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Investigation

3-4 महीने में ही दरक गई ₹8.13 लाख की नई पीसीसी सड़क, नगर पंचायत के निर्माण कार्य पर उठे सवाल
संवदिया न्यूज (अररिया) – बिहार
रानीगंज (अररिया)। नगर विकास एवं आवास विभाग के तहत नगर पंचायत रानीगंज के वार्ड संख्या-07 में लगभग ₹8,13,500 की लागत से निर्मित पीसीसी (PCC) सड़क महज़ 3 से 4 महीने के भीतर ही जगह-जगह से दरकने लगी है। सड़क पर आई लंबी दरारों और किनारों के टूटने की तस्वीरों ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों ने मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषी पाए जाने वालों पर कार्रवाई की मांग की है।
मौके पर दिखाई दे रही स्थिति के अनुसार सड़क के बीच और किनारों पर स्पष्ट दरारें पड़ चुकी हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क का निर्माण हाल ही में पूरा हुआ था, लेकिन पहली ही बारिश और सामान्य आवागमन के बाद इसकी सतह टूटने लगी।
शिलापट्ट के अनुसार यह योजना "नगर पंचायत रानीगंज अंतर्गत वार्ड संख्या-07 में नगर मुख्यालय मुख्य सड़क से गुड्डू यादव के घर से मायानंद यादव के घर तक PCC सड़क निर्माण कार्य" के लिए स्वीकृत की गई थी। योजना की प्राक्कलित राशि ₹8,13,500 थी। शिलापट्ट के अनुसार इसका शिलान्यास मुख्य पार्षद श्रीमती रूपा देवी द्वारा किया गया था। इस अवसर पर उप मुख्य पार्षद श्रीमती सुभद्रा देवी, वार्ड पार्षद श्री बीरेन्द्र मुखिया सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अतिथि उपस्थित थे।
निर्माण गुणवत्ता पर उठ रहे गंभीर सवाल
स्थानीय लोगों का कहना है कि सरकारी राशि से बनने वाली सड़क से वर्षों तक टिकाऊ रहने की अपेक्षा की जाती है। ऐसे में कुछ ही महीनों में सड़क का क्षतिग्रस्त होना निर्माण कार्य की गुणवत्ता और निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है। लोगों का कहना है कि यदि निर्माण कार्य निर्धारित मानकों के अनुरूप हुआ होता, तो सड़क इतनी जल्दी नहीं टूटती।
कार्यपालक पदाधिकारी से लेकर निर्माण एजेंसी तक पर उठ रहे सवाल
सड़क की वर्तमान स्थिति को लेकर स्थानीय लोगों के बीच चर्चा है कि निर्माण कार्य की गुणवत्ता की निगरानी किस स्तर पर की गई। लोगों का कहना है कि नगर पंचायत के कार्यपालक पदाधिकारी, निर्माण एजेंसी (संवेदक) तथा निर्माण कार्य की तकनीकी निगरानी से जुड़े संबंधित अधिकारियों की भूमिका की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। हालांकि, इस मामले में अब तक किसी सक्षम प्राधिकारी द्वारा किसी अधिकारी, अभियंता या संवेदक की जिम्मेदारी तय नहीं की गई है।
जांच और कार्रवाई की मांग
स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन, नगर विकास एवं आवास विभाग तथा नगर पंचायत रानीगंज से मांग की है कि सड़क निर्माण की तकनीकी एवं गुणवत्ता जांच कराई जाए। यदि जांच में निर्माण कार्य में अनियमितता, मानकों की अनदेखी या किसी प्रकार की लापरवाही सामने आती है, तो संबंधित संवेदक एवं जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई करते हुए सड़क का गुणवत्तापूर्ण पुनर्निर्माण कराया जाए।
योजना का विवरण (शिलापट्ट के अनुसार)
योजना: नगर पंचायत रानीगंज, वार्ड संख्या-07 में नगर मुख्यालय मुख्य सड़क से गुड्डू यादव के घर से मायानंद यादव के घर तक PCC सड़क निर्माण कार्य।
प्राक्कलित राशि: ₹8,13,500
विभाग: नगर विकास एवं आवास विभाग, बिहार सरकार

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3-4 महीने में ही दरक गई ₹8.13 लाख की नई पीसीसी सड़क, नगर पंचायत के निर्माण कार्य पर उठे सवाल संवदिया न्यूज (अररिया) – बिहार रानीगंज (अररिया)। नगर विकास एवं आवास विभाग के तहत नगर पंचायत रानीगंज के वार्ड संख्या-07 में लगभग ₹8,13,500 की लागत से निर्मित पीसीसी (PCC) सड़क महज़ 3 से 4 महीने के भीतर ही जगह-जगह से दरकने लगी है। सड़क पर आई लंबी दरारों और किनारों के टूटने की तस्वीरों ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों ने मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषी पाए जाने वालों पर कार्रवाई की मांग की है। मौके पर दिखाई दे रही स्थिति के अनुसार सड़क के बीच और किनारों पर स्पष्ट दरारें पड़ चुकी हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क का निर्माण हाल ही में पूरा हुआ था, लेकिन पहली ही बारिश और सामान्य आवागमन के बाद इसकी सतह टूटने लगी। शिलापट्ट के अनुसार यह योजना "नगर पंचायत रानीगंज अंतर्गत वार्ड संख्या-07 में नगर मुख्यालय मुख्य सड़क से गुड्डू यादव के घर से मायानंद यादव के घर तक PCC सड़क निर्माण कार्य" के लिए स्वीकृत की गई थी। योजना की प्राक्कलित राशि ₹8,13,500 थी। शिलापट्ट के अनुसार इसका शिलान्यास मुख्य पार्षद श्रीमती रूपा देवी द्वारा किया गया था। इस अवसर पर उप मुख्य पार्षद श्रीमती सुभद्रा देवी, वार्ड पार्षद श्री बीरेन्द्र मुखिया सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अतिथि उपस्थित थे। निर्माण गुणवत्ता पर उठ रहे गंभीर सवाल स्थानीय लोगों का कहना है कि सरकारी राशि से बनने वाली सड़क से वर्षों तक टिकाऊ रहने की अपेक्षा की जाती है। ऐसे में कुछ ही महीनों में सड़क का क्षतिग्रस्त होना निर्माण कार्य की गुणवत्ता और निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है। लोगों का कहना है कि यदि निर्माण कार्य निर्धारित मानकों के अनुरूप हुआ होता, तो सड़क इतनी जल्दी नहीं टूटती। कार्यपालक पदाधिकारी से लेकर निर्माण एजेंसी तक पर उठ रहे सवाल सड़क की वर्तमान स्थिति को लेकर स्थानीय लोगों के बीच चर्चा है कि निर्माण कार्य की गुणवत्ता की निगरानी किस स्तर पर की गई। लोगों का कहना है कि नगर पंचायत के कार्यपालक पदाधिकारी, निर्माण एजेंसी (संवेदक) तथा निर्माण कार्य की तकनीकी निगरानी से जुड़े संबंधित अधिकारियों की भूमिका की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। हालांकि, इस मामले में अब तक किसी सक्षम प्राधिकारी द्वारा किसी अधिकारी, अभियंता या संवेदक की जिम्मेदारी तय नहीं की गई है। जांच और कार्रवाई की मांग स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन, नगर विकास एवं आवास विभाग तथा नगर पंचायत रानीगंज से मांग की है कि सड़क निर्माण की तकनीकी एवं गुणवत्ता जांच कराई जाए। यदि जांच में निर्माण कार्य में अनियमितता, मानकों की अनदेखी या किसी प्रकार की लापरवाही सामने आती है, तो संबंधित संवेदक एवं जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई करते हुए सड़क का गुणवत्तापूर्ण पुनर्निर्माण कराया जाए। योजना का विवरण (शिलापट्ट के अनुसार) योजना: नगर पंचायत रानीगंज, वार्ड संख्या-07 में नगर मुख्यालय मुख्य सड़क से गुड्डू यादव के घर से मायानंद यादव के घर तक PCC सड़क निर्माण कार्य। प्राक्कलित राशि: ₹8,13,500 विभाग: नगर विकास एवं आवास विभाग, बिहार सरकार #Raniganj #RaniganjNagarPanchayat #Ward07 #Araria #Bihar #BiharNews #ArariaNews #PCCRoad #RoadConstruction #RoadQuality #NagarPanchayat #UrbanDevelopment #PublicMoney #Development #Investigation #BreakingNews #LocalNews #संवदिया_न्यूज #रानीगंज #नगर_पंचायत #अररिया #बिहार #सड़क_निर्माण #पीसीसी_सड़क #गुणवत्ता #जांच_की_मांग #भ्रष्टाचार #विकास_की_पोल #Follow #Followers

Raniganj, Araria | Aug 4, 2026

आत्महत्या या कुछ और? सेक्टर-14 की कोठी में मेड की मौ+त से मचा हड़कंप, जांच शुरू

कोठी में काम करने वाली मेड नाबालिक बताई जा रही है*सूत्र 

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Faridabad, Faridabad | Aug 2, 2026

बड़ा सवाल : छिपा जवाब? 
17 जुलाई का आदेश 28 जुलाई को क्यों आया सामने, नगर पालिका उरई जांच पर उठे नए सवाल

उरई नगर पालिका जांच में बड़ा फेरबदल! रिंकू सिंह राही हटे, नई जांच टीम पर उठने लगे सवाल

नगर पालिका परिषद उरई में कथित अनियमितताओं की जांच को लेकर एक बार फिर नया विवाद खड़ा हो गया है। 
जांच समिति में बदलाव से जुड़ा 17 जुलाई 2026 का कार्यालय ज्ञापन अब 28 जुलाई को सार्वजनिक होने के बाद जिले में चर्चाओं का विषय बन गया है। 
खास बात यह है कि यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब नगर पालिका से जुड़े मामले की जांच को लेकर पहले से ही लोगों की नजरें प्रशासन पर टिकी हुई थीं।

रिकॉर्ड के अनुसार, नगर पालिका उरई में कथित अनियमितताओं की शिकायतों के बाद जिलाधिकारी के आदेश से 18 जून 2026 को तीन सदस्यीय जांच समिति गठित की गई थी। 
समिति में अपर जिलाधिकारी (नमामि गंगे) प्रेमचंद्र मौर्य अध्यक्ष, तत्कालीन एसडीएम जालौन रिंकू सिंह राही सदस्य तथा अधिशासी अभियंता अमित कुमार सक्सेना सदस्य बनाए गए थे।

बाद में रिंकू सिंह राही के स्थानांतरण के चलते 17 जुलाई को जारी कार्यालय ज्ञापन के माध्यम से उनकी जगह वर्तमान एसडीएम जालौन राकेश कुमार सोनी को जांच समिति का सदस्य नामित कर दिया गया। 
आदेश में इसे स्थानांतरण के कारण किया गया प्रशासनिक संशोधन बताया गया है।

हालांकि, आदेश सार्वजनिक होने के समय को लेकर अब कई सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय स्तर पर चर्चा है कि 17 जुलाई को जारी आदेश 28 जुलाई को ही व्यापक रूप से क्यों सामने आया?
 क्या यह केवल दस्तावेज़ के सार्वजनिक होने में देरी थी, या इसके पीछे कोई अन्य प्रशासनिक कारण था? 
फिलहाल इन सवालों का आधिकारिक जवाब सामने नहीं आया है।

इसी बीच यह मामला इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि नगर पालिका परिषद उरई में कथित अनियमितताओं की जांच को लेकर लोगों की अपेक्षाएं पहले से ही बढ़ी हुई थीं।
 ऐसे में जांच समिति में बदलाव और उसके आदेश के देर से चर्चा में आने पर विभिन्न तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।

अब लोगों की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि जांच समिति अपनी रिपोर्ट कब सौंपेगी, शिकायतों में लगाए गए आरोपों की जांच किस निष्कर्ष पर पहुंचेगी और यदि किसी स्तर पर अनियमितता पाई जाती है तो क्या कार्रवाई होगी।

बड़ा सवाल: 17 जुलाई का आदेश 28 जुलाई को चर्चा में क्यों आया? 
क्या यह सामान्य प्रशासनिक प्रक्रिया थी या केवल दस्तावेज़ के सार्वजनिक होने में देरी? 
इसका उत्तर संबंधित अधिकारी ही स्पष्ट कर सकते हैं।

आपकी क्या राय है? 
क्या इस पूरे घटनाक्रम पर प्रशासन को विस्तृत स्पष्टीकरण देना चाहिए?
 अपनी राय कमेंट बॉक्स में जरूर लिखें।

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बड़ा सवाल : छिपा जवाब? 17 जुलाई का आदेश 28 जुलाई को क्यों आया सामने, नगर पालिका उरई जांच पर उठे नए सवाल उरई नगर पालिका जांच में बड़ा फेरबदल! रिंकू सिंह राही हटे, नई जांच टीम पर उठने लगे सवाल नगर पालिका परिषद उरई में कथित अनियमितताओं की जांच को लेकर एक बार फिर नया विवाद खड़ा हो गया है। जांच समिति में बदलाव से जुड़ा 17 जुलाई 2026 का कार्यालय ज्ञापन अब 28 जुलाई को सार्वजनिक होने के बाद जिले में चर्चाओं का विषय बन गया है। खास बात यह है कि यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब नगर पालिका से जुड़े मामले की जांच को लेकर पहले से ही लोगों की नजरें प्रशासन पर टिकी हुई थीं। रिकॉर्ड के अनुसार, नगर पालिका उरई में कथित अनियमितताओं की शिकायतों के बाद जिलाधिकारी के आदेश से 18 जून 2026 को तीन सदस्यीय जांच समिति गठित की गई थी। समिति में अपर जिलाधिकारी (नमामि गंगे) प्रेमचंद्र मौर्य अध्यक्ष, तत्कालीन एसडीएम जालौन रिंकू सिंह राही सदस्य तथा अधिशासी अभियंता अमित कुमार सक्सेना सदस्य बनाए गए थे। बाद में रिंकू सिंह राही के स्थानांतरण के चलते 17 जुलाई को जारी कार्यालय ज्ञापन के माध्यम से उनकी जगह वर्तमान एसडीएम जालौन राकेश कुमार सोनी को जांच समिति का सदस्य नामित कर दिया गया। आदेश में इसे स्थानांतरण के कारण किया गया प्रशासनिक संशोधन बताया गया है। हालांकि, आदेश सार्वजनिक होने के समय को लेकर अब कई सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय स्तर पर चर्चा है कि 17 जुलाई को जारी आदेश 28 जुलाई को ही व्यापक रूप से क्यों सामने आया? क्या यह केवल दस्तावेज़ के सार्वजनिक होने में देरी थी, या इसके पीछे कोई अन्य प्रशासनिक कारण था? फिलहाल इन सवालों का आधिकारिक जवाब सामने नहीं आया है। इसी बीच यह मामला इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि नगर पालिका परिषद उरई में कथित अनियमितताओं की जांच को लेकर लोगों की अपेक्षाएं पहले से ही बढ़ी हुई थीं। ऐसे में जांच समिति में बदलाव और उसके आदेश के देर से चर्चा में आने पर विभिन्न तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। अब लोगों की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि जांच समिति अपनी रिपोर्ट कब सौंपेगी, शिकायतों में लगाए गए आरोपों की जांच किस निष्कर्ष पर पहुंचेगी और यदि किसी स्तर पर अनियमितता पाई जाती है तो क्या कार्रवाई होगी। बड़ा सवाल: 17 जुलाई का आदेश 28 जुलाई को चर्चा में क्यों आया? क्या यह सामान्य प्रशासनिक प्रक्रिया थी या केवल दस्तावेज़ के सार्वजनिक होने में देरी? इसका उत्तर संबंधित अधिकारी ही स्पष्ट कर सकते हैं। आपकी क्या राय है? क्या इस पूरे घटनाक्रम पर प्रशासन को विस्तृत स्पष्टीकरण देना चाहिए? अपनी राय कमेंट बॉक्स में जरूर लिखें। #BreakingNews #Jalaun #Orai #NagarPalikaOrai #JalaunNews #UPNews #Investigation #Inquiry #RinkuSinghRahi #RakeshKumarSoni #RajeshKumarPandey #ADM #Transparency #Accountability #MunicipalCouncil #HindiNews #GroundReport #Exclusive #PublicInterest #Question #NewsAlert #LatestNews #LocalNews #Trending #ViralNews #SonuMaharaj #CrimeReporter #JalaunUpdates #FactCheck #PublicDiscussion

Kalpi, Jalaun | Jul 28, 2026

Bihar news : विद्यालय में कथित आपत्तिजनक व्यवहार के आरोप से हंगामा, जांच के बाद होगी कार्रवाई। पश्चिम चंपारण जिले के नरकटियागंज प्रखंड स्थित राजकीय प्राथमिक विद्यालय बारवा-2 में शिक्षक और शिक्षिका के कथित आपत्तिजनक व्यवहार के आरोपों को लेकर सोमवार को जमकर हंगामा हो गया। छात्रों द्वारा लगाए गए आरोपों के बाद बड़ी संख्या में अभिभावक और ग्रामीण विद्यालय पहुंच गए तथा दोनों शिक्षकों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए विरोध प्रदर्शन किया। बताया जा रहा है कि विद्यालय में पढ़ाई शुरू होने के कुछ समय बाद कुछ छात्रों ने शिक्षक रामप्रवेश पासवान और शिक्षिका गीतांजलि कुमारी को कथित रूप से आपत्तिजनक स्थिति में देखने का दावा किया। छात्रों ने इसकी जानकारी प्रभारी प्रधानाध्यापिका और अपने अभिभावकों को दी। सूचना फैलते ही विद्यालय परिसर में ग्रामीणों और अभिभावकों की भीड़ जुट गई, जिससे माहौल तनावपूर्ण हो गया।घटना की सूचना मिलते ही प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी डॉ. संजय कुमार सिंह एवं स्थानीय पुलिस टीम विद्यालय पहुंची। अधिकारियों ने ग्रामीणों और अभिभावकों से बातचीत कर स्थिति को शांत कराया। शिक्षा विभाग ने मामले को गंभीर मानते हुए तत्काल जांच शुरू कर दी है।
प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी डॉ. संजय कुमार सिंह ने बताया कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जा रही है। जांच रिपोर्ट के आधार पर दोनों शिक्षकों के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि निलंबन सहित आवश्यक कार्रवाई के लिए वरीय अधिकारियों को प्रतिवेदन भेजा जा रहा है। वहीं, आरोपित शिक्षक रामप्रवेश पासवान ने अपने ऊपर लगाए गए सभी आरोपों को पूरी तरह निराधार और झूठा बताया है। उनका कहना है कि उन्हें साजिश के तहत बदनाम करने का प्रयास किया जा रहा है। फिलहाल पुलिस और शिक्षा विभाग पूरे मामले की जांच में जुटे हैं। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने और आधिकारिक रिपोर्ट आने के बाद ही आरोपों की सत्यता स्पष्ट हो सकेगी। विभाग ने स्पष्ट किया है कि जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसी के आधार पर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। #BiharNews #WestChamparan #Narkatiaganj #SchoolNews #Education #Investigation #BreakingNews #Bihar #Police #Students #Teachers #Parents #ViralNews #HindiNews #LatestNews

Bihar news : विद्यालय में कथित आपत्तिजनक व्यवहार के आरोप से हंगामा, जांच के बाद होगी कार्रवाई। पश्चिम चंपारण जिले के नरकटियागंज प्रखंड स्थित राजकीय प्राथमिक विद्यालय बारवा-2 में शिक्षक और शिक्षिका के कथित आपत्तिजनक व्यवहार के आरोपों को लेकर सोमवार को जमकर हंगामा हो गया। छात्रों द्वारा लगाए गए आरोपों के बाद बड़ी संख्या में अभिभावक और ग्रामीण विद्यालय पहुंच गए तथा दोनों शिक्षकों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए विरोध प्रदर्शन किया। बताया जा रहा है कि विद्यालय में पढ़ाई शुरू होने के कुछ समय बाद कुछ छात्रों ने शिक्षक रामप्रवेश पासवान और शिक्षिका गीतांजलि कुमारी को कथित रूप से आपत्तिजनक स्थिति में देखने का दावा किया। छात्रों ने इसकी जानकारी प्रभारी प्रधानाध्यापिका और अपने अभिभावकों को दी। सूचना फैलते ही विद्यालय परिसर में ग्रामीणों और अभिभावकों की भीड़ जुट गई, जिससे माहौल तनावपूर्ण हो गया।घटना की सूचना मिलते ही प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी डॉ. संजय कुमार सिंह एवं स्थानीय पुलिस टीम विद्यालय पहुंची। अधिकारियों ने ग्रामीणों और अभिभावकों से बातचीत कर स्थिति को शांत कराया। शिक्षा विभाग ने मामले को गंभीर मानते हुए तत्काल जांच शुरू कर दी है। प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी डॉ. संजय कुमार सिंह ने बताया कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जा रही है। जांच रिपोर्ट के आधार पर दोनों शिक्षकों के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि निलंबन सहित आवश्यक कार्रवाई के लिए वरीय अधिकारियों को प्रतिवेदन भेजा जा रहा है। वहीं, आरोपित शिक्षक रामप्रवेश पासवान ने अपने ऊपर लगाए गए सभी आरोपों को पूरी तरह निराधार और झूठा बताया है। उनका कहना है कि उन्हें साजिश के तहत बदनाम करने का प्रयास किया जा रहा है। फिलहाल पुलिस और शिक्षा विभाग पूरे मामले की जांच में जुटे हैं। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने और आधिकारिक रिपोर्ट आने के बाद ही आरोपों की सत्यता स्पष्ट हो सकेगी। विभाग ने स्पष्ट किया है कि जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसी के आधार पर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। #BiharNews #WestChamparan #Narkatiaganj #SchoolNews #Education #Investigation #BreakingNews #Bihar #Police #Students #Teachers #Parents #ViralNews #HindiNews #LatestNews

Bettiah, West Champaran | Jul 28, 2026

जमुई पुलिस अलर्ट, वायरल ऑडियो मामले में निष्पक्ष जांच का भरोसा।

अस्वीकरण: इस समाचार में उल्लिखित वायरल ऑडियो और उसमें लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। मामला फिलहाल जांचाधीन है और पुलिस द्वारा जांच जारी है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही तथ्यों की आधिकारिक पुष्टि हो सकेगी।

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जमुई पुलिस अलर्ट, वायरल ऑडियो मामले में निष्पक्ष जांच का भरोसा। अस्वीकरण: इस समाचार में उल्लिखित वायरल ऑडियो और उसमें लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। मामला फिलहाल जांचाधीन है और पुलिस द्वारा जांच जारी है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही तथ्यों की आधिकारिक पुष्टि हो सकेगी। #Jamui #JamuiNews #Bihar #BiharNews #Laxmipur #Police #JamuiPolice #SPJamui #VishwajeetDayal #SDPOSatishSuman #ViralAudio #Investigation #BreakingNews #HindiNews #NewsUpdate #SevanTakNews #SevenTakNews #बिहार #जमुई #लक्ष्मीपुर #वायरल_ऑडियो #पुलिस_जांच #भ्रष्टाचार #अवैध_वसूली #ब्रेकिंग_न्यूज़ #सेवन_तक_न्यूज़

Sono, Jamui | Jul 28, 2026

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