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aawaz kesari

@gurujipwl
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हथीन की बड़ी मस्जिद में देश की आजादी का जश्न बड़ी धूमधाम के साथ मनाया गया। पहले मस्जिद के अंदर राष्ट्रीय तिरंगा झंडा फहराया गया उसके बाद मदरसे और स्कूलों में पढ़ने  बच्चों ने हाथों में तिरंगा लिए हुए सड़कों और गलियों में हिंदुस्तान जिंदाबाद के नारेबाजी करते हुए रैली निकाली।
CBSE नार्थ जोन (क्लस्टर )  प्रतियोगिता में रॉयल शूटिंग अकादमी के निशानेबाज़ गगनदीप दास सिंह और सिद्धार्थ कौशिक ने अंडर -19 और अंडर -17 केटेगरी में क्रमशः स्वर्ण  व रजत पदक जीत कर अकादमी और क्षेत्र का नाम रोशन किया। प्रतियोगिता का आयोजन प्रकाश पब्लिक स्कूल करनाल, हरियाणा में 8-14  अगस्त तक हुआ था। विजयी निशानेबाज़ अब 25-27 सितम्बर तक तेलंगाना में होने वाली राष्ट्रीय प्रतियोगिता में भाग लेंगे। अकादमी के संचालक व कोच शांतनु ठाकुर ने दोनों बच्चों के प्रदर्शन पर प्रसन्नता जाहिर करते हुए उन्हें उनके भविष्य के लिए शुभकामनायें दी।
वर्षों पूर्व पंचवटी मंदिर के परम् पूज्य संत श्री श्री कामता दास जी ने पलवल शहर को मांस मुक्त करने का बीड़ा उठाया था। नगर परिषद में प्रस्ताव पारित कर मांसाहार मुक्त शहर बना दिया था। विक्रेताओं को मांस की दुकानें शहरी आबादी क्षेत्र से निकालकर अलग मार्कीट बनाकर दे दी गई थी। लेकिन  मीट-मांस के कारोबारी कोई-न कोई किंतु परन्तु करके अपने पुराने ठिकानों पर तो जमे ही रहे, दूसरी और भी सैंकड़ों अवैध दुकानें खुल गई। मांस की दुकानों से दुःखी और पीड़ित लोग पिछले दो वर्षों पलवल की सबसे टॉप पावर मंत्री जी के पास चक्कर लगा रहे हैं। कोर्ट के आदेश है। लेकिन ढाक के वही तीन पात।  लोगों का कहना है मंत्री से भी बड़ी कोई पॉवर है जहां से मांस विक्रेताओं को संरक्षण मिल रहा है। अगर  उन्हें संरक्षण नहीं मिलता तो डेढ़ सौ से अधिक स्थानों पर अवैध रूप से चलाई जा रही दुकानों में मांस नहीं बिकता।
सीनियर सेकेंडरी स्कूल में आयोजित स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान छात्राओं की हालत बिगड़ने की सूचना के बाद एक अभिभावक अपनी बेटी से मिलने जब सरकारी अस्पताल पहुंचा तो उसे मिलने भी नहीं दिया गया। शोर मचाया तो दूर से दिखा दिया। लोगों ने कहा एक बेटी के पिता का दर्द हर कोई नहीं समझ सकता है।
हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी पलवल की मार्केट वाली गली में एक दिन पूर्व सड़क निर्माण में लेबर की गलती के कारण उठे ऑब्जेक्शन के बाद ठेकेदार ने खुद से पुराने मैटेरियल को हटा दिया था। अब वहां  हो रहे कार्य से लोग खुश हैं। चल रहा काम अच्छा काम बताया जा रहा है।
नागरिक अस्प्ताल पलवल से नाजुक हालत में पहुंची छात्रा को नलहड़ मैडिकल कालेज के लिए रैफर किया गया था,,, हालत बहुत खराब थी। छात्रा को एम्बुलेंस में बिठा दिया गया था लेकिन दस मिनट तक पेरेंट्स के इंतजार में रोक कर रखा। जिसे हालत बिगड़ने की बहुत देरी से सूचना दी गई थी। जब जान पर बन आई तभी याद आई।  फिर भी बच्ची की जान से समझौता कर एम्बुलेंस को रोककर रखने की लोगों ने निंदा की। आपकी बता दें जिला स्तरीय स्वतंत्रता दिवश कार्यक्रम में दर्जन भर छात्राओं की अचानक से एक साथ हालत बिगड़ गई थी। जिन्हें अस्प्ताल लाए जाने पर ड्रिप लगाकर ऑक्सीजन लगाई गई थी।
सीएमओ पलवल डॉक्टर सतिंदर वशिष्ठ का छात्राओं की अचानक से हालत बिगड़ने को लेकर आया बड़ा ब्यान-जानें
स्वतंत्रता दिवस समारोह में भाग लेने वाली छात्राओं की हालत बिगड़ने पर जब उन्हें पलवल के जिला अस्पताल ले जाया गया तो वहां पर देखने वाले लोगों की भी आंखें भर आई। उन्होंने मंत्री से कुछ इस तरह के सवाल किए हैं--
Palwal- The Smart City Gaurav Gautam Ch. Krishan Pal Gurjar BJP Haryana Indian National Congress CMO Haryana Charan Singh Tewatia Deepak Nayab Saini Harender Pal Singh Sandeep Goyal दीपक हटटी चेयरमैन Congress Halka Prithla Dr. Shiv Singh Rawat
जिला स्तरीय स्वतंत्रता दिवश कार्यक्रम स्थल पर बद-इंतजामी और गर्मी से सरकारी स्कूल की दस छात्राएं बेहोस, सांस लेने लें कठिनाई। 

पलवल में एक बार फिर स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम के दौरान कार्यक्रम में भाग लेने वाली छात्राएं बेहोश होकर गिर पड़ी । जानकारी के अनुसार कार्यक्रम समाप्ति से थोड़ा पहले राष्ट्रगान के समय एक के बाद एक लड़कियां चक्कर खाकर गिरने लगी और बेहोश हो गई।  दर्जन भर छात्राओं की अचानक हालत बिगड़ने पर आसपास भगदड़ मच गई। आनन-फानन सरकारी एम्बुलेंस बुलाकर  सभी छात्राओं को उपचार के लिए सरकारी अस्पताल पहुंचाया गया। छात्राओं को जब अस्प्ताल पहुंचाया गया उनसे न तो खुद से चला जा रहा था और ना ही ठीक से सांस लिया जा रहा था। माना जा रहा है। कई घण्टों तक धूप और गर्मी में कार्यक्रम के लिए बैठे रहने से इनकी हालत बिगड़ी है।
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सभ्य समाज को शर्मसार करने वाली यह तस्वीर पलवल के हुडा सेक्टर 2 में दिखाई दी।
     जहां मात्र 5 साल की मासूम लड़की अपना और अपने परिवार का पेट पालने की जद्दोजहद में  में सड़कों पर कूड़ा करकट बीन रही है। केवल 7 नहीं 17 पीढियों के लिए दूसरों का *हक मारकर* धन बटोरने वालों को सोचना चाहिए देश की आजादी का पर्व झंडा फहराने और राष्ट्रगान गाने से पूरा नहीं होगा। 
देश की आजादी के 80 वर्ष बाद भी अगर 5 साल की मासूम कूड़ा बीन रही है तो सवाल उस बच्ची और उसके पेरेंट्स से नहीं -देश के कथित अमीरों से है, हम सभी से है। जय हिंद।
नियमों को अपनी जूती के नीचे रखने वाले सरकारी अधिकारियों में से एक - सरकारी गाड़ी पर राष्ट्रीय ध्वज का इस्तेमाल धूप रोकने के लिए किया गया। किसी की है हिम्मत जो पूछे सवाल ?
भाई भतीजा-वादऔर भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ी खराब गुणवत्ता वाली सड़क  जनता के दबाव में 24 घंटे में जेसीबी से उखाड़नी पड़ी। जनता की जीत-लोकतंत्र की जीत।
पलवल नगर परिषद कार्यालय में सीट पर बैठी हुई महिला क्लर्क के साथ दूसरी महिला क्लर्क ने की मारपीट। पीड़ित महिला ने पलवल नागरिक अस्पताल में उपचार कराते समय बताया कि वह अपनी सीट पर बैठी हुई काम कर रही थी तभी दूसरी महिला क्लर्क ने उसकी सीट पर आकर के उसके साथ मारपीट की।  इस मारपीट की सीसीटीवी फुटेज भी दफ्तर में लगे कैमरे में रिकॉर्ड हुई है। पीड़िता का कहना है किसी बात को लेकर दोनों के बीच में गलतफहमी ही थी।  लेकिन गलतफहमी का यह मतलब नहीं है कि उसके साथ इतनी क्रूरता के साथ मारपीट करें। इस सम्बंध में पुलिस कार्रवाई की बात की है।
इन छात्राओं में राष्ट्रीय ध्वज के प्रतीक तिरंगे की सुरक्षा को लेकर जोश कूट-कूट कर भरा हुआ है। लेकिन तिरंगा है क्या इस बात को लेकर सामान्य ज्ञान अधूरा रह गया। इन्हें कार्यक्रम में शामिल तो कर लिया लेकिन वास्तविक उद्देश्य नहीं बता पाए।
तिरंगा यात्रा के दौरान हमने बच्चों का जी.के.  जानने के लिए कुछ सवाल पूछे।  देखिए सालाना लाखों रुपए खर्च करने वाले बड़े-बड़े स्कूलों में पढ़ने वाले इन बच्चों का जनरल नॉलेज क्या है। बच्चों को यही नहीं पता है कि तिरंगा क्या है ?
 यात्रा को जंतर मंतर पर हुए आंदोलन का प्रतियुत्तर बताया गया। एक बच्चे ने पलवल के विधायक को प्रदेश का मुख्यमंत्री तक बता दिया।
पलवल में आयोजित की गई ऐतिहासिक तिरंगा यात्रा के दौरान यात्रा में घुसे असामाजिक तत्वों ने स्कूली छात्रों के साथ कथित तौर पर छेड़छाड़ की गई। जिसका विरोध करने पर संबंधित विद्यालय के अध्यापकों के साथ में भी मारपीट की गई जिनमें से तीन अध्यापकों को छोटे आई हैं अध्यापकों ने आरोप लगाया कि जिस समय यह घटना हो रही थी उस समय किसी भी प्रशासनिक और पुलिस के अधिकारी और कर्मचारियों ने उनका कोई सहयोग नहीं किया। जानें पूरी खबर--
पलवल में आयोजित 5 किलोमीटर लंबी तिरंगा यात्रा के दौरान कई स्कूलों की छात्राएं तेज धूप और गर्मी के कारण बेहोश हो गई।  जिन्हें उपचार के लिए पलवल के सरकारी अस्पताल में ले जाया गया।  जानकारी के अनुसार इन छात्राओं को घर से सुबह सात बजे कार्यक्रम स्थल पर बुलाया था। जबकि यात्रा पौने दस बजे शुरू कराई गई थी। घण्टों तेज धूप और तपत सहन नहीं कर पाने के कारण तबियत बिगड़ गई।
पलवल में आज 13 अगस्त 2026 को ऐतिहासिक तिरंगा यात्रा निकाली गई। जिसका नेतृत्व पलवल के विधायक एवं सरकार में राज्य मंत्री गौरव गौतम ने किया। इस यात्रा की सफलता के बाद गौरव गौतम ने अपना राजनीतिक कद जरूर बढ़ा लिया है। सफलता के बाद प्रफुल्लित मंत्री ने क्या बयान दिया है आप भी जानें- और देखें यात्रा की झलकियां
Palwal- The Smart City Gaurav Gautam Ch. Krishan Pal Gurjar BJP Haryana CMO Haryana Charan Singh Tewatia Deepak Mangla Nayab Saini Harender Pal Singh Sandeep Goyal दीपक  हटटी चेयरमैन दीपक हटटी चेयरमैन Dr. Shiv Singh Rawat Neetu Narender Singh Tewatia Congress Halka Prithla Indian National Congress
13  अगस्त 2026 को सुबह के वक्त  होडल से पलवल आते वक्त के पलवल पुलिस नर खाश एडवाईजरी जारी की है। जाने डीएसपी नरेंद्र खटाना ने क्या कहा है--
10 अगस्त शिवरात्रि करीब 11:00 बजे हुडा सेक्टर 2 पर पांच गाड़ी ने बाइक सवार तो युवकों को जोरदार हिट कर दिया। दुर्घटना में एक युवक कोमा में चला गया जबकि दूसरा युवक काफी गंभीर रूप से घायल हुआ जिसका पलवल के नागरिक अस्पताल में उपचार कराया गया।  गरीब होने के कारण दो दिनों तक ठीक से सम्भाल भी नहीं हुई और  पुलिस का रिस्पॉन्स भी ठीक नहीं रहा।
हाऊसिंग बोर्ड कॉलोनी पलवल के सौंदर्य का नायाब नजारा। 12 अगस्त 2026 को सीवेज ओवरफ़्लो से सड़कें जलमग्न। <nis:link nis:type=tag nis:id=सडक nis:value=सडक nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=सड़कसुरक्षा nis:value=सड़कसुरक्षा nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=सड़कसुरक्षाजागरूकता nis:value=सड़कसुरक्षाजागरूकता nis:enabled=true nis:link/>
नगर परिषद पलवल का खम्बों पर तिरंगा लाइटें लगाकर सौन्दरीयकरण का ढिंढोरा पीटा जा रहा है। जबकि इन्हीं खम्बों के नीचे नालियों और सड़कों पर बह रही गन्दगी इन्हें दिखाई नहीं दे रही है। जगह-जगह लगे कूड़े के ढेर तो जैसे सावन के घेवर के चकत्ते हैं।
गन्दे नाले-नालियों से गुजरते पीने के पानी की गुणवत्ता पर सवाल क्यों नहीं ? सोहना मोड़ पर नाले की सफ़ाई के दौरान पीने के पानी की सप्लाई लाईन टूट गई। जिसके बाद पीने के पानी में गन्दा पानी मिलकर घरों में जाता रहा। सवाल ये है पीने के पानी की लाईनें गन्दे नालों में से क्यों निकाली जाती हैं। कोई और विकल्प क्यों नहीं अपनाया जाता है।