लास्टिक की बोतलों को नियंत्रित करने के लिए अपनाई गई सुरक्षा राशि व्यवस्था की सराहना की और अन्य वन एवं वन्यजीव क्षेत्रों में भी ऐसी व्यवस्थाओं की संभावनाएं तलाशने पर जोर दिया।

*प्रकृति पर्यटन को चरणबद्ध तरीके से विकसित करने पर जोर*

अनिरुद्ध सिंह ने कहा कि लोग प्राकृतिक सौंदर्य, हरियाली, पक्षियों और वन्यजीवों का आनंद लेने के लिए ऐसे क्षेत्रों का रुख करते हैं। इसलिए कैचमेंट क्षेत्र में उपलब्ध ट्रेल्स को चरणबद्ध तरीके से प्रकृति पर्यटन के लिए विकसित किया जाना चाहिए।

उन्होंने ट्रेल्स पर प्रवेश एवं निकासी के लिए टिकट काउंटर और कंप्यूटरीकृत व्यवस्था विकसित करने का सुझाव दिया, ताकि आगंतुकों का रिकॉर्ड उपलब्ध रहे। साथ ही जंगल में प्रवेश करने वाले लोगों की उचित जांच सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया।

उन्होंने कहा कि प्रकृति पर्यटन को बढ़ावा देने से कैचमेंट क्षेत्र को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने में भी सहायता मिल सकती है।

*पेड़-पौधों की जानकारी क्यूआर कोड से उपलब्ध करवाने का सुझाव*

मंत्री ने वन विभाग को कैचमेंट क्षेत्र में मौजूद पेड़-पौधों और औषधीय वनस्पतियों की जानकारी देने वाले सूचना पट्ट लगाने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक पेड़-पौधे के स्थानीय एवं वैज्ञानिक नाम, उपयोगिता, औषधीय गुण तथा पारिस्थितिकी में भूमिका की जानकारी क्यूआर कोड के माध्यम से उपलब्ध करवाई जा सकती है।

उन्होंने कैचमेंट क्षेत्र के प्रवेश स्थल पर एक बड़ा सूचना पट्ट लगाने का सुझाव भी दिया, जिसमें क्षेत्र का इतिहास, विस्तार, जलस्रोतों की जानकारी तथा जल संग्रहण एवं वितरण प्रक्रिया का उल्लेख हो।

*स्थानीय समुदाय और स्वयं सहायता समूहों को जोड़ने पर जोर*

अनिरुद्ध सिंह ने कहा कि कैचमेंट क्षेत्र में कूड़ा-कचरा और प्लास्टिक प्रबंधन के लिए स्थानीय समुदाय की सक्रिय भागीदारी जरूरी है। उन्होंने स्थानीय महिलाओं और स्वयं सहायता समूहों को कैचमेंट क्षेत्र की गतिविधियों से जोड़ने का सुझाव दिया।

उन्होंने कहा कि स्थानीय उत्पादों की बिक्री, छोटे स्तर पर रोजगार और अन्य आजीविका गतिविधियों के माध्यम से समुदाय को संरक्षण व्यवस्था का भागीदार बनाया जा सकता है। स्वयं सहायता समूहों की सहायता से जंगल एवं आसपास के क्षेत्रों की नियमित साफ-सफाई तथा प्लास्टिक कचरे के प्रबंधन की व्यवस्था भी विकसित की जा सकती है।

*“पेड़ रहेंगे तो हमारा जीवन रहेगा*

मंत्री ने वन विभाग द्वारा पर्यावरण, जंगल और वन्यजीव संरक्षण के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि जंगल केवल पेड़ों का समूह नहीं हैं, बल्कि असंख्य जीव-जंतुओं, पक्षियों, कीट-पतंगों और सूक्ष्मजीवों का पूरा पारिस्थितिकी तंत्र हैं। प्रत्येक जीव प्रकृति के संतुलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

उन्होंने विद्यार्थियों का आह्वान करते हुए कहा कि “पेड़ रहेंगे तो हमारा जीवन रहेगा।” जैव विविधता, जंगल और जल स्रोतों का संरक्षण सुरक्षित एवं स्वस्थ भविष्य के लिए आवश्यक है।

ये अधिकारी रहे उपस्थित

इस अवसर पर प्रधान मुख्य अरण्यपाल  आलोक प्रेम नागर ,मुख्य अरण्यपाल   अभिलाष दामोदरन, अरण्यपाल किरूपा शंकर, प्रीति भट्टारे, डीएफओ शिमला ग्रामीण अनिकेत, उप अरण्यपाल डॉ. शयनवाज भट्ट , ब्लॉक कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष अशोक ठाकुर, पूर्व ब्लॉक कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष राम कृष्ण शांडिल तथा रविंद्र चौहान सहित वन विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
कांग्रेस के शीर्ष नेता भी मुख्यमंत्री सुक्खू को गंभीरता से नहीं लेते : जयराम ठाकुर

पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष ने गांधी जयंती और शास्त्री जयंती पर दी श्रद्धांजलि, सुक्खू सरकार पर साधा निशाना

मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू पर सीधा तंज कसते हुए कहा, बड़े-बड़े दावे कर रहे थे कि वे गांधी जयंती के शुभ अवसर पर 'मुख्यमंत्री अपना परिवार सुखी परिवार योजना' का शुभारंभ करेंगे, लेकिन वे ऐसा करने में पूरी तरह से विफल रहे

शिमला : पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री 'भारत रत्न' लाल बहादुर शास्त्री की जयंती के अवसर पर शिमला के ऐतिहासिक रिज मैदान स्थित उनकी प्रतिमाओं पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी। इस दौरान गांधी जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित स्वच्छता अभियान में भाग लेते हुए उन्होंने सफाई कर्मचारियों के योगदान की सराहना की और प्रदेश सरकार से उनकी मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करने का आग्रह किया। श्रद्धांजलि अर्पित करने के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए जयराम ठाकुर ने कहा कि सत्य, अहिंसा, त्याग और सत्याग्रह के मार्ग पर चलकर राष्ट्र को नई दिशा देने वाले महात्मा गांधी के विचार और आदर्श आज भी हम सभी के लिए एक महान प्रेरणास्रोत हैं, वहीं सादगी, ईमानदारी, कर्तव्यनिष्ठा और दृढ़ नेतृत्व के प्रतीक शास्त्री जी का प्रसिद्ध मंत्र “जय जवान, जय किसान” आज भी देश के वीर जवानों तथा अन्नदाताओं के सम्मान एवं अभूतपूर्व योगदान की प्रेरणा देता है।

 हाल ही में अपने दिल्ली दौरे को  लेकर मीडिया द्वारा पूछे सवालों का जवाब देते हुए उन्होंने बताया कि केंद्रीय मंत्रियों के साथ प्रदेशहित से जुड़े विभिन्न विकास कार्यों, वर्तमान सरकार के कामकाज तथा संगठन के विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई है। चर्चाएं कई तरह की होती है। सरकार और संगठन पर भी चर्चा हुई है। केंद्रीय मंत्रियों का सहयोग मिलता रहता है और चल रही योजनाओं को लेकर भी फीडबैक लिया जाता है और इससे प्रदेश को कैसे लाभ पहुंचे पर पर भी राय ली जाती है।

इसके साथ ही उन्होंने प्रदेश की वर्तमान कांग्रेस सरकार पर कड़ा हमला बोलते हुए कहा कि कर्मचारी हितैषी होने का झूठा दम भरने वाली इस सरकार के शासनकाल में आज कर्मचारी और पेंशनर धरने पर बैठने को मजबूर हैं, यहाँ तक कि कई दिनों से अपनी जायज़ मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे जेबीटी शिक्षकों की बात सुनने तक का समय मुख्यमंत्री और उनके मंत्रियों के पास नहीं है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू पर सीधा तंज कसते हुए नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि मुख्यमंत्री बड़े-बड़े दावे कर रहे थे कि वे गांधी जयंती के शुभ अवसर पर 'मुख्यमंत्री अपना परिवार सुखी परिवार योजना' का शुभारंभ करेंगे, लेकिन वे ऐसा करने में पूरी तरह से विफल रहे। उन्होंने कहा कि मंडी के देहुरी स्कूल की तर्ज पर इस योजना के शुभारंभ की तिथि को भी आगे खिसका दिया गया है क्योंकि उनकी केंद्रीय नेता प्रियंका गांधी वाड्रा ने हिमाचल आने का समय ही नहीं दिया।

 जयराम ठाकुर ने चुटकी लेते हुए कहा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि खुद कांग्रेस के शीर्ष नेता भी मुख्यमंत्री सुक्खू को गंभीरता से नहीं लेते हैं, और यही कारण है कि चार वर्षों में कांग्रेस नेतृत्व के समय न देने के कारण केवल कार्यक्रमों और योजनाओं की तिथियों को आगे खिसकाने का ही काम चलता रहा है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री का विकास कार्यों को लेकर कोई ध्यान ही नहीं है। वे सिर्फ अपने मित्रों का ख्याल रखते हैं और उनकी ही बात सुनते हैं। यही कारण है कि मंत्री उनकी शिकायतें लेकर दिल्ली दौड़े रहते हैं।
मुख्यमंत्री के बाद अब उपमुख्यमंत्री पर भी भाजपा कार्यकर्ताओं को निशाना बनाने का आरोप, प्रदेश को ‘एफआईआर राज्य’ न बनाए कांग्रेस : भारद्वाज

हिमाचल में विकास की नहीं, एफआईआर दर्ज करने की प्रतिस्पर्धा; कांग्रेस सरकार प्रतिशोध की राजनीति बंद करे : संदीपनी भारद्वाज

शिमला। भाजपा प्रदेश प्रवक्ता संदीपनी भारद्वाज ने प्रदेश की कांग्रेस सरकार पर राजनीतिक प्रतिशोध की भावना से काम करने का आरोप लगाते हुए कहा कि हिमाचल प्रदेश में इन दिनों विकास कार्यों की प्रतिस्पर्धा के बजाय एफआईआर और मुकदमे दर्ज करने की प्रतिस्पर्धा दिखाई दे रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं के खिलाफ पुलिस कार्रवाई को राजनीतिक हथियार के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है।

भारद्वाज ने कहा कि इसकी शुरुआत मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व वाली सरकार के कार्यकाल में हुई और भाजपा के प्रदेश नेतृत्व, पूर्व मंत्रियों, विधायकों तथा कार्यकर्ताओं के खिलाफ विभिन्न मामलों में लगातार एफआईआर दर्ज होने को लेकर पार्टी पहले भी सवाल उठाती रही है। अब ऊना जिले में हुई पुलिस कार्रवाइयों को लेकर भी भाजपा कार्यकर्ताओं में गंभीर चिंता है।

उन्होंने कहा कि उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री के गृह जिले ऊना में भाजपा से जुड़े लोगों के खिलाफ दर्ज मामलों और कानूनी कार्रवाइयों की निष्पक्षता पर पार्टी सवाल उठा रही है। यदि किसी व्यक्ति के खिलाफ कोई वास्तविक कानूनी मामला है तो कानून को निष्पक्ष रूप से अपना काम करना चाहिए, लेकिन पुलिस और प्रशासन का इस्तेमाल किसी राजनीतिक विरोधी को दबाने के लिए नहीं होना चाहिए।

भारद्वाज ने कहा, “लोकतंत्र में सरकार की आलोचना करना अपराध नहीं है। विपक्ष का काम सरकार से सवाल पूछना और जनता की आवाज उठाना है। यदि हर राजनीतिक विरोध, प्रदर्शन या आलोचना का जवाब एफआईआर से दिया जाएगा तो यह स्वस्थ लोकतांत्रिक परंपरा नहीं कही जा सकती।”

उन्होंने कहा कि आज स्थिति यह बनती दिखाई दे रही है कि पहले मुख्यमंत्री पर भाजपा नेताओं के खिलाफ मामलों को लेकर सवाल उठे और अब उपमुख्यमंत्री के क्षेत्र में भी भाजपा कार्यकर्ताओं के खिलाफ कार्रवाई को लेकर गंभीर आरोप सामने आ रहे हैं। यदि यही क्रम आगे बढ़ा और सरकार के मंत्री भी राजनीतिक विरोधियों के खिलाफ मुकदमों की होड़ में शामिल हो गए तो हिमाचल की पहचान विकास के बजाय “एफआईआर वाले प्रदेश” के रूप में बनने का खतरा है।

भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि हिमाचल की जनता ने सरकार को रोजगार, सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा और विकास के लिए जनादेश दिया है, राजनीतिक विरोधियों के खिलाफ मुकदमे दर्ज करवाने के लिए नहीं।

उन्होंने कहा कि कानून सबके लिए समान होना चाहिए और किसी भी मामले में कार्रवाई उपलब्ध साक्ष्यों और कानून के आधार पर होनी चाहिए, राजनीतिक पहचान के आधार पर नहीं।

भारद्वाज ने मांग की कि भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं से जुड़े राजनीतिक रूप से विवादित मामलों में सरकार पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित करे और पुलिस प्रशासन को स्वतंत्र एवं निष्पक्ष रूप से कार्य करने दे।

उन्होंने कहा कि “कांग्रेस सरकार एफआईआर की राजनीति छोड़कर विकास की राजनीति करे। लोकतंत्र में राजनीतिक लड़ाई विचारों और जनता के बीच लड़ी जाती है, पुलिस थानों और मुकदमों के सहारे नहीं।”
नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा, महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री का देश के लिए रहा अमूल्य योगदान

राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती के अवसर पर नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने दोनों महान विभूतियों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि यह संयोग है कि देश की दो महान विभूतियों की जयंती एक ही दिन है और दोनों का राष्ट्र के लिए बहुत बड़ा योगदान रहा है।

जयराम ठाकुर ने कहा कि महात्मा गांधी के सामने उस दौर में देश को स्वतंत्रता दिलाना सबसे बड़ा लक्ष्य था। स्वतंत्रता आंदोलन में अनेक लोगों ने अपनी भूमिका निभाई और कई लोगों ने देश की आजादी के लिए अपना जीवन तक कुर्बान किया। उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी ने स्वतंत्रता आंदोलन को सहजता, सरलता और शांति की दिशा में आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी अपने तर्क और नेतृत्व के माध्यम से बड़ी संख्या में लोगों को स्वतंत्रता आंदोलन से जोड़ने और उनकी भागीदारी सुनिश्चित करने में सफल रहे। देश की स्वतंत्रता के लिए उनका योगदान बेहद महत्वपूर्ण रहा है।

नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि महात्मा गांधी ने स्वच्छता का जो संदेश देश को दिया था, उसकी प्रासंगिकता आज भी बनी हुई है। आज जब देश में स्वच्छता अभियान चलाए जा रहे हैं, तब महात्मा गांधी को हमेशा याद किया जाता है। उनकी ओर से दिया गया स्वच्छता का संदेश वर्तमान पीढ़ी के लिए भी महत्वपूर्ण है।

वहीं, लाल बहादुर शास्त्री के योगदान को याद करते हुए जयराम ठाकुर ने कहा कि प्रधानमंत्री के तौर पर उनका कार्यकाल लंबा नहीं रहा, लेकिन कम समय में भी उन्होंने देश पर अपनी अमिट छाप छोड़ी। वह सरल और सहज स्वभाव के व्यक्ति थे। उन्होंने ‘जय जवान, जय किसान’ का नारा देकर देश के जवानों और किसानों के महत्व को रेखांकित किया।

जयराम ठाकुर ने कहा कि लाल बहादुर शास्त्री के जीवन से आज के दौर में भी बहुत कुछ सीखने को मिलता है। उन्होंने दोनों महान विभूतियों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके योगदान को नमन किया।
‘One Day, One Hour, Together’ Cleanliness Drive Launched at Nathpa Jhakri Hydro Power Station

CISF Personnel, Officers, Employees and Contract Workers Join Hands in Collective Shramdaan to Promote Cleanliness and Environmental Protection

Jhakri, October: As part of the Swachhta Hi Seva Pakhwada-2026, a special cleanliness and environmental awareness campaign was organised at Nathpa Jhakri Hydro Power Station (NJHPS) with the objective of strengthening public participation and promoting a clean and green environment. As part of the Swachhta Hi Seva Pakhwada, being observed from 17 September 2026 to 02 October 2026, the special “One Day, One Hour, Together” cleanliness drive and collective shramdaan was launched on 01 October 2026 in the gracious presence of Project Head Er. Rajiv Kapoor, in joint collaboration with the Central Industrial Security Force (CISF) Unit.

The campaign witnessed enthusiastic participation from Project Head Er. Rajiv Kapoor, Heads of Departments, officers and employees of NJHPS, personnel of the CISF Unit, as well as contract workers. All participants came together with a strong sense of responsibility and actively contributed to the cleanliness drive, conveying a collective message of commitment towards cleanliness and environmental conservation.

During the campaign, cleanliness activities were carried out from the vicinity of the Main Check Post up to NH5 Rehri Market. The participants undertook collective shramdaan and cleaned the area while simultaneously spreading awareness about the importance of maintaining cleanliness and preserving a clean and green environment.

The initiative highlighted the fact that cleanliness is not the responsibility of any single department, institution or individual. Rather, it requires the active participation and collective efforts of every citizen, employee and stakeholder. The enthusiastic participation of officers, employees, CISF personnel and contract workers reflected a strong spirit of community involvement and shared responsibility towards maintaining a hygienic and environmentally sustainable surroundings.

The campaign also underlined the importance of making cleanliness a continuous practice rather than limiting it to special occasions or designated cleanliness drives. Through collective efforts and active participation, the participants conveyed the message that even small individual contributions can play an important role in creating a cleaner, healthier and greener environment.

As part of the same initiative, the CSR Department, NJHPS, has also installed signboards at all the adopted CTUs during the Swachhta Hi Seva Pakhwada-2026. These signboards have been installed with the objective of spreading messages related to cleanliness and awareness in the respective areas and encouraging people to remain conscious of their responsibility towards maintaining clean surroundings.

Speaking on the occasion, Project Head Er. Rajiv Kapoor expressed his gratitude to the CISF personnel, officers, employees and local people who participated in the cleanliness campaign. He urged everyone to make cleanliness an integral part of their daily lifestyle rather than restricting it to a single day or a special campaign.

He appealed to everyone to keep their surroundings clean, dispose of waste only at designated places and actively contribute towards creating a clean and green environment. He also emphasised that sustained cleanliness can only be achieved when every individual adopts cleanliness as a regular habit and contributes towards maintaining the environment.

The collective shramdaan undertaken under the “One Day, One Hour, Together” initiative reinforced the spirit of participation, responsibility and awareness towards cleanliness at NJHPS and its surrounding areas. The active involvement of officers, employees, CISF personnel and contract workers demonstrated the importance of collective action in achieving the broader objectives of the Swachhta Hi Seva Pakhwada-2026.

The initiative served as a meaningful reminder that cleanliness is a shared responsibility and that sustained public participation can make a significant contribution towards building a cleaner, greener and healthier environment.
नाथपा झाकड़ी हाइड्रो पावर स्टेशन में ‘एक दिन, एक घंटा, एक साथ’ स्वच्छता अभियान का आगाज

सीआईएसएफ इकाई के जवानों, अधिकारियों, कर्मचारियों और संविदा कर्मियों ने किया सामूहिक श्रमदान

झाकड़ी, अक्तूबर। स्वच्छता ही सेवा पखवाड़ा-2026 के तहत नाथपा झाकड़ी हाइड्रो पावर स्टेशन (एनजेएचपीएस) में स्वच्छता एवं पर्यावरण संरक्षण को लेकर विशेष अभियान चलाया गया। दिनांक 17.09.2026 से 02.10.2026 तक आयोजित किए जा रहे “स्वच्छता ही सेवा पखवाड़ा” मिशन की कड़ी में 01.10.2026 को परियोजना प्रमुख ई० राजीव कपूर की गरिमामयी उपस्थिति में केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) इकाई के संयुक्त सहयोग से “एक दिन, एक घंटा, एक साथ” विशेष स्वच्छता अभियान एवं श्रमदान का आगाज किया गया।

इस विशेष अभियान में परियोजना प्रमुख ई० राजीव कपूर के साथ एनजेएचपीएस के विभागाध्यक्षों, अधिकारियों एवं कर्मचारियों, केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) इकाई के जवानों तथा संविदा कर्मियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। अभियान के दौरान सभी प्रतिभागियों ने मेन चेकपोस्ट के समीप से NH5 रेहड़ी मार्किट तक साफ-सफाई की तथा सामूहिक श्रमदान के माध्यम से स्वच्छता के प्रति जागरूकता का संदेश दिया।

अभियान के दौरान प्रतिभागियों ने क्षेत्र में स्वच्छता बनाए रखने के साथ-साथ स्वच्छ एवं हरित वातावरण के महत्व को भी रेखांकित किया। सामूहिक रूप से किए गए श्रमदान के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि स्वच्छता केवल किसी एक विभाग या संस्था की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसमें प्रत्येक नागरिक और कर्मचारी की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है।

इसी क्रम में सीएसआर विभाग, एनजेएचपीएस द्वारा “स्वच्छता ही सेवा पखवाड़ा-2026” के दौरान अपनाए गए सभी CTUs में साइन बोर्ड भी लगाए गए। इन साइन बोर्ड के माध्यम से संबंधित क्षेत्रों में स्वच्छता एवं जागरूकता का संदेश देने का प्रयास किया गया।

परियोजना प्रमुख ई० राजीव कपूर ने अभियान में शामिल सीआईएसएफ के जवानों, अधिकारियों, कर्मचारियों तथा स्थानीय लोगों का आभार व्यक्त करते हुए स्वच्छता को निरंतर जीवनशैली का हिस्सा बनाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि स्वच्छता केवल एक दिन या विशेष अभियान तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि इसे अपनी दैनिक दिनचर्या का अभिन्न हिस्सा बनाया जाना चाहिए।

उन्होंने सभी से अपने आसपास के क्षेत्रों को स्वच्छ रखने, कूड़ा-कचरा निर्धारित स्थान पर डालने तथा स्वच्छ एवं हरित वातावरण के निर्माण में सक्रिय योगदान देने का आह्वान किया। इस अवसर पर सामूहिक श्रमदान ने स्वच्छता के प्रति सहभागिता और जिम्मेदारी की भावना को मजबूत करने का संदेश दिया।