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Sanjeevani Samachar

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बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर सारण जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह सक्रिय है। मकेर प्रखंड के बाढ़ प्रभावित इलाकों में मेडिकल टीम लगातार कैंप लगाकर लोगों की स्वास्थ्य जांच कर रही है और जरूरत के अनुसार चिकित्सकीय परामर्श एवं दवाएं उपलब्ध करा रही है।
मकेर प्रखंड में अलग-अलग प्रभावित क्षेत्रों में 5 मेडिकल टीमें तैनात की गई हैं। ये टीमें बाढ़ के बीच प्रभावित लोगों तक पहुंचकर मरीजों की जांच कर रही हैं तथा स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं पर आवश्यक उपचार एवं परामर्श दे रही हैं।
वहीं, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी लगातार इन मेडिकल टीमों की गतिविधियों की मॉनिटरिंग कर रहे हैं, ताकि बाढ़ प्रभावित लोगों को समय पर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें। टीमों को क्षेत्र में लगातार सक्रिय रहने और जरूरतमंद लोगों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के निर्देश दिए गए हैं।
बाढ़ की चुनौती के बीच स्वास्थ्य विभाग की टीमें प्रभावित परिवारों के बीच पहुंचकर जांच, उपचार, दवा वितरण और स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता का काम कर रही हैं।
गांधी जयंती के अवसर पर सारण समाहरणालय परिसर में डीएम वैभव श्रीवास्तव ने महात्मा गांधी की तस्वीर पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि गांधी जी के सत्य, अहिंसा, सत्याग्रह और स्वच्छता के संदेश को केवल याद करने के बजाय दैनिक जीवन में अपनाने की जरूरत है। कार्यक्रम में एसएसपी रोशन कुमार समेत कई पदाधिकारी व कर्मी मौजूद रहे।
पूर्व मध्य रेल के सोनपुर मंडल में गाड़ी संख्या 14618 जनसेवा एक्सप्रेस के साधारण कोच में सांप दिखाकर यात्रियों से पैसे मांगने के मामले में रेलवे सुरक्षा बल (RPF) ने 6 सपेरों को पकड़ा है। सभी को दिघवारा स्टेशन पर ट्रेन से उतारकर आवश्यक कार्रवाई शुरू की गई।
रेल मदद से मिली सूचना के सत्यापन के लिए रेसुब सोनपुर आउट पोस्ट दिघवारा के उप निरीक्षक शमशेर कुमार और सहायक उप निरीक्षक विजय कुमार ट्रेन की निगरानी कर रहे थे। छपरा स्टेशन से ट्रेन के रवाना होने के बाद साधारण कोचों की जांच की गई, जहां 6 व्यक्ति यात्रियों को सांप दिखाकर उनसे पैसे मांगते हुए मिले।
मामले की गंभीरता को देखते हुए ट्रेन के सोनपुर मंडल में अगले ठहराव दिघवारा स्टेशन पर सभी छह व्यक्तियों को उतार लिया गया। पूछताछ के दौरान उन्होंने अपना नाम-पता स्पष्ट रूप से नहीं बताया। कुछ ने खुद को लखनऊ और हिमाचल प्रदेश का निवासी बताया है। फिलहाल उनके नाम और पते का सत्यापन किया जा रहा है।
रेलवे ने मामले में वन विभाग से समन्वय स्थापित किया है और संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई प्रक्रियाधीन है।
सारण में एयर ड्रॉपिंग से राहत सामग्री पहुंचाई गई
मुख्यमंत्री  सम्राट चौधरी के निर्देश पर सारण के पानापुर प्रखंड में बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए हेलीकॉप्टर से ड्राई राशन पैकेट्स की एयर ड्रॉपिंग की गई। सारण जिला प्रशासन की मांग पर त्वरित कार्रवाई करते हुए गोरखपुर से हेलीकॉप्टर मंगवाया गया। अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर राहत सामग्री पहुंचाने की व्यवस्था का निरीक्षण किया।
छपरा के श्यामचक स्थित संजीवनी नर्सिंग होम में 10 अक्टूबर तक मरीजों का होगा नि:शुल्क इलाज, नहीं लगेगा परामर्श शुल्क
सारण जिले के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में जिला प्रशासन द्वारा राहत एवं बचाव कार्य लगातार जारी है। प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए निष्क्रमण अभियान चलाया जा रहा है। जरूरत के अनुसार प्रशासनिक एवं राहत दलों को सक्रिय रखा गया है।

बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए कम्युनिटी किचन के माध्यम से नियमित भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। वहीं पेयजल, राहत सामग्री और अन्य जरूरी सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं।

प्रशासन ने बाढ़ प्रभावित मवेशियों की सुरक्षा और उपचार के लिए पशु चिकित्सा दलों को भी सक्रिय किया है। साथ ही विभिन्न स्थानों पर पशु चारा वितरण केंद्र स्थापित किए गए हैं, जहां जरूरत के अनुसार चारा उपलब्ध कराया जा रहा है। जिला प्रशासन द्वारा मानव और पशुधन दोनों की सुरक्षा को लेकर लगातार निगरानी की जा रही है और स्थिति के अनुसार तत्काल कार्रवाई की जा रही है।
सारण में बाढ़ के बीच प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद, रात से ही युद्धस्तर पर राहत-बचाव अभियान जारी—NDRF-SDRF की टीमें मैदान में, प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के साथ सामुदायिक रसोई, मेडिकल टीम और राहत सामग्री की व्यवस्था तेज
सारण में बाढ़ की स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन ने राहत एवं बचाव कार्य युद्धस्तर पर तेज कर दिया है। NDRF के साथ SDRF की 10 अतिरिक्त नावें रेस्क्यू अभियान में लगाई गई हैं। जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव लगातार प्रभावित क्षेत्रों का जायजा ले रहे हैं। पानी में फंसे लोगों को प्राथमिकता के आधार पर सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया जा रहा है।
सारण में बाढ़ की स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है। NH-722 पर बाढ़ का पानी आने के बाद फंसे लोगों के रेस्क्यू के लिए जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव और पुलिस अधीक्षक रोशन कुमार स्वयं नाव से मौके पर पहुंचे और बचाव अभियान की निगरानी की।

मकेर प्रखंड के बाढ़ प्रभावित पंचायतों से भी लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है। NDRF, SDRF और अन्य बचाव दलों को सक्रिय रखा गया है। प्रशासन की प्राथमिकता पानी में फंसे हर व्यक्ति को सुरक्षित निकालना और प्रभावित क्षेत्रों में राहत-बचाव कार्य तत्काल जारी रखना है।
सारण तटबंध टूटा: पानापुर के सरौजा-भगवानपुर में मची अफरा-तफरी, तरैया के कई गांवों पर बाढ़ का खतरा
सक्षम आंगनबाड़ी एवं पोषण 2.0 कार्यक्रम के तहत आंगनबाड़ी केंद्रों से जुड़े पात्र लाभार्थियों को अब पारंपरिक शुष्क राशन के स्थान पर रेसिपी आधारित सुदृढ़ीकृत एवं पोषणयुक्त खाद्य उपलब्ध कराया जाएगा। इस पहल का उद्देश्य बच्चों और अन्य पात्र लाभार्थियों को अधिक गुणवत्तापूर्ण एवं संतुलित पोषण उपलब्ध कराना है।
योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए कॉम्फेड (COMFED) को क्रियान्वयन एजेंसी के रूप में नामित किया गया है। इसके माध्यम से निर्धारित मानकों के अनुरूप पोषणयुक्त खाद्य का उत्पादन एवं उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी।
खाद्य सामग्री की गुणवत्ता और खाद्य सुरक्षा बनाए रखने के लिए त्रिस्तरीय गुणवत्ता परीक्षण प्रणाली लागू की जाएगी। इसके तहत खाद्य उत्पादों की गुणवत्ता की विभिन्न स्तरों पर जांच की जाएगी, ताकि लाभार्थियों तक सुरक्षित और निर्धारित पोषण मानकों के अनुरूप खाद्य सामग्री पहुंच सके।
हीमोफीलिया मरीजों को बड़ी राहत

बिहार कैबिनेट ने मुख्यमंत्री हीमोफीलिया योजना के तहत ₹26.33 करोड़ की मंजूरी दी है। इस राशि से हीमोफीलिया के इलाज में उपयोग होने वाली विशेष दवा ‘एमिसिजुमाव’ खरीदी जाएगी। एक वायल की कीमत करीब ₹39,723 है। राज्य में करीब 255 हीमोफीलिया मरीज हैं।
सारण के पानापुर स्थित सरौजा-भगवानपुर में सारण तटबंध आज सुबह टूट गया,अब तरैया के कई गांवों के भी डूबने की आशंका
बिहार सरकार ने 30 वाटर कैनन और 86 नए वज्र वाहन खरीदने को मंजूरी दी है। वाटर कैनन पर ₹26.40 करोड़ और वज्र वाहनों पर ₹36.12 करोड़ खर्च होंगे। इनका उपयोग त्योहार, मेले, रैलियों और आंदोलनों के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने में किया जाएगा।
बिहार कैबिनेट ने वैशाली स्थित बुद्ध सम्यक दर्शन संग्रहालय सह स्मृति स्तूप, संग्रहालय निदेशालय और राजकीय संग्रहालयों के सुचारू संचालन के लिए 35 पदों पर 11 महीने या नियमित नियुक्ति होने तक नियोजन के प्रस्ताव को मंजूरी दी है।

इसके साथ ही भागलपुर में प्रस्तावित डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी कृत्रिम बुद्धिमत्ता एवं कंप्यूटर विज्ञान विश्वविद्यालय तथा मुजफ्फरपुर के शहीद जुब्बा सहनी वास्तुकला एवं असैनिक अभियंत्रण विश्वविद्यालय में प्रशासनिक कार्यों के लिए 34-34 पदाधिकारियों एवं कर्मचारियों के पद सृजित करने की स्वीकृति दी गई है।
सारण में गंडक नदी के बढ़ते जलस्तर से स्थिति भयावह होती जा रही है. मकेर प्रखंड के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भी बाढ़ में डूब गया है.
सारण तटबंध में अचानक रिसाव से मचा हड़कंप! सलेमपुर में मंडराया बाढ़ का खतरा, प्रशासन ने युद्धस्तर पर संभाला मोर्चा

पानापुर के सलेमपुर गांव के पास सारण तटबंध में अचानक रिसाव की सूचना से ग्रामीणों में मची अफरा-तफरी, मौके पर पहुंचे CO-BDO और पुलिस बल; बालू-मिट्टी से भरी बोरियों और मजदूरों की मदद से रिसाव पर पाया गया काबू, फिलहाल स्थिति नियंत्रण में
सारण के मकेर प्रखंड के बाघाकोल और  हैजलपुर में बांध टूटा, कई गांव में घुसा बाढ़ का पानी
सारण के मकेर प्रखंड के हेजलपुर एवं बाधाकोल में सारण तटबंध पर संभावित रिसाव की सूचना के बाद जिला प्रशासन अलर्ट मोड में आ गया है। डीएम वैभव श्रीवास्तव ने स्वयं प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया और जल संसाधन विभाग व बाढ़ नियंत्रण टीम को तत्काल सुरक्षात्मक कार्य तेज करने के निर्देश दिए।

रिसाव वाले स्थानों पर बालू भरे बोरे, बल्ले और अन्य सामग्री उपलब्ध कराई गई है। निगरानी और त्वरित कार्रवाई के लिए SDRF और NDRF की टीमें तैनात की गई हैं। संभावित बाढ़ की स्थिति को देखते हुए नाव, सुरक्षित निष्क्रमण और ठहराव की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जा रही है।

हैजलपुर में दिन-रात कम्युनिटी किचन और मेडिकल कैंप भी संचालित किया जा रहा है। प्रशासन ने लोगों से तटबंध और नदी के आसपास अनावश्यक रूप से नहीं जाने तथा किसी भी आपात स्थिति की सूचना तत्काल देने की अपील की है।
सारण जिले में हृदय रोग की समय पर पहचान और उपचार को आसान बनाने के लिए सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में निःशुल्क ईसीजी जांच की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। जिला अस्पताल से लेकर प्रखंड स्तर के अनुमंडलीय अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र तक कुल 20 स्वास्थ्य संस्थानों में यह सुविधा संचालित है। इसका लाभ खासकर उन मरीजों को मिल रहा है, जिन्हें पहले ईसीजी जांच के लिए निजी जांच केंद्रों या अस्पतालों का रुख करना पड़ता था। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, 1 सितंबर से 23 सितंबर 2026 तक जिले में 1549 लोगों की ईसीजी जांच की गई है।
सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में ही चिकित्सकीय परामर्श के दौरान ईसीजी जांच उपलब्ध होने से मरीजों को जांच के लिए अलग जगह जाने की जरूरत कम हुई है।
पितृपक्ष में मानवता की अनूठी मिसाल: संजीवनी नर्सिंग होम में मरीजों का बिना फीस होगा इलाज, डॉ. अनिल कुमार ने सेवा को बनाया पितरों के प्रति श्रद्धांजलि का माध्यम
सारण में गंडक नदी का जलस्तर बढ़ने से मकेर, परसा, पानापुर और तरैया के निचले इलाकों में पानी पहुंचना शुरू हो गया है। स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन ने बाढ़ निरोधात्मक तैयारियां तेज कर दी हैं।

जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव और वरीय पुलिस अधीक्षक रोशन कुमार ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण कर अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। बाढ़ नियंत्रण एवं जल निस्सरण प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता को तटबंधों की सतत निगरानी और आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित करने को कहा गया है।

प्रशासन ने भंडारित ईसी बैग का भी निरीक्षण किया। गंडक से जुड़े विभिन्न तटबंधों पर विभागीय टीम और जिला प्रशासन द्वारा नाइट पेट्रोलिंग के जरिए लगातार निगरानी की जा रही है।

वहीं, निचले इलाकों में फंसे परिवारों को SDRF टीम द्वारा रेस्क्यू किया जा रहा है।
IAS दिव्या मित्तल ने क्यों दिया इस्तीफा, जानिए दिव्या मित्तल की जुबानी
छपरा बाईपास (NH-19) पर मेथवालिया फ्लाईओवर का LHS हिस्सा मंगलवार शाम 5 बजे से यातायात के लिए खोल दिया गया। अब इस मार्ग से हल्के और भारी दोनों वाहनों का आवागमन शुरू हो गया है।
फ्लाईओवर चालू होने से मेथवालिया चौक पर ट्रैफिक का दबाव कम होने और जाम से राहत मिलने की उम्मीद है। भारी वाहन अब फ्लाईओवर से सीधे गुजर सकेंगे, जिससे बाईपास पर यातायात अधिक सुचारू होगा।
सारण में नशे के कारोबार पर शिकंजा कसने के लिए प्रशासन ने निगरानी और सूचना तंत्र को मजबूत करने का फैसला लिया है। जिला पदाधिकारी वैभव श्रीवास्तव ने नशे के कारोबार से जुड़े संभावित हॉटस्पॉट को चिन्हित कर एक सप्ताह के भीतर जियो टैग लोकेशन सहित रिपोर्ट देने का निर्देश दिया है।

पेडलर्स की गतिविधियों वाले स्थान, सुनसान इलाके, चौक-चौराहे और मंदिरों के आसपास के संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान की जाएगी। सूचना जुटाने में PDS डीलर्स और जीविका दीदियों को भी जोड़ा जाएगा।

नशे की सप्लाई चेन पर नजर रखने के लिए रेलवे थाना, GRP और पुलिस अधिकारियों के बीच समन्वय बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं, स्पिरिट व मादक पदार्थों के संदिग्ध कारोबारियों का फोटो, नाम-पता, मोबाइल नंबर और गोदाम समेत डाटाबेस तैयार किया जाएगा।

एसपी रोशन कुमार ने स्कूलों के 500 मीटर दायरे में ड्रग्स और संदिग्ध गतिविधियों पर विशेष निगरानी के निर्देश दिए।