
उत्तराखंड: नेशनल में गोल्ड जीतने वाली खिलाड़ी से मांगी घूस ! #Uttarakhand #PushkarSinghDhami
Dadri, Gautam Buddh Nagar | Aug 12, 2026

#देहरादून : 16 करोड़ का पुल, पहली बरसात और बड़ा गड्ढा! नंदा की चौकी पुल पर बड़ा सवाल! आखिर जिम्मेदार कौन? #AwaazIndiaNational #Uttarakhand #Dehradun #NandaKiChowki #CMDhami #PushkarSinghDhami #LatestNews
Kichha, Udham Singh Nagar | Jul 28, 2026

उत्तराखंड में साहित्यिक पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा, सीएम धामी ने की दो साहित्य ग्राम स्थापित करने की घोषणा #AwaazIndiaNational #Uttarakhand #Dehradun #CMDhami #PushkarSinghDhami #LatestNews
Kichha, Udham Singh Nagar | Jul 28, 2026

हेलीपैड पर नन्हीं छात्रा से मिले सीएम धामी, सिर पर फेरा हाथ, कहा- मुझे पहचानती हो? #AwaazIndiaNational #Uttarakkand #CMDhami #PushkarSinghDhami #ViralVideo #TrendingNews
Kichha, Udham Singh Nagar | Jul 27, 2026

💥 लौट रही है दून बासमती की पुरानी महक: देहरादून में 75 हेक्टेयर में लहराई फसल, किसानों को मिली बड़ी सौगात! 💥 देश-दुनिया में अपनी बेमिसाल खुशबू और स्वाद के लिए प्रसिद्ध देहरादून की पारंपरिक 'दून बासमती' एक बार फिर खेतों में लहलहाने लगी है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के संकल्प और जिला प्रशासन की दूरदर्शी पहल के चलते विलुप्त होने की कगार पर पहुंची दून बासमती के पुनर्जीवन (Rejuvenation) के प्रयास अब रंग लाने लगे हैं। वर्ष 2025 में 65 हेक्टेयर में किए गए सफल ट्रायल के बाद, इस बार इसकी खेती का दायरा बढ़ाकर 75 हेक्टेयर कर दिया गया है। 🌾 4 ब्लॉक के 160 किसान कर रहे हैं रोपाई जिला प्रशासन के अनुसार, देहरादून जिले के चार प्रमुख ब्लॉकों—सहसपुर, विकासनगर, रायपुर और डोईवाला में लगभग 160 किसान 'टाइप 2.2' दून बासमती की बड़े पैमाने पर रोपाई कर रहे हैं। सीड बैंक और टेस्टिंग लैब: जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने बताया कि दून बासमती की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए बीज संरक्षण, टेस्टिंग और ब्रांडिंग पर विशेष जोर दिया जा रहा है। इसके लिए विकासनगर में एक सीड बैंक और आधुनिक टेस्टिंग लैब स्थापित की जाएगी। किसानों को बंपर फायदा: मुख्य विकास अधिकारी (CDO) अभिनव शाह ने जानकारी दी कि REAP योजना के तहत पिछले साल किसानों से 200 क्विंटल से अधिक धान ₹65 प्रति किलो की आकर्षक दर से खरीदा गया, जिसके बदले किसानों के खातों में 13 लाख रुपये से अधिक की राशि भेजी गई। 📈 खोई पहचान वापस पाने का लक्ष्य एक दौर ऐसा था जब देहरादून में करीब 550 हेक्टेयर से अधिक क्षेत्रफल में पारंपरिक बासमती उगाई जाती थी, लेकिन शहरीकरण और घटते रकबे के कारण यह घटकर महज 150-200 हेक्टेयर तक सिमट कर रह गई थी। अब जिला प्रशासन का मुख्य उद्देश्य दून बासमती को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फिर से एक मजबूत प्रीमियम ब्रांड के रूप में स्थापित करना है, ताकि स्थानीय किसानों की आय में भारी इजाफा हो सके। 💬 आपकी राय और विचार पारंपरिक 'दून बासमती' के जीर्णोद्धार और किसानों को ₹65 प्रति किलो की दर से सीधा फायदा पहुंचाने की इस सरकारी पहल पर आपकी क्या राय है? अपने विचार नीचे कमेंट बॉक्स में जरूर साझा करें! देहरादून और देवभूमि के कृषि विकास से जुड़ी इस बेहद सकारात्मक खबर को शेयर जरूर करें! 👍 #DehradunNews #DoonBasmati #UttarakhandAgriculture #PushkarSinghDhami #DehradunDM #REAPScheme #FarmerEmpowerment #DehradunUpdates
Uttarakhand, India | Jul 27, 2026