Public App Logo
Jansamasya
News
पुलिस
Bjp
National
Police
Bihar
India
कांग्रेस
बीजेपी
Gujarat
Congress
Modi
Delhi
Viral
मारपीट
Crime
Jharkhand
Dm
Up
Bollywood
Breakingnews
Narendramodi
Madhya_pradesh
उत्तरप्रदेश
Pmmodi
Rahulgandhi
यूपी
कानपुर
Uttarpradesh

भारतकेवीर

🇮🇳 अगस्त वीर गाथा – 8 अगस्त
8 अगस्त 1942 — वह ऐतिहासिक दिन जब भारत ने अंग्रेज़ी शासन को अंतिम निर्णायक चुनौती दी।
बंबई में भारत छोड़ो प्रस्ताव पारित हुआ और महात्मा गांधी ने देशवासियों को "करो या मरो" का संदेश दिया। अगले ही दिन अंग्रेज़ी सरकार ने बड़े नेताओं को गिरफ्तार कर लिया, लेकिन आंदोलन की आग पूरे देश में फैल चुकी थी।
संवदिया न्यूज़ आज उन लाखों ज्ञात-अज्ञात स्वतंत्रता सेनानियों को नमन करता है, जिन्होंने भारत की आज़ादी के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया।
#भारतछोड़ोआंदोलन #अगस्तवीरगाथा #संवदियान्यूज़ #बिहार #अररिया #रानीगंज #Followers #करोयामरो #भारतीयस्वतंत्रतासंग्राम #भारतकेवीर

🇮🇳 अगस्त वीर गाथा – 8 अगस्त 8 अगस्त 1942 — वह ऐतिहासिक दिन जब भारत ने अंग्रेज़ी शासन को अंतिम निर्णायक चुनौती दी। बंबई में भारत छोड़ो प्रस्ताव पारित हुआ और महात्मा गांधी ने देशवासियों को "करो या मरो" का संदेश दिया। अगले ही दिन अंग्रेज़ी सरकार ने बड़े नेताओं को गिरफ्तार कर लिया, लेकिन आंदोलन की आग पूरे देश में फैल चुकी थी। संवदिया न्यूज़ आज उन लाखों ज्ञात-अज्ञात स्वतंत्रता सेनानियों को नमन करता है, जिन्होंने भारत की आज़ादी के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया। #भारतछोड़ोआंदोलन #अगस्तवीरगाथा #संवदियान्यूज़ #बिहार #अररिया #रानीगंज #Followers #करोयामरो #भारतीयस्वतंत्रतासंग्राम #भारतकेवीर

Raniganj, Araria | Aug 8, 2026

अगस्त वीर गाथा में आज जानिए अगस्त क्रांति को 
#भारतछोड़ोआंदोलन #अगस्तवीरगाथा #संवदियान्यूज़ #बिहार #अररिया #रानीगंज #Followers #करोयामरो #भारतीयस्वतंत्रतासंग्राम #भारतकेवीर

अगस्त वीर गाथा में आज जानिए अगस्त क्रांति को #भारतछोड़ोआंदोलन #अगस्तवीरगाथा #संवदियान्यूज़ #बिहार #अररिया #रानीगंज #Followers #करोयामरो #भारतीयस्वतंत्रतासंग्राम #भारतकेवीर

Raniganj, Araria | Aug 8, 2026

सरफ़रोशी की तमन्ना लेकर फाँसी के फंदे को चूमने वाले अमर क्रांतिकारी – राम प्रसाद बिस्मिल

अगस्त वीर गाथा – 3 अगस्त

संवदिया न्यूज़ डेस्क की प्रस्तुति

अगस्त माह हमारे भारतीय स्वतंत्रता संग्राम की वीर गाथाओं का प्रतीक है।
संवदिया न्यूज़ इस पूरे माह उन महान क्रांतिकारियों और राष्ट्रनायकों की अमर गाथाएँ आपके समक्ष प्रस्तुत कर रहा है, जिनके त्याग, बलिदान और अदम्य साहस ने भारत की स्वतंत्रता की नींव रखी। आज की वीर गाथा के नायक हैं—अमर क्रांतिकारी पंडित राम प्रसाद बिस्मिल।

भारतीय स्वतंत्रता संग्राम का इतिहास वीर सपूतों के अदम्य साहस और बलिदान से भरा पड़ा है। इन्हीं अमर क्रांतिकारियों में एक नाम है पंडित राम प्रसाद बिस्मिल, जिन्होंने अपने जीवन का प्रत्येक क्षण भारत माता की आज़ादी के लिए समर्पित कर दिया। वे केवल एक क्रांतिकारी ही नहीं, बल्कि महान कवि, लेखक और संगठनकर्ता भी थे। उनकी लेखनी और उनकी बंदूक—दोनों का लक्ष्य एक ही था, भारत की स्वतंत्रता।

11 जून 1897 को उत्तर प्रदेश के शाहजहाँपुर में जन्मे राम प्रसाद बिस्मिल बचपन से ही तेजस्वी, स्वाभिमानी और राष्ट्रभक्त थे। आर्य समाज के विचारों और स्वामी दयानंद सरस्वती के सिद्धांतों ने उनके व्यक्तित्व को गहराई से प्रभावित किया। युवावस्था में उन्होंने अंग्रेज़ी शासन के अत्याचारों को देखा और यह संकल्प लिया कि वे भारत को स्वतंत्र कराकर ही दम लेंगे।

देश की आज़ादी के लिए क्रांतिकारी गतिविधियों को संगठित करने के उद्देश्य से उन्होंने अपने साथियों के साथ हिंदुस्तान रिपब्लिकन एसोसिएशन (HRA) को मजबूत किया। संगठन को चलाने और हथियार खरीदने के लिए धन की आवश्यकता थी। इसी उद्देश्य से 9 अगस्त 1925 को काकोरी ट्रेन एक्शन को अंजाम दिया गया। यह घटना अंग्रेज़ी शासन की नींव हिलाने वाली साबित हुई। इस अभियान में राम प्रसाद बिस्मिल के साथ अशफाकउल्ला ख़ाँ, राजेंद्रनाथ लाहिड़ी और ठाकुर रोशन सिंह सहित कई क्रांतिकारी शामिल थे।

काकोरी कांड के बाद अंग्रेज़ सरकार ने व्यापक कार्रवाई शुरू की। अनेक क्रांतिकारी गिरफ्तार हुए और लंबा मुकदमा चला। अंततः राम प्रसाद बिस्मिल को फाँसी की सज़ा सुनाई गई। जेल में भी उनका मनोबल अडिग रहा। उन्होंने अनेक प्रेरक रचनाएँ लिखीं और अपने साथियों का उत्साह बढ़ाते रहे।

19 दिसंबर 1927 को गोरखपुर जेल में राम प्रसाद बिस्मिल हँसते-हँसते फाँसी के फंदे पर झूल गए। कहा जाता है कि अंतिम समय तक उनके मुख पर मुस्कान थी और वे भारत माता की जय तथा वंदे मातरम् का उद्घोष कर रहे थे। उनका बलिदान आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गया।

राम प्रसाद बिस्मिल का नाम "सरफ़रोशी की तमन्ना" जैसी अमर क्रांतिकारी भावना से जुड़ गया। यह पंक्ति आज भी हर भारतीय के भीतर देशभक्ति और त्याग का जज़्बा जगाती है। उनका जीवन हमें सिखाता है कि राष्ट्र के लिए किया गया त्याग कभी व्यर्थ नहीं जाता।

आज जब हम अगस्त वीर गाथा की इस तीसरी कड़ी में अमर क्रांतिकारी राम प्रसाद बिस्मिल को स्मरण कर रहे हैं, तो आइए उनके साहस, त्याग और राष्ट्रप्रेम को अपने जीवन का आदर्श बनाने का संकल्प लें।

संवदिया न्यूज़ भारत माता के इस अमर सपूत को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करता है।

अमर क्रांतिकारी पंडित राम प्रसाद बिस्मिल को शत-शत नमन।
वंदे मातरम्। जय हिन्द।

सरफ़रोशी की तमन्ना लेकर फाँसी के फंदे को चूमने वाले अमर क्रांतिकारी – राम प्रसाद बिस्मिल

#संवदियान्यूज़ #Followers #बिहार #अररिया #रानीगंज #अगस्तवीरगाथा #रामप्रसादबिस्मिल #RamPrasadBismil #काकोरीकांड #सरफ़रोशीकीतमन्ना #भारतीयस्वतंत्रतासंग्राम #अमरक्रांतिकारी #देशभक्ति #वंदेमातरम् #जयहिंद #FreedomFighter #IndianFreedomStruggle #भारतकेवीर #भारतमाताकीजय

सरफ़रोशी की तमन्ना लेकर फाँसी के फंदे को चूमने वाले अमर क्रांतिकारी – राम प्रसाद बिस्मिल अगस्त वीर गाथा – 3 अगस्त संवदिया न्यूज़ डेस्क की प्रस्तुति अगस्त माह हमारे भारतीय स्वतंत्रता संग्राम की वीर गाथाओं का प्रतीक है। संवदिया न्यूज़ इस पूरे माह उन महान क्रांतिकारियों और राष्ट्रनायकों की अमर गाथाएँ आपके समक्ष प्रस्तुत कर रहा है, जिनके त्याग, बलिदान और अदम्य साहस ने भारत की स्वतंत्रता की नींव रखी। आज की वीर गाथा के नायक हैं—अमर क्रांतिकारी पंडित राम प्रसाद बिस्मिल। भारतीय स्वतंत्रता संग्राम का इतिहास वीर सपूतों के अदम्य साहस और बलिदान से भरा पड़ा है। इन्हीं अमर क्रांतिकारियों में एक नाम है पंडित राम प्रसाद बिस्मिल, जिन्होंने अपने जीवन का प्रत्येक क्षण भारत माता की आज़ादी के लिए समर्पित कर दिया। वे केवल एक क्रांतिकारी ही नहीं, बल्कि महान कवि, लेखक और संगठनकर्ता भी थे। उनकी लेखनी और उनकी बंदूक—दोनों का लक्ष्य एक ही था, भारत की स्वतंत्रता। 11 जून 1897 को उत्तर प्रदेश के शाहजहाँपुर में जन्मे राम प्रसाद बिस्मिल बचपन से ही तेजस्वी, स्वाभिमानी और राष्ट्रभक्त थे। आर्य समाज के विचारों और स्वामी दयानंद सरस्वती के सिद्धांतों ने उनके व्यक्तित्व को गहराई से प्रभावित किया। युवावस्था में उन्होंने अंग्रेज़ी शासन के अत्याचारों को देखा और यह संकल्प लिया कि वे भारत को स्वतंत्र कराकर ही दम लेंगे। देश की आज़ादी के लिए क्रांतिकारी गतिविधियों को संगठित करने के उद्देश्य से उन्होंने अपने साथियों के साथ हिंदुस्तान रिपब्लिकन एसोसिएशन (HRA) को मजबूत किया। संगठन को चलाने और हथियार खरीदने के लिए धन की आवश्यकता थी। इसी उद्देश्य से 9 अगस्त 1925 को काकोरी ट्रेन एक्शन को अंजाम दिया गया। यह घटना अंग्रेज़ी शासन की नींव हिलाने वाली साबित हुई। इस अभियान में राम प्रसाद बिस्मिल के साथ अशफाकउल्ला ख़ाँ, राजेंद्रनाथ लाहिड़ी और ठाकुर रोशन सिंह सहित कई क्रांतिकारी शामिल थे। काकोरी कांड के बाद अंग्रेज़ सरकार ने व्यापक कार्रवाई शुरू की। अनेक क्रांतिकारी गिरफ्तार हुए और लंबा मुकदमा चला। अंततः राम प्रसाद बिस्मिल को फाँसी की सज़ा सुनाई गई। जेल में भी उनका मनोबल अडिग रहा। उन्होंने अनेक प्रेरक रचनाएँ लिखीं और अपने साथियों का उत्साह बढ़ाते रहे। 19 दिसंबर 1927 को गोरखपुर जेल में राम प्रसाद बिस्मिल हँसते-हँसते फाँसी के फंदे पर झूल गए। कहा जाता है कि अंतिम समय तक उनके मुख पर मुस्कान थी और वे भारत माता की जय तथा वंदे मातरम् का उद्घोष कर रहे थे। उनका बलिदान आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गया। राम प्रसाद बिस्मिल का नाम "सरफ़रोशी की तमन्ना" जैसी अमर क्रांतिकारी भावना से जुड़ गया। यह पंक्ति आज भी हर भारतीय के भीतर देशभक्ति और त्याग का जज़्बा जगाती है। उनका जीवन हमें सिखाता है कि राष्ट्र के लिए किया गया त्याग कभी व्यर्थ नहीं जाता। आज जब हम अगस्त वीर गाथा की इस तीसरी कड़ी में अमर क्रांतिकारी राम प्रसाद बिस्मिल को स्मरण कर रहे हैं, तो आइए उनके साहस, त्याग और राष्ट्रप्रेम को अपने जीवन का आदर्श बनाने का संकल्प लें। संवदिया न्यूज़ भारत माता के इस अमर सपूत को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करता है। अमर क्रांतिकारी पंडित राम प्रसाद बिस्मिल को शत-शत नमन। वंदे मातरम्। जय हिन्द। सरफ़रोशी की तमन्ना लेकर फाँसी के फंदे को चूमने वाले अमर क्रांतिकारी – राम प्रसाद बिस्मिल #संवदियान्यूज़ #Followers #बिहार #अररिया #रानीगंज #अगस्तवीरगाथा #रामप्रसादबिस्मिल #RamPrasadBismil #काकोरीकांड #सरफ़रोशीकीतमन्ना #भारतीयस्वतंत्रतासंग्राम #अमरक्रांतिकारी #देशभक्ति #वंदेमातरम् #जयहिंद #FreedomFighter #IndianFreedomStruggle #भारतकेवीर #भारतमाताकीजय

Raniganj, Araria | Aug 3, 2026

Latest भारतकेवीर News Videos - Watch the Latest News of August 16, 2026 | Public App