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🚨 हरिद्वार पुलिस का बड़ा प्रहार: नकली नोट छापने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़; प्रिंटर, लैपटॉप और भारी मात्रा में जाली नोट बरामद! 💸⚠️

🔥 अर्थव्यवस्था पर प्रहार की साजिश नाकाम: ऑनलाइन मंगाया पेपर और सॉफ्टवेयर से तैयार करते थे जाली नोट; 3 और शातिर गिरफ्तार! 👇

हरिद्वार: हरिद्वार की श्यामपुर पुलिस ने नकली नोट तैयार कर देश की अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचाने वाले एक संगठित गिरोह की कमर तोड़ दी है। पुलिस ने इस मामले में बीते दिनों हुई गिरफ्तारियों के बाद मिली सूचनाओं के आधार पर सोमवार को एक और बड़ी कार्रवाई करते हुए गिरोह के 3 और सदस्यों को दबोच लिया है।

प्रमुख कार्रवाई और बरामदगी:

घेराबंदी: पुलिस को सूचना मिली थी कि आरोपी नकली नोट और प्रिंटिंग उपकरण लेकर कार से बिजनौर (उत्तर प्रदेश) की ओर जा रहे हैं। त्वरित कार्रवाई करते हुए लालढांग तिराहे पर घेराबंदी कर पुलिस ने वाहन को रोका और तलाशी ली।

बरामदगी का विवरण:

नकली नोट: लगभग 50,000 रुपये के बिना कटे (Uncut) जाली नोट और 25 पेपरशीट।

उपकरण: 1 लैपटॉप और 2 प्रिंटर।

अन्य सामग्री: नोट छापने में इस्तेमाल किए गए 500 रुपये के 4 असली नोट।

गिरोह का 'मॉडस ऑपरेंडी' (काम करने का तरीका):

पूछताछ में आरोपियों ने चौंकाने वाले खुलासे किए:

सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल: आरोपी शगुन असली नोट की फोटो खींचकर उसे सॉफ्टवेयर और मोबाइल ऐप्स की मदद से एडिट करता था, ताकि प्रिंट की गुणवत्ता असली जैसी लगे।

ऑनलाइन सामग्री: गिरोह का मुख्य सदस्य गुलजार नकली नोट छापने के लिए विशेष पेपर ऑनलाइन मंगवाता था।

बाजार में खपाने की योजना: आरोपी देवेंद्र ने कबूल किया कि इससे पहले भी उन्होंने बिजनौर क्षेत्र में करीब 1 लाख रुपये के नोट छापे थे, जिनमें से लगभग 60,000 रुपये के जाली नोट वे बाजार में खपा भी चुके थे। लालच बढ़ने पर उन्होंने अपने नेटवर्क को और विस्तार दिया।

पुलिस प्रशासन का बयान:

एसपी क्राइम निशा यादव ने बताया कि आरोपियों ने पूर्व में वन कर्मियों के साथ मारपीट की घटना को भी अंजाम दिया था। यह एक संगठित गिरोह है जो लंबे समय से इस अवैध कारोबार में लिप्त था। पुलिस टीम द्वारा की गई यह दूसरी बड़ी कार्रवाई है, जिससे इस गैंग का नेटवर्क पूरी तरह ध्वस्त हो गया है।

"यह एक संगठित गिरोह है जो तकनीक और ऑनलाइन संसाधनों का दुरुपयोग कर नकली नोट तैयार कर रहा था। बरामदगी के आधार पर इनके पूरे नेटवर्क और अन्य साथियों की गहनता से जांच की जा रही है।" — निशा यादव, एसपी क्राइम, हरिद्वार।

💬 आपकी राय: डिजिटल युग में नकली नोटों के बढ़ते खतरे को देखते हुए, आम नागरिकों को लेनदेन के समय और अधिक सतर्क रहने की आवश्यकता है। आप इस बारे में क्या सोचते हैं? अपने विचार साझा करें। 🔄

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🚨 हरिद्वार पुलिस का बड़ा प्रहार: नकली नोट छापने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़; प्रिंटर, लैपटॉप और भारी मात्रा में जाली नोट बरामद! 💸⚠️ 🔥 अर्थव्यवस्था पर प्रहार की साजिश नाकाम: ऑनलाइन मंगाया पेपर और सॉफ्टवेयर से तैयार करते थे जाली नोट; 3 और शातिर गिरफ्तार! 👇 हरिद्वार: हरिद्वार की श्यामपुर पुलिस ने नकली नोट तैयार कर देश की अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचाने वाले एक संगठित गिरोह की कमर तोड़ दी है। पुलिस ने इस मामले में बीते दिनों हुई गिरफ्तारियों के बाद मिली सूचनाओं के आधार पर सोमवार को एक और बड़ी कार्रवाई करते हुए गिरोह के 3 और सदस्यों को दबोच लिया है। प्रमुख कार्रवाई और बरामदगी: घेराबंदी: पुलिस को सूचना मिली थी कि आरोपी नकली नोट और प्रिंटिंग उपकरण लेकर कार से बिजनौर (उत्तर प्रदेश) की ओर जा रहे हैं। त्वरित कार्रवाई करते हुए लालढांग तिराहे पर घेराबंदी कर पुलिस ने वाहन को रोका और तलाशी ली। बरामदगी का विवरण: नकली नोट: लगभग 50,000 रुपये के बिना कटे (Uncut) जाली नोट और 25 पेपरशीट। उपकरण: 1 लैपटॉप और 2 प्रिंटर। अन्य सामग्री: नोट छापने में इस्तेमाल किए गए 500 रुपये के 4 असली नोट। गिरोह का 'मॉडस ऑपरेंडी' (काम करने का तरीका): पूछताछ में आरोपियों ने चौंकाने वाले खुलासे किए: सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल: आरोपी शगुन असली नोट की फोटो खींचकर उसे सॉफ्टवेयर और मोबाइल ऐप्स की मदद से एडिट करता था, ताकि प्रिंट की गुणवत्ता असली जैसी लगे। ऑनलाइन सामग्री: गिरोह का मुख्य सदस्य गुलजार नकली नोट छापने के लिए विशेष पेपर ऑनलाइन मंगवाता था। बाजार में खपाने की योजना: आरोपी देवेंद्र ने कबूल किया कि इससे पहले भी उन्होंने बिजनौर क्षेत्र में करीब 1 लाख रुपये के नोट छापे थे, जिनमें से लगभग 60,000 रुपये के जाली नोट वे बाजार में खपा भी चुके थे। लालच बढ़ने पर उन्होंने अपने नेटवर्क को और विस्तार दिया। पुलिस प्रशासन का बयान: एसपी क्राइम निशा यादव ने बताया कि आरोपियों ने पूर्व में वन कर्मियों के साथ मारपीट की घटना को भी अंजाम दिया था। यह एक संगठित गिरोह है जो लंबे समय से इस अवैध कारोबार में लिप्त था। पुलिस टीम द्वारा की गई यह दूसरी बड़ी कार्रवाई है, जिससे इस गैंग का नेटवर्क पूरी तरह ध्वस्त हो गया है। "यह एक संगठित गिरोह है जो तकनीक और ऑनलाइन संसाधनों का दुरुपयोग कर नकली नोट तैयार कर रहा था। बरामदगी के आधार पर इनके पूरे नेटवर्क और अन्य साथियों की गहनता से जांच की जा रही है।" — निशा यादव, एसपी क्राइम, हरिद्वार। 💬 आपकी राय: डिजिटल युग में नकली नोटों के बढ़ते खतरे को देखते हुए, आम नागरिकों को लेनदेन के समय और अधिक सतर्क रहने की आवश्यकता है। आप इस बारे में क्या सोचते हैं? अपने विचार साझा करें। 🔄 #HaridwarPolice #FakeCurrencyRacket #CrimeNews #OperationAgainstFakeNotes #ShyampurPolice #UttarakhandNews #EconomySafety #BreakingNews #CyberCrime #Arrested #AntiCrime #DevbhoomiUpdates #StayAlert #PoliceAction #LawAndOrder

Uttarakhand, India | Jul 1, 2026

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