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पेपरलेस रजिस्ट्री 2.0 एवं ऑटो इंतकाल प्रणाली से राजस्व सेवाओं में आएगी नई पारदर्शिता : विपुल गोयल

Aonenews अरविन्द बक्शी 
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने की नई डिजिटल व्यवस्था की शुरुआत, किसानों और भू-स्वामियों को मिलेगी बड़ी राहत

हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने मंगलवार को प्रदेश में पेपरलेस रजिस्ट्री 2.0 (द्वितीय चरण) एवं ऑटो इंतकाल प्रणाली का शुभारंभ किया। इस नई व्यवस्था के माध्यम से अब रजिस्ट्री और इंतकाल की प्रक्रिया को आपस में जोड़ दिया गया है, जिससे भूमि संबंधी सेवाएं अधिक पारदर्शी, सरल और समयबद्ध होंगी तथा प्रदेश के लाखों किसानों, भू-स्वामियों एवं आम नागरिकों को इसका सीधा लाभ मिलेगा।
इस अवसर पर हरियाणा सरकार के कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘डिजिटल इंडिया’ के विजन और मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में हरियाणा डिजिटल सुशासन की दिशा में निरंतर नए आयाम स्थापित कर रहा है। डिजिटल क्रांति ही विकसित भारत और विकसित हरियाणा के संकल्प को साकार करने का मजबूत आधार है। हमारी सरकार जनकल्याण के लिए पूर्ण रूप से समर्पित है तथा पारदर्शी और तकनीक आधारित व्यवस्था के प्रति प्रतिबद्ध है।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की दूरदर्शी सोच के अनुरूप प्रदेश में प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सरल और नागरिक केंद्रित बनाया जा रहा है। वर्ष 2025 में लाडवा तहसील से प्रारंभ की गई पेपरलेस रजिस्ट्री व्यवस्था को पूरे प्रदेश में सफलतापूर्वक लागू किया गया और अब इसके दूसरे चरण में कई महत्वपूर्ण सुधारों को शामिल करते हुए ऑटो इंतकाल प्रणाली को भी इससे जोड़ दिया गया है। इससे नागरिकों को अलग से इंतकाल के लिए आवेदन करने अथवा विभिन्न कार्यालयों के चक्कर लगाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।

विपुल गोयल ने कहा कि नई व्यवस्था के तहत जिन मामलों में खेवट विभाजन की आवश्यकता नहीं होगी, उनमें 24 घंटे के भीतर स्वतः इंतकाल स्वीकृत हो जाएगा, जबकि जिन मामलों में खेवट विभाजन आवश्यक होगा, उनमें अधिकतम 10 दिनों के भीतर प्रक्रिया पूरी कर दी जाएगी। इससे राजस्व संबंधी कार्यों में तेजी आएगी तथा किसानों और भू-स्वामियों को बड़ी राहत मिलेगी।
उन्होंने कहा कि नई प्रणाली में आधार आधारित ई-केवाईसी को अनिवार्य किया गया है, जिससे रजिस्ट्री में शामिल दोनों पक्षों की पहचान का शत-प्रतिशत सत्यापन सुनिश्चित होगा। डिजिटल हस्ताक्षर और बायोमेट्रिक सत्यापन की व्यवस्था लागू होने से फर्जी दस्तावेजों और भूमि विवादों की संभावनाओं में कमी आएगी तथा पूरी प्रक्रिया अधिक सुरक्षित और विश्वसनीय बनेगी।

कैबिनेट मंत्री ने कहा कि सरकार ने रजिस्ट्री प्रक्रिया को और अधिक सुविधाजनक बनाया है। अब यदि कोई व्यक्ति, कंपनी, संस्था अथवा एनआरआई स्वयं उपस्थित नहीं हो सकता, तो वह एक से अधिक प्रतिनिधियों को अधिकृत कर सकेगा। इसके अतिरिक्त डीड को नागरिक स्वयं, डीड राइटर, अधिवक्ता अथवा हेल्प डेस्क की सहायता से भी तैयार कर सकेंगे।
उन्होंने कहा कि नई प्रणाली में रजिस्ट्री के समय ही भूमि की प्राइम एवं नॉन-प्राइम श्रेणी की जानकारी स्वतः उपलब्ध होगी, जिससे सर्किल रेट और स्टांप ड्यूटी निर्धारण में पारदर्शिता बढ़ेगी। डीटीपी एवं एनओसी से संबंधित सत्यापन भी ऑनलाइन किए जाने से अलग-अलग दस्तावेज जमा करने की आवश्यकता समाप्त हो जाएगी। साथ ही विभिन्न स्तरों पर किए जाने वाले कार्यों का एकीकरण कर पूरी प्रक्रिया को और अधिक प्रभावी बनाया गया है।

विपुल गोयल ने कहा कि राज्य सरकार ने लंबित इंतकाल मामलों के निस्तारण के लिए विशेष अभियान चलाया है, जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। लगभग पांच लाख लंबित मामलों में से चार लाख से अधिक मामलों का समाधान किया जा चुका है और प्रारंभिक चरण में ही करीब 50 हजार इंतकाल स्वतः दर्ज किए जा चुके हैं। सरकार का लक्ष्य शेष लंबित मामलों का भी शीघ्र निपटारा सुनिश्चित करना है।
उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार का उद्देश्य नागरिकों को तकनीक आधारित, पारदर्शी और भ्रष्टाचार मुक्त सेवाएं उपलब्ध कराना है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में प्रदेश सुशासन और डिजिटल परिवर्तन के नए मानक स्थापित कर रहा है। विकसित भारत के संकल्प के साथ विकसित हरियाणा के निर्माण की दिशा में सरकार निरंतर कार्य कर रही है और आने वाले समय में भी जनहित में ऐसे नवाचारों को प्राथमिकता दी जाती रहेगी।
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पेपरलेस रजिस्ट्री 2.0 एवं ऑटो इंतकाल प्रणाली से राजस्व सेवाओं में आएगी नई पारदर्शिता : विपुल गोयल Aonenews अरविन्द बक्शी मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने की नई डिजिटल व्यवस्था की शुरुआत, किसानों और भू-स्वामियों को मिलेगी बड़ी राहत हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने मंगलवार को प्रदेश में पेपरलेस रजिस्ट्री 2.0 (द्वितीय चरण) एवं ऑटो इंतकाल प्रणाली का शुभारंभ किया। इस नई व्यवस्था के माध्यम से अब रजिस्ट्री और इंतकाल की प्रक्रिया को आपस में जोड़ दिया गया है, जिससे भूमि संबंधी सेवाएं अधिक पारदर्शी, सरल और समयबद्ध होंगी तथा प्रदेश के लाखों किसानों, भू-स्वामियों एवं आम नागरिकों को इसका सीधा लाभ मिलेगा। इस अवसर पर हरियाणा सरकार के कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘डिजिटल इंडिया’ के विजन और मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में हरियाणा डिजिटल सुशासन की दिशा में निरंतर नए आयाम स्थापित कर रहा है। डिजिटल क्रांति ही विकसित भारत और विकसित हरियाणा के संकल्प को साकार करने का मजबूत आधार है। हमारी सरकार जनकल्याण के लिए पूर्ण रूप से समर्पित है तथा पारदर्शी और तकनीक आधारित व्यवस्था के प्रति प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की दूरदर्शी सोच के अनुरूप प्रदेश में प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सरल और नागरिक केंद्रित बनाया जा रहा है। वर्ष 2025 में लाडवा तहसील से प्रारंभ की गई पेपरलेस रजिस्ट्री व्यवस्था को पूरे प्रदेश में सफलतापूर्वक लागू किया गया और अब इसके दूसरे चरण में कई महत्वपूर्ण सुधारों को शामिल करते हुए ऑटो इंतकाल प्रणाली को भी इससे जोड़ दिया गया है। इससे नागरिकों को अलग से इंतकाल के लिए आवेदन करने अथवा विभिन्न कार्यालयों के चक्कर लगाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। विपुल गोयल ने कहा कि नई व्यवस्था के तहत जिन मामलों में खेवट विभाजन की आवश्यकता नहीं होगी, उनमें 24 घंटे के भीतर स्वतः इंतकाल स्वीकृत हो जाएगा, जबकि जिन मामलों में खेवट विभाजन आवश्यक होगा, उनमें अधिकतम 10 दिनों के भीतर प्रक्रिया पूरी कर दी जाएगी। इससे राजस्व संबंधी कार्यों में तेजी आएगी तथा किसानों और भू-स्वामियों को बड़ी राहत मिलेगी। उन्होंने कहा कि नई प्रणाली में आधार आधारित ई-केवाईसी को अनिवार्य किया गया है, जिससे रजिस्ट्री में शामिल दोनों पक्षों की पहचान का शत-प्रतिशत सत्यापन सुनिश्चित होगा। डिजिटल हस्ताक्षर और बायोमेट्रिक सत्यापन की व्यवस्था लागू होने से फर्जी दस्तावेजों और भूमि विवादों की संभावनाओं में कमी आएगी तथा पूरी प्रक्रिया अधिक सुरक्षित और विश्वसनीय बनेगी। कैबिनेट मंत्री ने कहा कि सरकार ने रजिस्ट्री प्रक्रिया को और अधिक सुविधाजनक बनाया है। अब यदि कोई व्यक्ति, कंपनी, संस्था अथवा एनआरआई स्वयं उपस्थित नहीं हो सकता, तो वह एक से अधिक प्रतिनिधियों को अधिकृत कर सकेगा। इसके अतिरिक्त डीड को नागरिक स्वयं, डीड राइटर, अधिवक्ता अथवा हेल्प डेस्क की सहायता से भी तैयार कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि नई प्रणाली में रजिस्ट्री के समय ही भूमि की प्राइम एवं नॉन-प्राइम श्रेणी की जानकारी स्वतः उपलब्ध होगी, जिससे सर्किल रेट और स्टांप ड्यूटी निर्धारण में पारदर्शिता बढ़ेगी। डीटीपी एवं एनओसी से संबंधित सत्यापन भी ऑनलाइन किए जाने से अलग-अलग दस्तावेज जमा करने की आवश्यकता समाप्त हो जाएगी। साथ ही विभिन्न स्तरों पर किए जाने वाले कार्यों का एकीकरण कर पूरी प्रक्रिया को और अधिक प्रभावी बनाया गया है। विपुल गोयल ने कहा कि राज्य सरकार ने लंबित इंतकाल मामलों के निस्तारण के लिए विशेष अभियान चलाया है, जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। लगभग पांच लाख लंबित मामलों में से चार लाख से अधिक मामलों का समाधान किया जा चुका है और प्रारंभिक चरण में ही करीब 50 हजार इंतकाल स्वतः दर्ज किए जा चुके हैं। सरकार का लक्ष्य शेष लंबित मामलों का भी शीघ्र निपटारा सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार का उद्देश्य नागरिकों को तकनीक आधारित, पारदर्शी और भ्रष्टाचार मुक्त सेवाएं उपलब्ध कराना है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में प्रदेश सुशासन और डिजिटल परिवर्तन के नए मानक स्थापित कर रहा है। विकसित भारत के संकल्प के साथ विकसित हरियाणा के निर्माण की दिशा में सरकार निरंतर कार्य कर रही है और आने वाले समय में भी जनहित में ऐसे नवाचारों को प्राथमिकता दी जाती रहेगी। #childprodigy #VipulGoelBJP #cmharyana #InternationalYogaDay #BJPHaryana #cmsaini

Faridabad, Faridabad | Jun 23, 2026

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