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माँ मातंगी ज्योतिष केंद्र

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झुमरी तिलैया के बाईपास रेलवे ओवरब्रिज से महाराणा प्रताप चौक तक सर्विस लेन पर गैराज और ट्रकों का कब्जा, हादसे की आशंका

झुमरी तिलैया के बाईपास रेलवे ओवरब्रिज से महाराणा प्रताप चौक तक सर्विस लेन पर गैराज संचालकों और ट्रक चालकों का कब्जा बढ़ता जा रहा है। सड़क किनारे वाहनों के खड़े रहने से सर्विस लेन में आवागमन प्रभावित हो रहा है। वाहन चालकों के साथ पैदल राहगीरों को भी दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। पूर्व में एसडीओ द्वारा सड़क पर वाहन खड़ा करने वालों को चेतावनी देते हुए जुर्माना भी लगाया गया था। इसके बावजूद स्थिति में सुधार नहीं हुआ है। स्थानीय लोगों ने रविवार को 11 बजे बताया कि प्रशासन से सर्विस लेन को अतिक्रमणमुक्त कर सुचारू आवागमन सुनिश्चित कराने की मांग की है।
बताइए 
बिके हुए लालकिला से झंडा कैसे फहराया मोदीजी ने ?
एकदम सही ऐसा ही होना चाहिए
वंदे मातरम: आजादी की लड़ाई की आवाज से लाल किले तक 150 साल का सफर

क्या आप जानते हैं कि वंदे मातरम, जो कभी आजादी की लड़ाई की सबसे बुलंद आवाज था, उसे लाल किले तक पहुंचने में करीब 80 साल लग गए?

बहुत से लोगों को लगता है कि हर 15 अगस्त को लाल किले की प्राचीर से वंदे मातरम गाया जाता होगा। लेकिन ऐसा नहीं है। आजादी के बाद लंबे समय तक लाल किले से स्वतंत्रता दिवस समारोह में राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ ही गूंजता रहा। अब 15 अगस्त 2026 को वंदे मातरम के 150 वर्ष पूरे होने के अवसर पर इसे विशेष रूप से समारोह का हिस्सा बनाया जा रहा है।

वंदे मातरम की कहानी सिर्फ एक गीत की कहानी नहीं है। यह उस दौर की कहानी है जब अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ लड़ाई में इसके दो शब्द—‘वंदे मातरम’—नारे बने, हौसला बने और कई क्रांतिकारियों के लिए प्रेरणा बने।

बंकिम से टैगोर तक

वंदे मातरम की रचना बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय ने 19वीं सदी में की। बाद में यह उनकी प्रसिद्ध कृति ‘आनंदमठ’ का हिस्सा बना। 1896 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के कलकत्ता अधिवेशन में रवींद्रनाथ टैगोर ने इसे गाया। इसके बाद यह गीत धीरे-धीरे स्वतंत्रता आंदोलन की पहचान बनता चला गया।

1905 में बंगाल विभाजन के विरोध में जब स्वदेशी आंदोलन तेज हुआ, तब ‘वंदे मातरम’ हर जुलूस और सभा की आवाज बन गया। अंग्रेजी सरकार ने इसे दबाने की कोशिश की, लेकिन जिस गीत पर रोक लगाई गई, वही और अधिक लोगों की जुबान पर चढ़ गया।

क्रांतिकारी जेल जाते, आंदोलनकारी लाठियां खाते, फिर भी ‘वंदे मातरम’ की गूंज सुनाई देती रही। इस तरह यह गीत महज गीत नहीं रहा, बल्कि आजादी की लड़ाई का प्रतीक बन गया।

विवाद की वजह क्या थी?

वंदे मातरम को लेकर विवाद इसके पूरे मूल पाठ को लेकर रहा है। गीत के आगे के हिस्सों में मातृभूमि की तुलना देवी दुर्गा से की गई है। इसी कारण कुछ मुस्लिम नेताओं और संगठनों ने इसके पूरे पाठ को लेकर धार्मिक आपत्ति जताई।

वहीं, इसके समर्थकों का तर्क रहा कि इसमें मातृभूमि को मां के रूप में सम्मान दिया गया है और स्वतंत्रता आंदोलन में बड़ी संख्या में मुस्लिम स्वतंत्रता सेनानियों ने भी ‘वंदे मातरम’ के नारे लगाए थे।

इसी संवेदनशीलता को देखते हुए 1937 में कांग्रेस ने निर्णय लिया कि सार्वजनिक अवसरों पर वंदे मातरम के शुरुआती हिस्से का ही इस्तेमाल किया जाएगा, ताकि किसी समुदाय की धार्मिक भावनाएं आहत न हों।

राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत में अंतर

आज भी कई लोग ‘जन गण मन’ और ‘वंदे मातरम’ को लेकर भ्रमित रहते हैं।

24 जनवरी 1950 को संविधान सभा के अंतिम चरण में यह स्पष्ट किया गया कि ‘जन गण मन’ भारत का राष्ट्रगान है, जबकि ‘वंदे मातरम’ को राष्ट्रगीत का सम्मान प्राप्त है।

दोनों का अपना ऐतिहासिक महत्व है। राष्ट्रगान को सरकारी और संवैधानिक समारोहों में निर्धारित स्थान मिला, जबकि वंदे मातरम स्वतंत्रता आंदोलन की ऐतिहासिक विरासत और राष्ट्रीय भावना का प्रतीक बना रहा।

150 साल बाद फिर इतिहास के केंद्र में

अब वंदे मातरम की रचना के 150 वर्ष पूरे हो चुके हैं। 15 अगस्त 2026 को इसके सम्मान में विशेष आयोजन हो रहे हैं और लाल किले के स्वतंत्रता दिवस समारोह में भी इसे प्रमुखता दी जा रही है।

यह सिर्फ एक सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि उस गीत की 150 साल लंबी यात्रा को याद करने का अवसर है—एक ऐसा गीत जिसे बंकिम चंद्र ने लिखा, रवींद्रनाथ टैगोर ने स्वर दिया और जिसने स्वतंत्रता आंदोलन में लाखों भारतीयों के भीतर देशभक्ति की भावना को मजबूत किया।

बाद के दौर में ए.आर. रहमान ने ‘मां तुझे सलाम’ के जरिए वंदे मातरम की भावना को नई पीढ़ी तक पहुंचाया।

इसलिए जब 15 अगस्त को वंदे मातरम की गूंज सुनाई दे, तो इसे सिर्फ दो शब्द समझकर नजरअंदाज मत कीजिएगा। इन दो शब्दों के पीछे डेढ़ सौ साल का इतिहास है—आंदोलन है, संघर्ष है, विवाद है और सबसे बढ़कर उन अनगिनत भारतीयों की स्मृति है, जिन्होंने आजादी के लिए अपना सब कुछ न्योछावर कर दिया।

वंदे मातरम।
जय हिंद।
जय भारत।
चंदवारा थाना प्रभारी पुलिस अवर निरीक्षक श्री शशि भूषण कुमार को सर्वश्रेष्ठ थाना प्रभारी का सम्मान मिलने पर बहुत-बहुत बधाई एवं शुभकामनाएं🌹
देश के टॉप-100 पुलिस कप्तानों में झारखंड के पांच अफसर, लिस्ट में बनाई खास जगह। 
झारखंड के पुलिस प्रशासन के लिए बड़ी उपलब्धि सामने आई है। फेम इंडिया–एशिया पोस्ट की ओर से जारी देश के 100 सर्वश्रेष्ठ पुलिस कप्तानों की सूची में झारखंड के पांच आइपीएस अधिकारियों ने जगह बनाई है। कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण, नेतृत्व और जनविश्वास जैसे मानकों के आधार पर तैयार इस सूची में राज्य के इन अधिकारियों का चयन हुआ है।
सूची में कोडरमा के निवर्तमान एसपी एवं वर्तमान में पाकुड़ के एसपी श्री अनुदीप सिंह के नाम शामिल हैं। सर को बहुत-बहुत बधाई🌹
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जय हिंद की सेना
भारत माता की जय 
Save India Vote India
कोडरमा। जिले जयनगर थाना क्षेत्र मे जमकर मारपीट में काई घायल होने की सूचना।
सतगांवां थाना क्षेत्र के पोखरडीहा मोड़ के पास देवघर से नेपाल जा रही कावंरियों से भरी एक बस ने ट्रक में मारी टक्कर, सभी कांवरियों के बस में फंसे होने की सूचना। पुलिस मौके पर, राहत व बचाव कार्य जारी। एक 10 वर्षीय किशोर की मौत जबकि दो अन्य के मौत की सूचना
कितना बकाया था मेरा अब ई डूबा दिया । हाय रे हमर सोना झारखंड
सावन के पावन महीने में बाबा भोलेनाथ के जलाभिषेक के लिए डोमचांच से कांवरियों का जत्था बोल बम के जयघोष के साथ गुरुवार को 11 बजे रवाना हुआ। इस दौरान कांवरियों में काफी उत्साह देखने को मिला। हर-हर महादेव और बोल बम के जयकारों से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया।कांवरियों ने बाबा भोलेनाथ से सुख, शांति और समृद्धि की कामना करते हुए यात्रा शुरू की। यात्रा को लेकर श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह रहा।
जिला विधिक सेवा प्राधिकार कोडरमा के तत्वाधान में  गुरुवार को उरवां, चंदवारा पश्चिमी बाराटांड और जामू खाड़ी  में विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया।  शिविर को  संबोधित करते हुए  जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव गौतम कुमार ने कहा कि अगर देश के युवा सशक्त होंगे तो भारत सशक्त होगा। उन्होंने कहा कि यदि युवा शिक्षित और संस्कारी होंगे तो घर समाज एवं देश सशक्त होगा। उन्होंने युवाओं एवं नाबालिक को नशीले पदार्थों से होने वाले दुष्प्रभावों तथा इसे संबंधित कानून की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि नशे के कारण अपराध  बढ़ती है, घर टूटता है । इससे बचने की जरूरत है।
युवा दिवस पर विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन

युवा सशक्त तो भारत सशक्त होगा- गौतम

 कोडरमा- जिला विधिक सेवा प्राधिकार कोडरमा के तत्वाधान में  बुधवार को गडगी, तेतरान और मधवाटाड पंचायत भवन  में  विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। 

 शिविर को  संबोधित करते हुए  जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव गौतम कुमार ने कहा कि अगर देश के युवा सशक्त होंगे तो भारत सशक्त होगा। उन्होंने कहा कि यदि युवा शिक्षित और संस्कारी होंगे तो घर समाज एवं देश सशक्त होगा। उन्होंने

 युवाओं एवं नाबालिक को नशीले पदार्थों से होने वाले दुष्प्रभावों तथा इसे संबंधित कानून की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि नशे के कारण अपराध  बढ़ती है, घर टूटता है । इससे बचने की जरूरत है। 
 नशा आज समाज की सबसे बड़ी सामाजिक बुराइयों में से एक बन चुका है। उन्होंने बताया कि नशे के कारण अपराध, घरेलू हिंसा, सड़क दुर्घटनाएं और आर्थिक तंगी बढ़ रही है। विशेष रूप से युवाओं में नशे की बढ़ती प्रवृत्ति चिंता का विषय है। जो उनके भविष्य और करियर को अंधकार में धकेल रही है।  वही  नशे के सेवन से व्यक्ति का मानसिक संतुलन बिगड़ जाता है और सही गलत के बीच फर्क का पता नहीं चलता है।  नशा से पूरा परिवार बिखर जाता है इससे सामाजिक आर्थिक और मानसिक क्षति होती है। कोई अधिवक्ता राजेंद्र मंडल मंडल ने आईटी एक्ट से संबंधित जानकारी दी । अधिवक्ता अरुण कुमार ओझा ने भी कई कानून एवं युवाओं को कैसे सशक्त बनाया जाए इस पर विस्तृत रूप से प्रकाश डाला। मौके पर अधिवक्ता ललन चौधरी, गढ़की  पंचायत की मुखिया, पीएलवी केलवे दर्जन ऑन महिला पुरुष ग्रामीण उपस्थित थे।
ग्रिज़ली विद्यालय में राष्ट्रीय पुस्तकालय दिवस पर ज्ञान, पठन और रचनात्मकता का उत्सव

तिलैया डैम स्थित ग्रिज़ली विद्यालय में 12 अगस्त को राष्ट्रीय पुस्तकालय दिवस उत्साह एवं गरिमापूर्ण वातावरण में मनाया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में पुस्तकों के प्रति रुचि विकसित करना, नियमित पठन की आदत को प्रोत्साहित करना तथा पुस्तकालय को ज्ञान, रचनात्मकता और व्यक्तित्व विकास के केंद्र के रूप में स्थापित करना था।

कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय के सीईओ प्रकाश गुप्ता एवं प्राचार्या अंजना कुमारी द्वारा भारत में पुस्तकालय विज्ञान के जनक डॉ. एस. आर. रंगनाथन के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित एवं दीप प्रज्वलित कर किया गया। इसके पश्चात विद्यालय की पुस्तकालयाध्यक्ष नंदिनी कपूर ने स्वागत संबोधन के माध्यम से विद्यार्थियों को पुस्तकों से मित्रता करने तथा नियमित अध्ययन की आदत विकसित करने के लिए प्रेरित किया।

कार्यक्रम में विद्यार्थियों द्वारा एक आकर्षक भूमिका-निवर्तन (रोल प्ले) प्रस्तुत किया गया, जिसमें विभिन्न पुस्तकालय संसाधनों को जीवंत रूप में प्रदर्शित किया गया। छात्र मन्यु अग्रवाल ने शब्दकोश, छात्र अवनीश कुमार ने जीवनी, छात्रा एंजेल श्री ने समाचार पत्र तथा छात्रा तुष्टि मोदी ने कहानी की पुस्तक की भूमिका निभाकर सभी का मन मोह लिया।

छात्रा चार्वी त्रिवेदी ने “हमारे जीवन में पुस्तकालय का महत्व” विषय पर प्रेरणादायक भाषण प्रस्तुत किया। उन्होंने पुस्तकालय को ज्ञान, संस्कार, रचनात्मकता एवं व्यक्तित्व विकास का केंद्र बताते हुए विद्यार्थियों से नियमित पठन की आदत अपनाने का आह्वान किया।

कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों के लिए पाँच चरणों वाला रोचक एवं ज्ञानवर्धक खेल आयोजित किया गया। कागज़ की पर्चियों पर लिखे प्रश्नों के उत्तर देकर विद्यार्थियों ने अपनी ज्ञानवर्धक प्रतिभा का प्रदर्शन किया। इस गतिविधि ने कार्यक्रम में उत्साह एवं जिज्ञासा का वातावरण बनाए रखा।

इसके उपरांत शैक्षणिक सत्र 2025–26 के सर्वश्रेष्ठ पुस्तकालय उपयोगकर्ता पुरस्कार प्रदान किए गए। नियमित पुस्तकालय उपयोग, अनुशासन एवं अध्ययन के प्रति समर्पण के लिए  तनिषा नस्कर,  आर्यन विश्वकर्मा एवं ससांगलिपि सोरेन को सम्मानित किया गया। पुरस्कार विद्यालय के सीईओ प्रकाश गुप्ता एवं प्राचार्या अंजना कुमारी द्वारा प्रदान किए गए।

इस अवसर पर सीईओ प्रकाश गुप्ता एवं प्राचार्या अंजना कुमारी ने संयुक्त रूप से कहा कि पुस्तकालय किसी भी विद्यालय का बौद्धिक केंद्र होता है। विद्यार्थियों में नियमित पठन की आदत विकसित करना उनके शैक्षणिक विकास के साथ-साथ उनकी कल्पनाशक्ति, रचनात्मक सोच, भाषा कौशल एवं व्यक्तित्व निर्माण के लिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने विद्यार्थियों से डिजिटल माध्यमों के संतुलित उपयोग के साथ पुस्तकों को अपना सच्चा मित्र बनाने का आह्वान किया तथा कहा कि अच्छी पुस्तकें जीवन में सही दिशा, ज्ञान एवं प्रेरणा प्रदान करती हैं।

कार्यक्रम के अंत में बिट्टू सिंह ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत करते हुए सभी अतिथियों, शिक्षकों एवं विद्यार्थियों के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का प्रभावी संचालन छात्रा ससांगलिपि सोरेन एवं छात्रा विदुषी ने किया।

कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों एवं शिक्षकों ने नियमित पठन-पाठन को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाने का संकल्प लिया। ज्ञान, रचनात्मकता और उत्साह से भरपूर यह आयोजन विद्यार्थियों को पुस्तकों के महत्व से जोड़ने तथा उनमें आजीवन सीखने की प्रवृत्ति विकसित करने की दिशा में एक सार्थक पहल सिद्ध हुआ।
विश्वविद्यालय बदलने से हज़ारों छात्र होंगे प्रभावित,छात्रों के आंदोलन को हल्के में ना लें सरकार-संजय

जेजे कॉलेज बचाओ संघर्ष समिति का अनिश्चितकालीन धरना,तालाबंदी जारी

मुख्य गेट पर तालाबंदी से शैक्षणिक-प्रशासनिक कार्य ठप

झुमरीतिलैया

छात्रों के आंदोलन को हल्के में नही ले हेमंत सरकार, छात्र आंदोलन ने दिल्ली के अहंकारी सरकार को भी झुकाया है।उक्त बातें पूर्व छात्र नेता  संजय पासवान ने जेजे कॉलेज में चल रहे अनिश्चितकालीन धरना के समर्थन में छात्रों को संबोधित करते हुए कही। उन्होंने कहा कि जेजे कॉलेज समेत जिलेभर के डिग्री कॉलेज को गिरिडीह से जोड़ना छात्र विरोधी और अव्यवहारिक निर्णय है। सरकार को अविलम्ब निर्णय वापस लेनी चाहिए। वहीं उन्होंने कहा कि छात्रों के आंदोलन को मजबूत बनाने में राजनीतिक भावना से ऊपर उठकर कोडरमा के स्वाभिमान की रक्षा के लिए हर नागरिकों को आगे आने की जरूरत है। धरना को किसान मजदूर नेता असीम सरकार ने भी संबोधित किया और छात्रों के संघर्ष को धारदार बनाने के लिए ज्यादा से ज्यादा छात्रों को आंदोलन से जोड़ने का आह्वान किया।उन्होंने कहा कि सरकार का विश्वविद्यालय बदलने की नीति बिना भौतिक निरीक्षण के लिया गया निर्णय है।उन्होंने कहा कि कोडरमा से गिरिडीह जाना छात्रों के लिए मुसीबत बन जाएगी।साथ ही छात्रों को ज्यादा पैसा भी खर्च करना पड़ेगा। इसका असर सबसे ज्यादा गरीब छात्रों पर पड़ेगा। धरना को जे जे कॉलेज बचाओ संघर्ष समिति के राम रतन अवध्या,सईद नसीम,प्रकाश रजक,तौफीक हुसैन,विजय यादव, रवि पासवान समेत छात्र-छात्राओं ने संबोधित करते हुए कोडरमा के छात्र धरना दे रहें है, तालाबंदी कर रहें है,सरकार और जनप्रतिनिधियों का दायित्व बनता है कि छात्रों के सवाल और कोडरमा के स्वाभिमान के साथ खिलवाड़ के खिलाफ राजनीति को दरकिनार कर जेजे कॉलेज बचाने की पहल करें। समिति के अध्यक्ष महेश भारती एवं सचिव देवेंन्द्र कुमार ने बताया कि शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन चल रहा है। तालाबंदी से शैक्षणिक व प्रशासनिक कार्य पूर्ण रूप से ठप रहा। उन्होंने कहा कि तीन दिनों के अनिश्चितकालीन धरना के बाद प्रशासन व सरकार से कोई संवाद स्थापित नही हुई है।आंदोलन को फिलहाल 15 अगस्त तक के लिए     शांतिपूर्ण तरीके से किया जाएगा। वहीं दूसरे चरण में उग्र आंदोलन के तहत भूख हड़ताल और सड़क जाम जैसे कार्यक्रम होंगे। मौके परसृष्टि कुमारी, कल्याणी कुमारी, काजल कुमारी, साक्षी कुमारी, ऋषिका राज, राधिका कुमारी, रुपाली कुमारी, मंजू कुमारी, ममता कुमारी, राखी कुमारी, संजना कुमारी, सपना कुमारी, ममता कुमारी, गज़ल परवीन, ललिता कुमारी, किरण कुमारी, आशु कुमारी, सोनी कुमारी रजक, बजरंगी देवी, शिवा, अरमान भारती और सोनू कुमार समेत दर्जनों छात्र मौजूद थे।
केडीसीए विवाद में एसोसिएशन का पलटवार, कहा- स्थानीय और सही दस्तावेज वाले खिलाड़ियों को ही मिलेगा मौका

 कोडरमा जिला क्रिकेट एसोसिएशन  में खिलाड़ियों के चयन और चुनाव प्रक्रिया को लेकर चल रहे विवाद के बीच एसोसिएशन ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि सही दस्तावेज और स्थानीयता के आधार पर ही खिलाड़ियों को खेलने का अवसर दिया जाएगा।

एसोसिएशन सचिव दिनेश सिंह ने कुछ एकेडमी संचालकों पर खिलाड़ियों और अभिभावकों को गुमराह करने का आरोप लगाते हुए कहा कि नियम सख्त होने से कुछ लोगों को परेशानी हो रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि खिलाड़ियों के दस्तावेजों की जांच जेएससीए के नियमों के तहत की जाती है।

वहीं चुनाव को लेकर कहा गया कि केडीसीए का चुनाव निर्धारित समय पर जेएससीए के मार्गदर्शन और बायलॉज के अनुसार ही होगा। उन्होंने विरोध करने वालों से आरोप-प्रत्यारोप के बजाय चुनाव मैदान में उतरकर अपनी बात रखने की चुनौती दी। साथ ही खिलाड़ियों और अभिभावकों से किसी भी प्रकार के भ्रम में नहीं आने की अपील की।
केडीसीए विवाद में एसोसिएशन का पलटवार, कहा- स्थानीय और सही दस्तावेज वाले खिलाड़ियों को ही मिलेगा मौका

 कोडरमा जिला क्रिकेट एसोसिएशन  में खिलाड़ियों के चयन और चुनाव प्रक्रिया को लेकर चल रहे विवाद के बीच एसोसिएशन ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि सही दस्तावेज और स्थानीयता के आधार पर ही खिलाड़ियों को खेलने का अवसर दिया जाएगा।एसोसिएशन सचिव दिनेश सिंह ने कुछ एकेडमी संचालकों पर खिलाड़ियों और अभिभावकों को गुमराह करने का आरोप लगाते हुए कहा कि नियम सख्त होने से कुछ लोगों को परेशानी हो रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि खिलाड़ियों के दस्तावेजों की जांच जेएससीए के नियमों के तहत की जाती है।
वहीं चुनाव को लेकर कहा गया कि केडीसीए का चुनाव निर्धारित समय पर जेएससीए के मार्गदर्शन और बायलॉज के अनुसार ही होगा। उन्होंने विरोध करने वालों से आरोप-प्रत्यारोप के बजाय चुनाव मैदान में उतरकर अपनी बात रखने की चुनौती दी। साथ ही खिलाड़ियों और अभिभावकों से किसी भी प्रकार के भ्रम में नहीं आने की अपील की।
पुत्तो उत्क्रमित मध्य विद्यालय में शिक्षकों की कमी, शीघ्र व्यवस्था की मांग

कोडरमा, 12 अगस्त। सदर प्रखंड के चाराडीह पंचायत अंतर्गत उत्क्रमित मध्य विद्यालय पुत्तो में मध्य विद्यालय स्तर के योग्य एवं विषयवार शिक्षकों की कमी का मामला सामने आया है। इसे लेकर ग्राम पुत्तो निवासी प्रकाश यादव ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों को आवेदन देकर विद्यालय में आवश्यक शिक्षकों की पदस्थापना अथवा वैकल्पिक व्यवस्था शीघ्र करने की मांग की है।

आवेदन के अनुसार विद्यालय में करीब 109 विद्यार्थी नामांकित हैं, जिनमें कक्षा सात में लगभग 16 और कक्षा आठ में करीब 23 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। विद्यालय में कक्षा छह से आठ तक की पढ़ाई संचालित होने के बावजूद विषयवार पर्याप्त योग्य शिक्षकों की उपलब्धता नहीं होने से विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित होने की आशंका जताई गई है।

प्रकाश यादव ने बताया कि वर्तमान में विद्यालय में चार शिक्षिकाएं कार्यरत हैं। वहीं पूर्व में कार्यरत एक शिक्षक के सरकारी शिक्षक के रूप में चयन के बाद दूसरे विद्यालय में योगदान देने तथा एक शिक्षक के सेवानिवृत्त होने से शिक्षकों की उपलब्धता और कम हो गई है।

उन्होंने शिक्षा विभाग से विद्यालय की शिक्षक व्यवस्था की स्थलीय जांच कराने, स्वीकृत पदों एवं शिक्षक-छात्र अनुपात की समीक्षा करने तथा कक्षा छह से आठ के विद्यार्थियों के लिए आवश्यक विषय शिक्षकों की पदस्थापना या प्रतिनियोजन करने की मांग की है। स्थायी व्यवस्था होने तक वैकल्पिक शिक्षक उपलब्ध कराने की भी अपील की गई है।

प्रकाश यादव ने कहा कि विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण एवं विषयवार शिक्षा उपलब्ध कराना आवश्यक है। उन्होंने जिला प्रशासन एवं शिक्षा विभाग से विद्यार्थियों के शैक्षणिक हित को ध्यान में रखते हुए मामले में शीघ्र कार्रवाई करने की मांग की है।
केडीसीए विवाद में एसोसिएशन का पलटवार, कहा- स्थानीय और सही दस्तावेज वाले खिलाड़ियों को ही मिलेगा मौका

 कोडरमा जिला क्रिकेट एसोसिएशन  में खिलाड़ियों के चयन और चुनाव प्रक्रिया को लेकर चल रहे विवाद के बीच एसोसिएशन ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि सही दस्तावेज और स्थानीयता के आधार पर ही खिलाड़ियों को खेलने का अवसर दिया जाएगा।एसोसिएशन सचिव दिनेश सिंह ने कुछ एकेडमी संचालकों पर खिलाड़ियों और अभिभावकों को गुमराह करने का आरोप लगाते हुए कहा कि नियम सख्त होने से कुछ लोगों को परेशानी हो रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि खिलाड़ियों के दस्तावेजों की जांच जेएससीए के नियमों के तहत की जाती है।
वहीं चुनाव को लेकर कहा गया कि केडीसीए का चुनाव निर्धारित समय पर जेएससीए के मार्गदर्शन और बायलॉज के अनुसार ही होगा। उन्होंने विरोध करने वालों से आरोप-प्रत्यारोप के बजाय चुनाव मैदान में उतरकर अपनी बात रखने की चुनौती दी। साथ ही खिलाड़ियों और अभिभावकों से किसी भी प्रकार के भ्रम में नहीं आने की अपील की।
रांची में छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में भाजपा द्वारा आज पूरे राज्य में बंद का आह्वान किया गया है। ऐसे में कोडरमा में दुकानों को बंद कराने निकले भाजपा नेताओं को तिलैया पुलिस ने लिया हिरासत में।
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कोडरमा घाटी में ब्रेक फेल होने से बस पहाड़ से टकराई, आधा दर्जन से अधिक कांवरिया घायल

कोडरमा थाना क्षेत्र के नौवा माइल घाटी में सोमवार को कांवरियों से भरी एक बस दुर्घटनाग्रस्त हो गई। मिली जानकारी के अनुसार बस देवघर से कांवरियों को लेकर गोपालगंज जा रही थी। इसी दौरान नौवा माइल घाटी के समीप बस का ब्रेक फेल हो गया। जिससे बस अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पहाड़ से जा टकराई। दुर्घटना के बाद बस में सवार कांवरियों में चीख-पुकार मच गई। हादसे में आधा दर्जन से अधिक कांवरियों के घायल हो गए। घटना की जानकारी मिलते ही कोडरमा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और ग्रामीणों के सहयोग से घायलों को बाहर निकालकर इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। फिलहाल सभी घायलों का अस्पताल में इलाज चल रहा है।
डरी और सहमी हेमंत सरकार ने झारखंड में आपातकाल लागू कर दिया है.

पहले छात्रों और युवाओं पर हमला कर लहूलुहान कर दिया और सुबह से पूरे विपक्ष को नजरअंदाज किए हुए है..

शांतिपूर्ण आंदोलन और प्रदर्शन कर रहे छात्रों और युवाओं पर बर्बरता, लाठीचार्ज. वहीं दूसरी ओर मुख्य विपक्षी दल भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष, नेता प्रतिपक्ष और विधायकों को भी नजरबंद किया. 

इस सरकार ने अंग्रेजी शासन की याद दिला दी. राज्य में झामुमो-कांग्रेस गठबंधन की सरकार तानाशाही पर उतर आई है.

विधानसभा सत्र में भाग लेने से विधायकों को रोका गया. सरकार में हिम्मत है तो भाजपा के सभी नेताओं को जेल भेजे या तुरंत रिहा करे.

-- डॉ नीरा यादव, विधायक कोडरमा
पूर्व मंत्री, झारखंड सरकार